Category: Rashifal

  • Himachal Election Live: कांग्रेस में CM चेहरे को लेकर मंथन शुरू, चर्चा में ये 2 बड़े नाम

    Himachal Election Live: कांग्रेस में CM चेहरे को लेकर मंथन शुरू, चर्चा में ये 2 बड़े नाम

    हिमाचल/ सुशील पडिंत: प्रदेश की 68 विधानसभा सीटों पर काउंटिंग जारी है। कांग्रेस पार्टी ने अब तक 22 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है, जबकि 17 पर आगे चल रही है। भाजपा 13 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है, 13 पर आगे चल रही है। अन्य कैंडिडेट्स ने 2 सीटों पर जीत हासिल की है और एक पर आगे चल रहे हैं। एमसीडी में जीत दर्ज करने वाली आप यहां अभी तक खाता भी नहीं खोल पाई है।

    इसमें हिमाचल कांग्रेस की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू के नाम पर विचार किया जा रहा है। प्रतिभा सिंह हिमाचल के मंडी से सांसद हैं। वह हिमाचल के पूर्व CM वीरभद्र सिंह की पत्नी हैं। बता दें कि हिमाचल में नतीजों से पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा वीरभद्र सिंह ने सीएम पद का दावा किया। उन्होंने कहा- राज्य के लोग चाहते हैं कि वीरभद्र परिवार का कोई व्यक्ति राज्य के विकास की विरासत को आगे बढ़ाए।

  • ABVP-SFI कार्यकर्ताओं में हुई झड़प, जमकर चले लात-घूसे, देखें वीडियो

    ABVP-SFI कार्यकर्ताओं में हुई झड़प, जमकर चले लात-घूसे, देखें वीडियो

    शिमला: हिमाचल की राजधानी के समरहिल स्थित विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राएं कॉपी-पेन नहीं बल्कि डंडे और लोहे की रॉड लेकर आते हैं। जिस विश्वविद्यालय को करोड़ों रुपए खर्च कर पढ़ाई के लिए बनाया गया है, वह लड़ाई का अखाड़ा बना हुआ है। मंगलवार सुबह हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में एबीवीपी और एसएफआई के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। आज सुबह दोनों छात्र संगठनों में कहासुनी हुई। देखते ही देखते कहासुनी हाथापाई में बदल गई। कुछ ही देर में दोनों छात्र संगठनों के कार्यकर्ता लाठी-डंडे लेकर एक दूसरे पर वार करने के लिए पहुंच गए। यही नहीं, पुलिस के रोकने के बावजूद कई कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर पथराव भी किया।

    अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ऑफ स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प का वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में छात्र-छात्राएं आपस में भिड़ते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में पहली लड़ाई पिंक पेटल चौक पर हो रही है। जहां छात्र संगठनों के कार्यकर्ता एक-दूसरे पर जमकर लात-घूसे चला रहे हैं।

    एबीवीपी-एसएफआई कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के बाद विश्वविद्यालय में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। शिमला पुलिस ने भी बड़ी संख्या में सुरक्षा तैनात कर दी है। छात्र संगठनों के इस लड़ाई की वजह से विश्वविद्यालय का माहौल खराब हो रहा है। पढ़ाई करने के लिए यहां पहुंचने वाले छात्रों में भी डर का माहौल है। साथ ही यहां सवाल यह भी खड़ा होता है कि आखिर छात्र नेताओं के पास लड़ाई होते ही लोहे की रॉड और डंडे कहां से आ जाते हैं। यह विश्वविद्यालय प्रशासन और शिमला की स्मार्ट पुलिस पर भी बड़े सवाल खड़े करता है। सभी के मन में सवाल है कि विश्वविद्यालय पढ़ाई के लिए बना संस्थान है या लड़ाई के लिए बना अखाड़ा।

