Category: Rashifal

  • इस इलाके में 4 घरों में लगी भीषण आग

    चंबाः जनजातीय उपमंडल पांगी की ग्राम पंचायत शौर में बीते दिन भयंकर अग्निकांड में दो मंजिला के 4 मकान जलकर राख हो गए। आग की इस घटना में तीन परिवार प्रभावित हुए है। प्रभावितों में 2 सगे भाई भी शामिल है। इस घटना में प्रभावित परिवारों की जिंदगी भर की जमापूंजी आग में जलकर राख हो गई। आरंभिक तौर पर आग की इस घटना में 40 से 50 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान है। प्रथम दृष्टया आग लगने की वजह बिजली का शाट सर्किट माना जा रहा है।

    उपमंडलीय प्रशासन की ओर से तहसीलदार शांता कुमार ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने के साथ ही हलका पटवारी को नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश जारी कर दिए है। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों को 10- 10 हजार रुपए की फौरी राहत के अलावा राशन व सामग्री भी उपलब्ध करवा दी है। शौर गांव के लुद्र सिंह के पुराने मकान के उपरी हिस्से अचानक आग की लपटें उठता देख मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।

    उन्होंने मकान को भडक़ी आग पर काबू पाने के लिए राहत व बचाव कार्य आरंभ कर दिए। मगर आग ने भयंकर रूप धारण करते हुए लुद्र सिंह के दूसरे मकान सहित योगराज व केहर सिंह के मकानों को भी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते सभी दोमंजिला मकान अंदर रखे सामान सहित जलकर राख हो गए। उधर, तहसीलदार पांगी शांता कुमार ने शौर गांव में आग की चपेट में आकर 4 दो मंजिला मकानों के जलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि प्रभावितों को फौरी राहत के अलावा राशन व अन्य सामग्री उपलब्ध करवा दी गई है। उन्होंने हल्का कानूनगो व पटवारी को आग से हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी दे दिए गए है।

  • भीषण हादसाः बस ने 8 गाड़ियों को मारी टक्कर , मची चीख-पुखार, देखें वीडियो

    शिमलाः हिमाचल के शिमला में सर्कुलर रोड पर इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) के पास शुक्रवार दोपहर के वक्त भीषण सड़क हादसा होने का मामला सामने आया है। जहां प्राइवेट बस ने 8 गाड़ियों को टक्कर मारकर नुकसान पहुंचाया। इस दौरान बस में बैठी सवारियों में चीख पुखार मच गई। ग़नीमत यह रही कि इस हादसे कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्राइवेट बस के चालक को चलती बस में ही चक्कर आ गया। इसके बाद IGMC कालेज एवं कैंसर अस्पताल के ठीक नीचे सर्कुलर रोड पर पार्क गाड़ियों को टक्कर लगी। इससे कई गाड़ियों को काफी नुकसान हुआ है। हादसे के वक्त बस में काफी सवारियां थीं, लेकिन किसी को कोई चोट नहीं आई। ड्राइवर को IGMC शिमला में भर्ती कराया गया। इसके बाद सर्कुलर रोड पर करीब एक घंटे तक वाहनों की लंबी लंबी कतारें लग गई।

  • बड़ी खबरः CM की अचानक बिगड़ी तबीयत, IGMC में कराया भर्ती

    शिमलाः हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की बुधवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) में भर्ती करवाया गया है। जानकारी के मुताबिक, सीएम सुक्खू के पेट में इंफेक्शन होने के चलते उन्हें अस्पताल लाया गया है।

    इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का अल्ट्रासाउंड करवाया गया है। अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट नॉर्मल है और उनकी हालत भी पूरी तरह स्थिर है। डॉक्टर्स ने मुख्यमंत्री की स्वास्थ्य की जांच की है और सभी रिपोर्ट नार्मल पाई गई हैं। वे अभी इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में ही भर्ती हैं। उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। ऑब्जर्वेशन में उनके कई अन्य टेस्ट भी किए जाएंगे।

    सीएम सुक्खू की तबीयत बिगड़ने के बाद उनके समर्थकों और चाहने वालों में चिंता का माहौल बन गया है। उनके चाहने वाले उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। हालांकि, राहत भरी बात यह है कि डॉक्टर ने मुख्यमंत्री की तबीयत को पूरी तरह स्थिर बताया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को ऑब्जरवेशन में रखने के साथ जरूरी टेस्ट करने के बाद जल्द ही अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी।

