Category: Rashifal

  • बारिश के बाद पहाडिय़ों में सीजन की पहली बर्फबारी, देखें खूबसूरत तस्वीरें

    बारिश के बाद पहाडिय़ों में सीजन की पहली बर्फबारी, देखें खूबसूरत तस्वीरें

    शिमलाः हिमाचल प्रदेश में सितंबर महीने में ही बर्फबारी देखने को मिल रही है। पिछले 24 घंटों में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई है। दरअसल, मंगलवार सुबह भरमौर, मणिमहेश, चंबा के सचे दरे, धर्मशाला के धौलाधार और लाहौल-स्पीति के बरलाचा पास पर बर्फबारी हुई। मंगलवार को चंबा के मणिमहेश और भरमौर में बर्फबारी हुई। इसी तरह धर्मशाला के धौलाधार, लाहौल-स्पीति के बारलाचा दर्रे और चंबा के सचे दरे में हल्की बर्फबारी हुई। धौलाधार की पहाडिय़ों पर सीजन की पहली बर्फबारी होने से ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम ठंडा हो गया है। ऐसे में सुबह-शाम लोग ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे है। सोमवार रात से जारी बारिश मंगलवार सुबह तक होती रही।

    मौसम का भयंकर रूप देख लोग सहम गए। दोपहर बाद मौसम खुलने से लोगों से राहत की सांस ली। धौलाधार की पहाडिय़ों पर बर्फबारी से ठंड बढऩी शुरू हो गई है। धौलाधार रेंज के अलावा चंबा के भरमौर में पहाड़ों पर काफी बर्फ गिरी है। हालांकि, मंगलवार को राज्य के अन्य हिस्सों में धूप खिली रही। इसी तरह बुधवार सुबह भी तेज धूप निकली। मौसम विभाग के शिमला केंद्र ने प्रदेश में 6 सितंबर के लिए येलो अलर्ट जारी किया था, जबकि 7 सितंबर को हल्की बारिश हो सकती है।

    लेकिन अगले चार दिन फिर मौसम साफ रहेगा। बिलासपुर में मंगलवार को आए तूफान से मक्के की फसल बर्बाद हो गई है। वहीं, शिमला के कोटखाई में भी सोमवार को ओलावृष्टि से सेब की फसल बर्बाद हो गई। अब मनाली-लेह मार्ग पर भी मौसम बदलना शुरू हो गया है। ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हो रही है। हालांकि, बर्फबारी हल्की थी। हालांकि, मनाली-लेह मार्ग पर पर्यटकों और अन्य वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से चल रही है। वीडियो और तस्वीरों में नजर आ रहा है कि धौलाधार की चोटियां पूरी तरह सफेद हो गई है। गौरतलब है कि हिमाचल में सर्दियों की शुरुआत 15 सितंबर के बाद होती है। इस साल हिमाचल प्रदेश में मौसम के गजब रंग देखने को मिल रहे हैं। अभी सर्दियों की शुरुआत भी नहीं हुई है और ऊंची चोटियों पर हिमपात का दौर शुरू हो गया है।

  • अवैध माईनिंग के खिलाफ महिला अधिकारी की  बड़ी कार्यवाही, देखें वीडियो

    अवैध माईनिंग के खिलाफ महिला अधिकारी की बड़ी कार्यवाही, देखें वीडियो

    मंडी: हिमाचल के मंडी जिला के संधोल की सहायक आयुक्त राजस्व/तहसीलदार ओशिन शर्मा अवैध खनन के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ हैं। वहीं अपने जुदा अंदाज के लिए प्रख्यात एचएएस अधिकारी ओशीन शर्मा का एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। जिसमें लेडी अफसर ओशिन शर्मा ने रात के अंधेरे में बक्कर खड्ड में दबिश देकर अवैध खनन करते दो ट्रैक्टरों को पकड़ा और जुर्माना लगाया। मिली जानकारी के मुताबिक अवैध खनन की गुप्त सूचना मिलने के बाद आधी रात को ओशीन बक्कर खड्ड किनारे पहुंची और वहां पर अवैध खनन करने वालों को कड़ी चेतावनी दी है। एक महिला अधिकारी को आधी रात को देखकर खनन माफिया की हालत पतली हो गई।