  • गबन- विजिलेंस ने नंगल सलांगड़ी सहकारी सभा के 5 सदस्यों पर दर्ज किया मामला

    गबन- विजिलेंस ने नंगल सलांगड़ी सहकारी सभा के 5 सदस्यों पर दर्ज किया मामला

    ऊना/सुशील पंडित: देर से ही सही लेकिन अब नंगल सलांगड़ी और धमांदरी इलाके के लोगों को उनका लूटा गया पैसा मिलने की आस बंधी है।  हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना में बहुचर्चित नंगलसलांगडी कृषि सेवा सहकारी सभा समिति में हुए करोड़ों रुपए के गबन की जांच विजिलेंस विभाग ने शुरू कर दी है। विजिलेंस ब्यूरो द्वारा जारी प्रेस नोट के मुताबिक सभा से जुड़़े पांच लोगों को मामले में आरोपी बनाया गया है ।
    इन आरोपियों में सभा के सचिव धीरज कुमार, प्रबंधक कमेटी के प्रधान रघुवीर सिंह, उपप्रधान इकबाल सिंह, कोषाध्यक्ष योगराज व शशिपाल शामिल हैं। आरोपियों को किसी भी समय गिरफ्तार किया जा सकता है। इस मामले में सहकारी सभाओं पर निगरानी रखने वाली संस्था सहायक पंजीयक के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज करवाई लेकिन राजनीतिक संरक्षण के चलते आरोपियों पर कभी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। 
    खाताधारकों को एक संघर्ष कमेटी बनानी पड़ी और संघर्ष कमेटी ने मिलकर ग्रामीणों को न्याय दिलाने का काम अपने हाथ में लिया। संघर्ष कमेटी ने सहायक पंजीयक विभाग के पास शिकायत दर्ज करवाई तब जाकर धीरज कुमार और सभा के पदाधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो पाई। । जांच के परिणामस्वरूप सभा के सचिव धीरज कुमार को बर्खास्त किया जा सका। हालांकि यह गबन बहुत बड़ा है लेकिन फिलहाल 74 लाख रुपए के गबन के दस्तावेजों के आधार पर जांच चल रही है। 
    ज्ञात रहे कि सहकारी सभाओं में ग्रामीणों की छोटी छोटी जमापूंजी से लेकर एनआरआई, कारोबारियों और सेवानिवृत हुए सरकारी कर्मचारियों की भारी रकम जमा होती है। सहकारी सभाओं में आमतौर पर आस पास के गांवों का पैसा ही जमा होता है। यह सभाएं बैंक की भांति ही लोगों को ऋण और अन्य वित्तिय सेवाएं उपलब्ध करवातीं हैं। भोले भाले लोग सभा के पदाधिकारियों पर विश्वास करके अपनी जमापूंजी उनके हवाले कर देते हैं। 
    सभाओं में लोग एक दूसरे पर विश्वास करके अपना पैसा जमा करवाते हैं लेकिन नंगल सलांगड़ी के केस में उस विश्वास को तोड़ा गया और लोगों का पैसा चंद लोगों ने नियमों को ताक पर रखकर इस्तेमाल कर लिया। जब लोग अपना पैसा निकलवाने के लिेए सचिव के पास जाने लगे तो सचिव ने आनाकानी करनी शुरू कर दी। जब एक से अधिक लोग अपना पैसा नहीं निकलवा पाए तब सभा के बाहर भीड़ जुटने लगी। तब जाकर पता चला कि उनका पैसा तो सभा के सदस्य निकलवा चुके हैं। 
    आरोपों की शुरूआती जांच में पता चला कि सभा के सचिव धीरज कुमार ने सभा की प्रबंधक कमेटी के प्रधान रघुवीर सिंह, उप प्रधान इकबाल सिंह, कोषाध्यक्ष योगराज और शशि पाल की मिलीभगत से जाली दस्तावेज तैयार किए और सदस्यों के नाम पर फर्जी ऋण दिखा कर जमा पूंजी का गबन कर दिया। ऑडिट में इस बात का खुलासा हुआ था कि मामले में कई व्यक्तियों के ऋणों को नियमानुसार नहीं दिया गया है। कई खाताधारकों ने तो अपना ऋण भी जमा करवा दिया था लेकिन खातों में कर्ज जस का तस पाया गया। कुछ के फिक्सड डिपोजिट (एफडी) भी सभा के सदस्यों ने निकलवा लिए जबकि एफडी के असली कागजात अभी भी खाताधारकों के पास हैं। 
    यह सारा गबन सहायक पंजीयक दफ्तर के अधिकारियों की नाक तले होता गया। जब दबाव बढ़ा तब जाकर अधिकारियों ने ऑडिट में माना कि घपला हुआ है। 
    इस मामले में यह भी सामने आया है कि आंकड़ों में छेड़छाड़ करके 5 आरोपियों ने मिलकर सीधे सीधे लगभग 74 लाख रुपए से अधिक के गबन को अंजाम दिया है। सभा का कुल गबन करोड़ों रुपए में है जिसकी पर्तें आने वाले दिनों में खुल सकती हैं। मगर बड़ा सवाल यह है कि सहायीक पंजीयक के होते हुए ऊना की अलग अलग सभाओं में करोड़ों रुपए के गबन कैसे हो गए। मामले की जानकारी देते हुए एएसपी विजिलेंस धर्मचंद वर्मा ने बताया कि नंगल सलांगड़ी कृषि सहकारी सभा के पांचों सदस्यों के खिलाफ विजिलेंस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड ,संहिता की धारा 406, 409, 467, 468, 471, 120बी और एचपीपीएससीपी एक्ट 1983 की धारा 28 के अधीन केस दर्ज करते हुए आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
  • Drug Alert: देशभर में कुल 50 दवाओं के सैंपल फेल