    इससे पहले सीएम सुक्खू पूरी तरह स्वस्थ थे। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को पुनर्वास योजना के तहत भारी बारिश और भूस्खलन से आई आपदा से प्रभावित जिला बिलासपुर के 1 हजार 162 परिवारों को 8.97 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि वितरित की थी। उन्होंने जिला बिलासपुर में आपदा के दौरान जिन 94 प्रभावित परिवारों के घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए थे, उन्हें पहली किस्त के रूप में 3-3 लाख रुपये प्रदान किए थे।

  • संतोषगढ़ व वीटन में छात्रों ने सीखे आपदा से लड़ने का गुर

    संतोषगढ़ व वीटन में छात्रों ने सीखे आपदा से लड़ने का गुर

    मॉक ड्रिल में जवानों ने दिखाये करतव
    ऊना/सुशील पंडित :हरोली क्षेत्र के सिनियर सकेंडरी स्कूल वीटन व संतोषगढ़ में फायर ब्रिगेड टीम टाहलीवाल ने   मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस मौके पर फायरमैन अशोक कुमार  पर आधारित टीम में शामिल यशवीर सिंह , हरमेश सिंह व प्यारा सिंह ने छात्रों  को आपदा से बचने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जवानों ने मॉक ड्रिल करके आपदा की स्थिति अपने आप का बचाव करते हुए अन्य लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के बारे में प्रेक्टिकल करके दिखाया गया और बताया गया की आपदा के समय अपना बचाव करते हुए अन्य लोगों की अनमोल जानों को बचाने का जिम्मा हम सभी का होता है। हम तो चाहते हैं कि आपदा घटित ही ना हो लेकिन यदि घटित होती है तो ऐसी स्थिति में हमें अपनी आत्मरक्षा करने व जान माल को बचाने का हूनर होना सबके लिए  जरूरी है। उन्होंने छात्रों को आपदा की स्थिति से निपटने के विभिन्न उदाहरण देकर टिप्स दिए।  ।इस मौके  स्कूल प्रिंसिपल समेत स्टाफ उपस्थित रहे।
  • पंजाब का पानी दे रहा कैंसर को बढ़ावा, IIT के शोधकर्ताओं का खुलासा

    पंजाब का पानी दे रहा कैंसर को बढ़ावा, IIT के शोधकर्ताओं का खुलासा

    मंडीः पंजाब के दक्षिण पश्चिमी क्षेत्र का भूजल यानी पानी कैंसर को बढ़ावा दे रहा है। पानी की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में अगर शीघ्र कारगर कदम नहीं उठाए गए तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी ) मंडी के शोधार्थियों ने साल 2000 से 2020 तक पंजाब में पीने के पानी की गुणवत्ता में हो रहे बदलावों पर रिसर्च किया है। रिसर्च का उद्देश्य नाइट्रेट और फ्लोराइड युक्त पानी के सेवन से जुड़े स्वास्थ्य खतरों का आकलन करना और खराब भूजल गुणवत्ता वाले क्षेत्रों को चिन्हित करना था। डेटा विश्लेषण में पंजाब के दक्षिण पश्चिमी क्षेत्र में पानी की गुणवत्ता में गिरावट का पता चला है। इससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के होने का खतरा बढ़ा है। पूर्वोत्तर में तुलनात्मक रूप से भूजल की गुणवत्ता बेहतर है।

    पंजाब में कृषि अवशेषों और मानवीय गतिविधियों के माध्यम से भूजल प्रदूषण बढ़ा है। इस शोध का नेतृत्व आईआईटी मंडी के स्कूल ऑफ सिविल एंड एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. डेरिक्स पी शुक्ल द्वारा किया गया है। इसमें उनका सहयोग पीएचडी की छात्रा सुश्री हरसिमरनजीत कौर रोमाना ने किया है जो कि मूलरूप से पंजाब की रहने वाली है। शोध के निष्कर्ष पर्यावरण विज्ञान एवं प्रदूषण अनुसंधान पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं। इसमें प्रो.रमेश पी सिंह और डॉ. डेरिक्स स्तुति शुक्ल का योगदान भी रहा है।