    बता दें कि संधोल सहायक आयुक्त राजस्व/तहसीलदार का पद संभालने के बाद से ही ओशिन शर्मा अवैध खनन करने वालों के खिलाफ सख्त दिखीं। हाल ही में खनन माफिया पर बड़ी कार्रवाई अमल में लाई थी। घनाला पंचायत के बल्ला गांव के लोगों की शिकायत पर ओशिन शर्मा ने चार ट्रैक्टर खनन करते हुए पकड़े थे और ट्रैक्टर मालिकों को कार्यालय में तलब किया था। इसके बाद दिन में खनन माफिया ने अवैध खनन गतिविधियां बंद कर दीं थीं और रात के अंधेरे में अवैध खनन को अंजाम दे रहा था। इस बात की भनक लगते ही ओशिन शर्मा ने रात को करीब 10 बजे अकेले ही बक्कर खड्ड में दबिश दे दी। खड्ड में ट्रैक्टरों को खनन करते देख उन्होंने पुलिस को मौके पर बुलाया। जानकारी मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। ओशिन शर्मा और पुलिस टीम को आता देखकर चालक ट्रैक्टर लेकर मौके से भागने लगे। दो ट्रैक्टरों को पकड़कर पांच-पांच हजार रुपए का चालान किया गया। इसमें से एक ट्रैक्टर जल शक्ति विभाग की पेयजल योजना के समीप पकड़ा।

  • सरकार ने राज्य भर में 2 हफ्ते तक कंस्ट्रक्शन पर लगाई रोक

    सरकार ने राज्य भर में 2 हफ्ते तक कंस्ट्रक्शन पर लगाई रोक

    शिमला : मानसून के सीजन में प्राकृतिक आपदा के कारण हजारों करोड़ की क्षति के बाद हिमाचल सरकार ने भवन निर्माण गतिविधियों को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। शनिवार को राज्य सरकार ने डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट की धारा 24(1) का इस्तेमाल करते हुए अगले दो सप्ताह के लिए हिमाचल में सभी तरह की कंस्ट्रक्शन बंद कर दी है। इस अवधि में सिर्फ आपदा प्रभावित भवनों और सडक़ों को दोबारा बनाने का ही काम होगा। साथ ही हिमाचल के छह जिलों में किसी कामर्शियल या टूरिज्म यूनिट को दी गई प्लानिंग परमिशन भी प्रतिबंधित रहेगी। शनिवार को स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के अध्यक्ष और मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने ये आदेश जारी किए।

    इन आदेशों के अनुसार आपदा प्रभावित इमारतों और सडक़ों के पुनर्निर्माण कार्यों को छोडक़र किसी भी प्रकार के निजी विकास और निर्माण गतिविधि के लिए पहाडिय़ों के कटान पर पूरे राज्य में 16 सितंबर तक प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अतिरिक्त शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, सोलन और चंबा जिलों में वाणिज्यिक, पर्यटन इकाइयों के निर्माण के संबंध में 16 सितंबर तक नई योजना अनुमति एवं भवन अनुमति पर प्रतिबंध रहेगा। यह निर्णय प्रदेश में भारी बरसात के कारण आई प्राकृतिक आपदा के दृष्टिगत मानवीय जीवन, आधारभूत संरचना, पारिस्थितिकी की सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है। यह आदेश जारी होने की तिथि से तत्काल प्रभाव से लागू होंगे और इनकी अवहेलना पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

  • टैंक फटने से हुआ धमाका, कई वाहन जलकर  राख, देखें वीडियो

    टैंक फटने से हुआ धमाका, कई वाहन जलकर राख, देखें वीडियो

    मंडी : चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर पंडोह के समीप आठ मील के पास ट्रकों में देर रात आग लग गई। आग लगने के कारण ट्रक पूरी तरह से जलकर राख हो गए हैं। वहीं हादसा इतना भयानक था कि इस हादसे में कई वाहन आग में जलकर राख हो गए हैं। इसमें एक चालक भी झुलसा हैं। जिसे इलाज के लिए मंडी अस्पताल रैफर किया गया है। हादसे का कारण एक ट्रक का फ्यूल टैंक फटना बताया गया है। आग लगने के कारण एक ट्रक में रखे दो छोटे गैस सिलेंडर भी फटने से धमाके हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी और एडीएम मदन ठाकुर घटनास्थल पर पहुंचे।