    Drug Alert: देशभर में कुल 50 दवाओं के सैंपल फेल

    हिमाचल में बनीं कैंसर व बुखार सहित इन 9 दवाएं शामिल 

    सोलन: हिमाचल में बनी 9 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। केंद्रीय दवा नियंत्रक मानक संगठन (सीडीएससीओ) ने इस माह का ड्रग अलर्ट जारी किया है। देशभर में कुल 50 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं जिनमें हिमाचल की 9 दवाएं शामिल हैं। सीडीएससीओ ने देश में 1280 दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजे थे, जिनमें से केवल 1230 दवाएं ही मानकों पर खरी उतरी हैं। हिमाचल में जिन दवाओं के सैंपल हुए हैं उनमें अधिकांश कैंसर, बुखार, एंटीबायोटिक, दर्द, उल्टी व विटामिन इत्यादि से संबंधित हैं। देश में सबसे अधिक दवाओं के सैंपल उत्तराखंड के फेल हुए हैं। उत्तराखंड में बनी 11 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। इसके अलावा गुजरात की 4, महाराष्ट्र की 1, पश्चिम बंगाल की 2, यूपी की 7, मध्य प्रदेश की 6, राजस्थान की 1, बिहार 2, सिक्किम 2, हरियाणा 1, दिल्ली 1 व तमिलनाडु 3 की दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। ड्रग विभाग ने इसका संज्ञान लेते हुए उन सभी उद्योगों को नोटिस जारी कर दिए हैं जिनके सैंपल फेल हुए हैं। यही नहीं, बाजार से इनके स्टॉक को रिकॉल करने के आदेश भी जारी कर दिए हैं। 