    देश के ज्यादातर कृषि आधारित राज्यों की तरह पंजाब ने भी पिछली आधी शताब्दी के दौरान अपने फसल पैटर्न में गहरा बदलाव महसूस किया है। इसका मुख्य कारण हरित क्रांति है। इस परिवर्तन ने चावल और गेहूं की उच्च उपज देने वाली दोनों किस्मों के एकाधिकार के प्रभुत्व को जन्म दिया है। इससे पंजाब देश में गेहूं उत्पादन करने वाला दूसरा सबसे बड़ा राज्य बन गया है। दुर्भाग्य से इन गहन कृषि पद्धतियों के कारण अत्यधिक भूजल का दोहन हुआ है। अच्छे मानसून के अभाव में 74 प्रतिशत से अधिक सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भूजल का उपयोग किया गया है। पिछले दो दशकों में मानसून की कमी के कारण तीव्र रूप से भूजल की मांग बढ़ी है।

    भूजल स्तर नीचे जाने से गहराई बढ़ी है। परिणामस्वरूप भूजल की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। भूजल विभाग और स्थानीय किसानों को गहरे भूविज्ञानिक स्तर से भूजल का दोहन करना पड़ रहा है जो भारी धातुओं से भरपूर होता है। इसमें कुछ रेडियोएक्टिव होते हैं। इनका स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। अत्यधिक कृषि गतिविधियों के कारण भूजल प्रदूषण के रूप में लोगों को बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है। पंजाब की 94 प्रतिशत आबादी अपने पीने के पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए भूजल पर निर्भर है, इसलिए भूजल के प्रदूषण के कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हुई हैं।

    पंजाब को कभी देश का रोटी का कटोरा कहा जाता था। वहीं, अब देश की कैंसर राजधानी के रूप में जाना जाता है जो जल प्रदूषण के गंभीर परिणामों और मानव स्वास्थ्य पर इसके प्रतिकूल प्रभाव को दर्शाता है। नाइट्रेट और फ्लोराइड जैसे दूषित पदार्थों से जुड़े स्वास्थ्य खतरों में 10 साल के रुझानों की जांच व साथ ही विशेष रूप से निम्न भूजल गुणवत्ता वाले क्षेत्रों की पहचान भी की गई। पंजाब में 315 से अधिक स्थानों से पीएच विधुत चालकता (ईसी) और विभिन्न आयनों का माप शामिल था। 

    इन परिणामों से एक परेशान करने वाली स्थिति सामने आई है कि पंजाब के दक्षिण पश्चिमी क्षेत्र में पानी की गुणवत्ता में काफी गिरावट आई है। इससे यहां के लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इसके विपरीत हिमालयी नदियों द्वारा पोषित उत्तर पूर्वी क्षेत्रों में पानी की गुणवत्ता तुलनात्मक रूप से बेहतर रही है। शोधार्थियों का मानना है कि पीने और सिंचाई उद्देश्यों के लिए भूजल की गुणवत्ता की जांच पर पंजाब राज्य सरकार को तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। शोध से बहुमूल्य संसाधन और जनमानस के स्वास्थ्य की सुरक्षा से संबंधित उद्देश्यों को पूर्ण होने की उम्मीद बंधी हैं।

  • अर्धनगन अवस्था में महिला का श’व बरामद

    अर्धनगन अवस्था में महिला का श’व बरामद

    जोगिंदर नगरः मंडी ज़िले के जोगिंदर नगर में एक महिला का अर्धनगन अवस्था में शव मिला है। महिला की पहचान सत्या कुमारी (50) पत्नी खेम चंद निवासी गांव छो डाकघर लांगणा तहसील जोगिद्रनगर जिला मंडी के तौर पर हुई है। शव शहर से करीब एक किलोमीटर दूर अपरोच रोड में बने रेन शेल्टर में बरामद हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी संजीव सूद ने पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी है। फोरेंसिक टीम भी मौके के लिए रवाना हो गई है। जानकारी के अनुसार महिला का एक बेटा है जो मनाली की तरफ किसी होटल में काम करता है। मृतका सत्या कुमारी मेहनत मजदूरी का काम करती थी।