    बताया जा रहा है कि देर रात को जब गद्दे, सीमेंट लेकर ट्रक जब मनाली की ओर जा रहे थे तो आठ मील के पास आगे चल रहे एक खाली ट्रक के फ्यूल टैंक में एकाएक आग लगी और वह जोरदार धमाके के साथ फट गया। उसके फटने के साथ ही पेट्रोल सड़क पर गिरा और उसमें लगी आग में पीछे चल रहे दो ट्रक को भी चपेट में ले लिया। पिछले ट्रक में गत्ता और गद्दे के कारण आग तेजी से फैली । इसका ट्रक चालक झुलस गया जिसे मंडी जाेनल अस्पताल उपचार के लिए भेजा गया है। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस भी मौके पर पहुंच गई। करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। वहीं सड़क के बीचों बीच आग लगने के कारण पुलिस ने वाहनों को रोक दिया, जिस कारण जाम लग गया। मंडी के कार्यकारी एडीसम मदन ठाकुर ने बताया कि नौ मील में एक ट्रक का फ्यूल टैंक फटने के कारण आग लगी, जिसने पीछे चल रहे गद्दे और सीमेंट के ट्रक को चपेट में ले लिया। आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है।

  • चलती कार में अचानक लगी आग, मचा हड़कंप, देखें वीडियो

    चलती कार में अचानक लगी आग, मचा हड़कंप, देखें वीडियो

    सोलन: हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन में कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर चक्की मोड़ के समीप वैन में अचानक आग लग गई। गनीमत यह रही कि वैन में सवार सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए। बताया जा रहा है कि वैन में शॉट सर्किट हुआ। हालांकि असल कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है। शॉट सर्किट के बाद चलती वैन में आग धुंआ उठने लगा। जिसे देखते हुए वैन में सवार सभी लोग बाहर निकल गए। जितने में वैन से लोग बाहर निकले उतने में आग लग गई।

    देखते ही देखते पूरी वैन आग की चपेट में आ गई। बताया जा रहा है कि यह वैन जाबली से परवाणू की ओर जा रही थी। इस दौरान वैन में एक ठेकेदार के मजदूर थे जो कार्य करने के लिए जा रहे थे। जैसे ही चक्कीमोड़ में भूस्खलन के कारण जाम में फंसी तो वैन में धुंआ उठता हुआ दिखाई दिया। धुंआ उठता देख वैन में बैठे सभी सवार अपनी जान बचाने के लिए बाहर निकल गए। वैन में आग लग जाने के बाद कुछ देर तक यातायात को भी एहतियात के तौर पर रोका गया। वहीं, अग्निशमन विभाग परवाणू को इसकी सूचना दी गई। कुछ देर बाद अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का कार्य शुरू किया।

  • डीजल में मिलेगी 1.50 रुपए प्रति लीटर की छूट, जानें मामला

    डीजल में मिलेगी 1.50 रुपए प्रति लीटर की छूट, जानें मामला

    शिमलाः हिमाचल में आपदा के इस दौर में एचआरटीसी को डीजल में प्रति लीटर 1.50 रुपए छूट मिलती रहेगी। इस बारे में एक पत्र के माध्यम से एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर को इंडियन ऑयल कार्पोरेशन की ओर से जानकारी प्रदान की है। इंडियन ऑयल कार्पोरेशन के इस फैसले से एचआरटीसी को प्रति माह करीब 1 करोड़ रुपए की बचत होगी। वहीं सालाना 10 से 15 करोड़ रुपए की बचत होने का अनुमान है। इंडियन ऑयल कार्पोरेशन ने पहले एचआरटीसी को डीजल पर मिलने वाली छूट को बंद करने का फैसला लिया था। इसके बाद एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर की ओर से केंद्रीय पैट्रोलियम मंत्रालय के समक्ष यह मामला उठाया गया था।

    वहीं इंडियन ऑयल कार्पोरेशन से भी छूट जारी रखने का आग्रह किया गया था। इनके आग्रह पर इंडियन ऑयल कार्पोरेशन ने अपना फैसला वापस ले लिया है। एचआरटीसी को इंडियन ऑयल कार्पोरेशन की ओर से जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि एचआरटीसी को डीजल पर मिलने वाली छूट अब जारी रहेगी। 2 माह से लगातार हुई बारिश से निगम के सैंकड़ों रूट बंद रहे। वहीं कई वर्कशॉप में नुक्सान भी हुआ। बसों के संचालन न होने और बसों के रूटों पर फंसे रहने के कारण निगम को अब तक करीब 30 करोड़ रुपए का नुक्सान हो गया है। इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार कर निगम सरकार को भेजने की तैयारी भी कर रहा है कि कहां कितना नुक्सान हुआ है।

  • इंदिरा खेल मैदान में मेंज़र ध्यानचंद राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता का हुआ शुभारंभ