    सीडीएससीओ से मिली जानकारी के अनुसार मैसर्ज लाइफ विजिन हैल्थकेयर झाड़माजरी बद्दी की ऐयरमोल-650 का बैच नम्बर एलटीए-20967, मैसर्ज डीएम फार्मा प्राइवेट लिमिटेड भूड्ड बद्दी की ऐसोलिप 40 का बैच नंबर टीजीडी 210190, मैसर्ज सलुस फार्मास्यूटिकल बद्दी की कैनटॉप- 40 का बैच नम्बर एसपीटी 170513 डी, मैसर्ज शिवा बायोजैनेटिक लैबारेटरीज बद्दी की पामागिन-पी का बैच नम्बर पीपीटी 21010 एसएल, मैसर्ज जी लैबोरेटरीज पांवटा साहिब की डायकोविन-प्लस का बैच नम्बर 521-263, हैल्थ बायोटैक नालागढ़ की बीकॉन-एल. का बैच नम्बर एचबीके- 21008, मैसर्ज एएनजी लाइफ साइंस इंडिया बद्दी ओडासार्टन का बैच नम्बर टी 351001, हीलक्यूर लाइफ सांइसेज बद्दी ब्रोम्हेक्सीन हाईड्रोक्लोराइड का बैच नम्बर जी 22120 व मैसर्ज पुष्कर फार्मा खेड़ी कालाअंब मिडाजोलम का सैंपल फेल हुआ है। 

    राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मारवाह ने बताया कि ड्रग विभाग ने इसका संज्ञान लेते हुए उन सभी उद्योगों को नोटिस जारी कर दिए हैं जिनके सैंपल फेल हुए हैं। यही नहीं, बाजार से इनके स्टॉक को रिकॉल करने के आदेश भी जारी कर दिए हैं। ड्रग निरीक्षक को इन सभी उद्योगों का निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए हैं।

  • हिमाचल में बर्फबारी के कारण 128 सड़कें वाहनों के लिए की गई बंद, देखें वीडियो

    हिमाचल में बर्फबारी के कारण 128 सड़कें वाहनों के लिए की गई बंद, देखें वीडियो

    चंबाः हिमाचल प्रदेश की ऊंची चोटियों पर बीती रात से बर्फबारी हो रही है। लाहौल स्पीति, चंबा और किन्नौर के अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी जारी है। लाहौल स्पीति के मुख्यालय केलोंग और अटल टनल के पास एक इंच तक बर्फ जम चुकी है। वहीं लाहौल स्पीति की सड़कों पर फिसलन भी बढ़ गई है, जिससे सफर खतरनाक हो सकता है। इसलिए अटल टनल को बंद कर दिया गया है।

    उधर, चंबा के पांगी, भरमौर में भी रात से हल्की बर्फबारी हो रही है। इससे प्रदेशभर में शीतलहर चल रही है। मौसम विभाग ने आज भी चंबा, कांगड़ा, लाहौल स्पीति, मंडी, कुल्लू, शिमला, सिरमौर किन्नौर की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी होने का अलर्ट जारी किया है। ऊंचे क्षेत्र में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश होने का अनुमान जताया गया है। बर्फबारी होने से अटल टनल समेत प्रदेशभर से 128 सड़कें बंद हैं। लाहौल स्पीति में 119, कुल्लू में 4, कांगड़ा में 3, चंबा में 2 सड़कें बंद हैं। अटल टनल से वाहनों की आवाजाही बंद होने के कारण लाहौल और मनाली कुल्लू के बीच संपर्क कट गया है।

    रोहतांग दर्रा में 1 फीट से अधिक ताजा बर्फबारी है, जबकि कोकसर और अटल टनल के दोनों छोर में 4 से 5 इंच तक बर्फबारी होने की जानकारी है। इसके अलावा घाटी के सिसु, दलंग, मालंग सहित समूची लाहौल घाटी में बर्फबारी शुरू हो गई है, जिससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। इधर कुंजुम पास, लोसर में भी बर्फबारी होने के कारण ग्राम्फू-सुमदो-काज़ा मार्ग बंद है। इसी तरह कांगड़ा, मंडी और शिमला में हल्की बारिश होने का पूर्वानुमान है। हमीरपुर समेत 5 जिलों में बारिश हो रही है।