  • पेड़ से लटका मिला महिला का श’व, जांच में जुटी पुलिस

    पेड़ से लटका मिला महिला का श’व, जांच में जुटी पुलिस

    जवालीः विधानसभा क्षेत्र फतेहपुर के अधीन फतेहपुर में मुख्य सड़क से 20 से 25 मीटर की दूरी पर एक महिला का पेड़ से लटका हुआ शव मिला है। मृतक महिला की पहचान पूजा के तौर पर हुई है। महिला ने आत्महत्या की है या हत्या हुई है इसको लेकर अभी संशय बरकरार है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी है। वहीं, मृतक महिला के मायके पक्ष वालों ने घटनास्थल पर पहुंचकर जमकर नारेबाजी की। मायके पक्ष वाले ससुराल पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

    गुस्साए लोगों ने रोड़ जाम कर दिया, लेकिन पुलिस के समझाने के बाद मार्ग को बहाल कर दिया गया। मामले की पुष्टि करते हुए एसपी नूरपुर अशोक रतन ने बताया कि मृतक महिला की पहचान पूजा के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने घटना के संबंध में मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही महिला की मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा।

  • श्रद्धालुओं के लिए अहम खबरः Maa Chintpurni दरबार में इन चीजों पर लगा बैन

    श्रद्धालुओं के लिए अहम खबरः Maa Chintpurni दरबार में इन चीजों पर लगा बैन

    ऊनाः नवरात्रों से पहले माता चिंतपूर्णी भक्तों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। अगर आप शारदीय नवरात्र में माता के दरबार जाने की सोच रहे हैं तो जरा रुक जाए क्योंकि इस दौरान मंदिर बंद रहने वाला है। दरअसल, 15 से 23 अक्तूबर शारदीय नवरात्र का पावन पर्व शुरु हो जाएगा। इस दौरान मां चिंतपूर्णी मंदिर 11 बजे से लेकर सुबह 3 बजे तक बंद रहेगा। अधिकारियों ने कहा कि वह श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर खोलने का समय खुद तय करेंगे। बाबा दास सदन में आर.सी.कार पार्किंग तथा शंभू बैरियर पर दर्शन पर्ची लेकर भक्त आगे बढ़ सकते हैं।

    मेले में स्थापित किए जाएंगे मोबाइल शौचालय 

    श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेले में मोबाइल शौचालय स्थापित किए जाएंगे। सफाई व्यवस्था के लिए 40 कर्मचारी भर्ती किए जाएंगे, ताकि गंदगी ना हो। इसके अलावा मेले में 350 गृहरक्षक, 200 पुलिस कर्मचारी और 50 महिला पुलिस कर्मचारी तैनात किए जाएंगे, जो सभी व्यवस्थाओं का ख्याल रखेंगे। वहीं डी.एस.पी. अम्ब पुलिस महिला अधिकारी तथा बी.एम.ओ. अम्ब को मेला चिकित्सा अधिकारी नियुक्त किया गया है।

    इन चीजों पर लगाया गया बैन

    बता दें कि माता चिंतपूर्णी मंदिर में नवरात्र के दौरान ढोल-नगाड़े, अस्त्र-शस्त्र, नारियल ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा माता के मेले में स्पैशल चाइल्ड टीम तैनात की जाएगी , ताकि बच्चे भिक्षा ना मांग सके।

    मिलेंगी ये सुविधाएं

    • माता चिंतपूर्णी में लंगर लगाने के लिए मंदिर कार्यालय में 20 हजार रुपए जमा करवाने पड़ेंगे, जिसमें से 10 हजार साफ-सफाई का निरीक्षण करने के बाद रिफंड कर दिए जाएंगे।
    • श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त दवाइयां और जगह-जगह पानी की व्यवस्था की जाएगी।
    • बड़े वाहन खड़े करने की व्यवस्था पार्किंग में की जाएगी जबकि छोटे वाहनों के लिए बाबा माईदास सदन में पार्किंग बनाई गई है।
    • मेले से पहले श्रद्धालुओं को दर्शन करने के लिए सुगम दर्शन प्रणाली के तहत ऑनलाइन बुकिंग लागू कर दी जाएगी।
  • लड़की को खींचकर ले गया युवक, हादसे में हुई घायल, देखें CCTV