    इंदिरा खेल मैदान में मेंज़र ध्यानचंद राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता का हुआ शुभारंभ

    खेलों से बच्चे एक दूसरे का सम्मान करना सीखते हैं तो वहीं शारीरिक व मानसिक तौर पर भी मजबूत बनते हैं – राघव शर्मा
    ऊना,/सुशील पंडित: राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर हॉकी के जादूगर मेज़र ध्यानचंद की स्मृति में इंदिरा स्टेडियम ऊना में पुरूषों की दो दिवसीय राज्य स्तरीय हॉकी खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ उपायुक्त राघव शर्मा ने किया। इस मौके पर ऊना विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा विशेष रूप से उपस्थित रहे। 
    इस मौके पर प्रतिभागी खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए उपायुक्त राघव शर्मा ने कहा कि राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन से  प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे निकलने के लिए एक उचित मिलता है।  उन्होंने कहा कि मेज़र ध्यानचंद को दुनिया के महान हॉकी खिलाड़ियों में से एक माना जाता है। मेजर ध्यानचंद को उनके अपने अलग तरीके से गोल करने के लिए भी याद किया जाता है। उन्होंने बताया कि उनकी जन्म तिथि को भारत में ‘राष्ट्रीय खेल दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। मेजर ध्यानचंद को ‘हॉकी का जादूगर’ भी कहा जाता है। इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि खेलों में भाग लेने से अनुशासन की भावना को बल मिलता है। उन्होंने कहा कि खेल गतिविधियों से जहां बच्चे एक दूसरे का सम्मान करना सीखते हैं वहीं वे शारीरिक व मानसिक तौर पर भी मजबूत बनते हैं। 
    उन्होंने कहा कि आज शिक्षा के साथ-साथ खेलों का महत्व भी बढ़ा है तथा खेलों के माध्यम से भी बच्चे अपना बेहतरीन भविष्य बना रहे हैं। उन्होंने बच्चों से खेलकूद गतिविधियों में बढ़चढ़ कर भाग लेने तथा खेलों के माध्यम से अपने क्षेत्र, जिला, प्रदेश व देश का नाम रोशन करने का आहवान किया। 
    विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा ने प्रतिभागी खिलाड़ियों को खेल को खेल की भावना से खेलना का आहवान किया। उन्होंने कहा कि खेलों से जहां एक दूसरे जगह की संस्कृति को सीखने का मौका मिलता है वहीं आपसी भाई-चारे को भी बढ़ावा मिलता है।
    अंडर-19 हॉकी खेल प्रतियोगिता में 9 जिलों की टीमों के लगभग 150 खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का पहला मैच ऊना और हमीपरपुर के बीच खेला गया जिसमें ऊना की हॉकी टीम ने 15 गोल दाग कर टूर्नामेंट के पहले मैच में जीत दर्ज की। ऊना की तरफ से हर्ष ने गोल की हैट्रिक लगाते हुए सर्वाधिक 8 गोल दागे। दूसरा मैच शिमला और कांगड़ा के मध्य खेला गया जिसमें शिमला ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए कांगड़ा को 3-2 के अंतराल से हराया। तीसरा मैच सिरमौर और सोलन के मध्य खेला गया जिसमें सिरमौर ने एक तरफा मैच में सोलन को 9-0 से परासत किया।  चौथा मैच मंड़ी और बिलासपुर के मध्य खेला गया जिसमें मंडी ने बिलासपुर को 3-1 से हराया।
    इस अवसर पर जिला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारी प्रिंस पठानिया ने दो दिवसीय हॉकी प्रतियोगिता के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी प्रदान की।इस अवसर पर प्रदेश महासचिव अभिनाष कपिला, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रविन्द्र सोहड़, पूर्व पार्षद शिव कुमार सैणी, शहरी युथ कांग्रेस अध्यक्ष राघव पुरी, तिलक राज सैणी के अतिरिक्त हॉकी कोच आशीष सेन, पुलकीत शर्मा, जगतार, अजय कटारिया सहित अन्य उपस्थित रहे।
  • विश्वकप के मैच की टिकट को लेकर ICC ने जारी की नई गाइडलाइन