    लड़की को खींचकर ले गया युवक, हादसे में हुई घायल, देखें CCTV

    शिमलाः प्रदेश की राजधानी में अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। जहां सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। दरअसल, उक्त वीडियो में हेलमेट पहने लड़का लड़की को घसीटता हुआ नजर आ रहा है। घटना वहां लगे CCTV में कैद हो गई। तस्वीरों से लग रहा है कि गलत इरादे से युवक लड़की को खिंच युवक रहा है। इस दौरान लड़की भागती हुई नजर आ रही है। हालांकि ये वीडियो 24 सिंतबर की सुबह 5 बजे का है। लेकिन जो वीडियो में नजर आ रहा है, असल में ऐसा कुछ भी नहीं है। 

    दरअसल, पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार लड़का और लड़की आपस में दोस्त है 23 सिंतबर को रात के समय में दोनों ने किसी पब में ज्यादा शराब पी ली थी। इस दौरान जब वह लक्कड़ बाजार पहुंचे तो लड़की ने घर जाने से मना कर दिया और लड़का-लड़की को खिंचते हुए ले जाता है। जिससे लड़की को हल्की चोटे भी आई है। पुलिस को इस घटना के बारे में जानकारी मिली तो घटनास्थल पर पहुंचकर दोनों को पुलिस थाना ले जाया गया। इस दौरान युवती ने शिकायत करने से साफ मना कर दिया और बताया वो दोनों आपस में अच्छे दोस्त है। पुलिस प्रशासन ने दोनों को आईजीएमसी अस्पताल ले जाकर युवती को फर्स्ट एड भी दिलवाया। 

  • पहाड़ी पर अटकी 15 टन वजनी चट्टान, खिसकी तो हो सकता है भारी नुकसान

    पहाड़ी पर अटकी 15 टन वजनी चट्टान, खिसकी तो हो सकता है भारी नुकसान

    बिलासपुरः उपमंडल घुमारवीं के तहत ग्राम पंचायत कोटलू ब्राह्मणा के तहत डून गांव के साथ सटी पहाड़ी पर स्थित भारी भरकम चट्टान से न केवल लोगों की जान खतरे में बल्कि मकानों को भी खतरा बना हुआ है। सुन्हाणी माता सोहणी देवी मंदिर की पहाड़ी पर मौजूद यह चट्टान धीरे धीरे अपना स्थान छोड़ रही है। हालांकि, अब बारिश न होने के कारण यह चट्टान थमी हुई है, लेकिन बारिश के बाद भूस्खलन होता है तो यह कई लोगों की जान ले सकती है। बता दें कि घुमारवीं उपमंडल के तहत बरठीं क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोटलू ब्राह्मणा के साथ सुन्हाणी माता का मंदिर है और इसी के साथ एक पहाड़ी पर करीब 15 टन से अधिक वजनी चट्टान अटकी हुई है।

    मंदिर से करीब पांच सौ मीटर की दूरी पर पहाड़ी से इस बरसात में एक भारी भरकम ल्हासा गिरने का सिलसिला शुरू हुआ था। इसके साथ ही एक भारी भरकम चट्टान भी इस पहाड़ी से नीचे की तरफ खिसक गई तथा यह चट्टान वहीं पर ही थोड़ा से खिसक कर रह गई। क्षेत्र के लोगों में पंडित कांसी राम, रामजीदास, पवन कुमार, संजय कुमार, नानक चंद, देशराज, अमीचंद, विनोद कुमार, वार्ड सदस्य रेखा देवी, सूरजीत सिंह सहित अन्यों के अनुसार अगर यह चट्टान अचानक ही नीचे की तरफ गिरती है।

    तो डून के कुछ घरों को भी अपने चपेट में ले सकती है। उन्होंने बताया कि जब करीब एक महीना पहले भारी बारिश हो रही थी तो दस बजे के करीब जोरदार धमाका होने की आवाज आई थी। वहीं, इस पंचायत के प्रधान पुष्पा देवी व उपप्रधान विवेक सांख्यान ने बताया कि यह चट्टान काफी बड़ी है। हालांकि यह जमीन में धंसी हुई दिखाई दे रही है, लेकिन अगर यह नीचे की तरफ गिरती है तो डून गांव के करीब सात आठ घरों व लोगों को अपनी चपेट में ले सकती है।