    विश्वकप के मैच की टिकट को लेकर ICC ने जारी की नई गाइडलाइन

    शिमलाः आईसीसी वनडे क्रिकेट विश्वकप का मैच देखने के लिए इस बार माता-पिता को अपने साथ दो साल के बच्चे का भी टिकट लेना पड़ेगा। बिना टिकट दो साल और उससे अधिक उम्र के बच्चे को स्टेडियम में एंट्री नहीं मिलेगी। आईसीसी की नई गाइडलाइन में इसे शामिल किया गया है। बाकायदा, दो साल और उससे अधिक उम्र के बच्चों के टिकट का महत्वपूर्ण मैसेज बुक माई शो में ऑनलाइन टिकट बुक करते समय स्क्रीन पर ही हाई लाइट हो रहा है। ऐसे में जो भी माता-पिता अपने बच्चों के साथ मैच देखने जाना चाहते हैं वे पहले ही टिकट बुक कर लें। मैच के दौरान बीच में एक बार गेट के बाहर आने के बाद दर्शकों को दोबारा स्टेडियम में एंट्री नहीं मिलेगी।

    आईसीसी की नई गाइडलाइन विश्वकप के मैचों के लिए चयनित क्रिकेट स्टेडियमों में प्रवेश के लिए रहेगी। विश्वकप में कुल 12 मैदानों में 58 मैचों का आयोजन किया जाएगा। दस अभ्यास मैच होंगे। विश्व कप के पांच मुकाबले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में खेेले जाएंगे। 7 अक्तूबर को बांग्लादेश-अफगानिस्तान के बीच पहला मुकाबला होगा। 10 को बांग्लादेश- इंग्लैंड, 17 को दक्षिण अफ्रीका-नीदरलैंड, 22 अगस्त को भारत-न्यूजीलैंड के बीच भिंड़त होगी। अंतिम मुकाबला 28 अगस्त को न्यूजीलैंड और ऑस्टेलिया के बीच खेला जाएगा। हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव अवनीश परमार ने बताया कि आईसीसी की नई गाइडलाइन के तहत इस बार दो साल के बच्चे का भी टिकट खरीदना होगा।

    इसको लेकर जानकारी ऑनलाइन टिकट बुक करते समय बुक माई शो कंपनी की वेबसाइट पर हाई लाइट हो रही है। नियमों के तहत मैच वाले दिन माता-पिता के साथ आए दो साल के बच्चे को बिना टिकट प्रवेश नहीं मिलेगा। मैच के दौरान एक बार स्टेडियम के बाहर आने के बाद किसी दर्शक को दोबारा स्टेडियम में प्रवेश भी नहीं मिलेगा। सूत्रों के मुताबिक पहले आईपीएल और अन्य अंतरराष्ट्रीय मैचों के दौरान देखने में आया कि जो माता-पिता अपने साथ छोटे बच्चों को ले गए थे, उन्होंने बच्चे कुर्सी पर बैठा दिए। इससे कई जगह अव्यवस्था का माहौल बना और टिकट के बावजूद कइयों को बैठने के लिए कुर्सी नहीं मिली। बताया जा रहा है कि इसी स्थिति को देखते हुए इस बार आईसीसी ने बच्चों के लिए टिकट जरूरी किया है।

  • भारी बारिश ने मचाई तबाही, धंसी फोरलेन सड़क, देखें वीडियो 

    भारी बारिश ने मचाई तबाही, धंसी फोरलेन सड़क, देखें वीडियो 

    कुल्लूः हिमाचल में बीते दिनों हुई बारिश ने भारी तबाही मचाई हुई है। हिमाचल में जहां इमारते गिर रही है, वहीं सड़के धंसने के मामले सामने आ रहे है। वहीं मंडी पंडोह फोरलेन के हालात भी कुछ ऐसे ही है। दरअसल, मंडी मंडी पंडोह फोरलेन की सड़क 4 फीट नीचे धंस गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण हिमाचल में लैंडस्लाइड के मामले सामने आ रहे है। वहीं कीरतपुर मनाली फोरलेन छह मील व पंडोह कैंची मोड़ में पिछले 15 दिन से बंद है। यहां मार्ग बहाल होने में अभी समय लगेगा। कुल्लू जिले को जोड़ने वाला वैकल्पिक मार्ग मंडी कमांद कटौला बजौरा भी जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। पठानकोट मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग कोटरोपी में बाधित है।

    मार्ग अभी पद्धर तक बहाल हो पाया है। दोनों प्रमुख मार्गों के बंद होने से हजारों की संख्या में मालवाहक जगह जगह फंसे हुए हैं। स्थिति यह है कि मालवाहक खड़े करने के लिए जिले के मुख्य मार्गों के किनारे स्थान कम पड़ गए हैं। पुलिस प्रशासन ने अब बिलासपुर जिले में मालवाहक रोकने का निर्णय लिया है। यातायात व्यवस्था संभालने के लिए दोनों प्रमुख मार्गों पर 70 पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। बीबीएमबी के पंडोह बांध के पीछे कुल्लू-पंडोह को जोड़ने के लिए जो अस्थायी संपर्क मार्ग कैंची मोड तक बनाया गया था। तीन दिन पहले यहां कुल्लू से मंडी की ओर आने वाली करीब 95 छोटी-बड़ी गाड़ियां फंसी थी। इनमें करीब 45 छोटी गाड़ियों को मशीन से खींच-खींच कर वीरवार शाम बांध की ओर निकाला गया। इसके बाद बांध के पीछे कच्चा संपर्क मार्ग धंस गया।

    वहां अभी भी छोटी-बड़ी मिलाकर करीब 50 -55 गाड़ियां फंसी हुई है। चालकों के खाने तथा रहने की व्यवस्था लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह व एक होटल में प्रशासन द्वारा की गई है। यहां करीब 70- 80 लोग ठहराए गए हैं। कैंची मोड़ से लेकर मून होटल तक करीब डेढ़ किलोमीटर के दायरे में कुल्लू से मंडी की तरफ जाने वाली 80 छोटी-बड़ी गाड़ियां फंसी हुई है। वापस लौटने की तरफ जाने का रास्ता भी बंद है। इनके रहने तथा खाने का प्रबंध मून होटल में किया गया है। करीब 200 लोग यहां ठहराए गए हैं। वैकल्पिक मार्ग मंडी बजौरा बाया कटौला पर करीब 300 छोटी बड़ी गाड़ियां, मंडी के चार मील में करीब 70 ट्रक, नागचला डडौर फोरलेन पर करीब 300 मालवाहक जिनको कल्लू की तरफ जाना है।

    सब फंसे पड़े हैं। इन सब स्थानों पर अब और गाड़ियां खड़ी करने का स्थान नहीं बचा है। पुलिस ने सुंदरनगर के डैहर क्षेत्र में नाका लगा दिया गया है। वहां पर करीब 400 वाहनों को खड़े करने की क्षमता है। अभी करीब 70 मालवाहक खड़े हो चुके हैं। यदि यह स्थान भी भर जाता है तो जिला बिलासपुर में वाहनों को खड़ा करने के का नया स्थान चिन्हित किया जाएगा। पड़ोसी राज्यों से मालवाहक आने की संख्या बढ़ती जा रही है। करीब 2000 हलके वाहन सुंदरनगर बल्ह मंडी में कतार से हटकर इधर-उधर फैल गए हैं। सभी कुल्लू की ओर जाने वाली सड़क खुलने का इंतजार कर रहे है। वहीं सराज हलके के दुर्गम क्षेत्रों को वायु सेना के हेलीकाप्टर से राशन व दवाएं भेजी गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंडी सागर चंद्र शर्मा का कहना है कि प्रमुख मार्गों के बंद होने से हजारों मालवाहक फंस चुके हैं।

  • ब्यास दरिया में दिखा मगरमच्छ, देखें वीडियो

    ब्यास दरिया में दिखा मगरमच्छ, देखें वीडियो

    हिमाचल : पौंग डैम से ब्यास नदी में पानी छोड़ने के लिए शाहनहर बैराज के नीचे 52 गेट बनाए गए हैं। इन गेटों के माध्यम से ब्यास नदी में पौंग डैम का पानी छोड़ा जाता है। अब पानी को कुछ हद तक ब्यास नदी में छोड़ना बंद कर दिया गया है। पानी कम होने से पौंग डैम से ब्यास नदी में बह कर आई बड़ी-बड़ी मछलियां दिखाई देने लगी हैं तो वहीं इन मछलियों को पकड़ना भी अब खतरे से खाली नहीं रहा है।

    पानी कम होते ही वीरवार को 52 गेट के नीचे ब्यास नदी में एक मगरमच्छ देखा गया। इसके बाद ब्यास नदी के किनारे खतरा बढ़ गया है। ज्ञात रहे कि 3-4 वर्ष पहले भी मिलवां के पास ब्यास नदी में एक मगरमच्छ देखा गया था, जिसे प्रशासन ने ड्रोन के सहारे काबू करने का प्रयत्न किया था लेकिन उसके बाद मगरमच्छ फिर से दिखाई नहीं दिया था। अब दोबारा मगरमच्छ दिखाई देने से लोगों ने प्रशासन से इस दिशा में उचित कदम उठाने की मांग की है।