    शिमला में भी रात से मौसम खराब बना हुआ है। सुबह के वक्त हल्की बूंदाबांदी भी हुई है। इससे मौसम बहुत ठंडा हो गया है। बीती रात से हो रही बर्फबारी के बाद अधिकतर शहरों का पारा 10 डिग्री से नीचे गिर गया है।कल्पा, केलोंग, रिकांगपियो, कुफरी, पांगी, भरमौर का न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु से नीचे गिर गया है। शिमला और आसपास के क्षेत्रों में आसमान में काले बादल छाए हैं, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम बर्फबारी के लिए पूरी तरह तैयार है। मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रदेश में दस्तक देने के कारण दर्ज किया गया है।

  • EVM में कैद हुई उम्मीदवारों की किस्मत, जाने कितने प्रतिशत हुई वोटिंग 

    EVM में कैद हुई उम्मीदवारों की किस्मत, जाने कितने प्रतिशत हुई वोटिंग 

    हिमाचल प्रदेशः जिले की सभी 68 विधानसभा सीटों के लिए शनिवार सुबह आठ बजे शुरू हुआ मतदान अब खत्म हो गया है। शाम 5 बजे तक राज्य भर में 65.50 फीसदी वोटिंग हुई। सबसे ज्यादा मतदान  (69.97%) सिरमौर जिले में हुआ तो वहीं किन्नौर जिले में सबसे कम वोटिंग (62.00%) हुई। बता दें हिमाचल में 2017 में हुए पिछले चुनाव में रिकॉर्ड 75.57 प्रतिशत मतदान हुआ था।

    राज्य की 68 सीटों पर 412 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। 24 महिला प्रत्याशी भी चुनाव लड़ रही हैं। राज्य में 55 लाख से ज्यादा पंजीकृत मतदाता हैं। कुल पंजीकृत मतदाताओं में से 28,54,945 परुष और 27,37,845 महिलाएं हैं। वोटों की गिनती आठ दिसंबर को होगी।

    इस बार दिलचस्प है राजनीतिक लड़ाई

    राज्य में ऐतिहासिक रूप बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला होता रहा है। मौजूदा चुनाव राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि वह पुरानी परिपाटी को तोड़ते हुए राज्य में पहली बार लगातार दूसरी बार सरकार बनाने की कोशिश में जुटी है। वहीं कांग्रेस चाहती है कि राज्य की जनता पुरानी परंपरा कायम रखते हुए उसे जनादेश दे। इस बार आम आदमी पार्टी ने मैदान में उतरकर लड़ाई को दिलचस्प बना दिया है। आप ने 68 में से 67 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) 53 सीटों पर मैदान में है।

    दिग्गजों ने डाला वोट

    मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी में एक स्थानीय मंदिर में पूजा करने के बाद अपनी पत्नी और बेटियों के साथ मतदान किया। वहीं हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रमुख प्रतिभा सिंह और उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह ने रामपुर में मतदान किया। इससे पहले उन्होंने शिमला के शनि मंदिर में पूजा की।

    पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, उनके बेटे और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ हमीरपुर में मतदान किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने शिमला में मतदान किया, जबकि नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री और उनके परिवार ने हरोली में मतदान किया, जहां से वह चुनाव लड़ रहे हैं। बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने बिलासपुर में परिवार के सदस्यों के साथ मतदान किया, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने भी वोट डाला।

  • हिमाचल प्रदेश में वोटिंग जारी, CM ने मतदान से पहले की मंदिर में पूजा

    हिमाचल प्रदेश में वोटिंग जारी, CM ने मतदान से पहले की मंदिर में पूजा

    हिमाचल: हिमाचल प्रदेश की 68 विधानसभा सीटों पर आज सुबह 8 बजे से वोटिंग शुरू हो गई है और यह शाम 5:30 बजे तक चलेगी। वोटों की गिनती 8 दिसंबर को होगी और इसी दिन नतीजे घोषित किए जाएंगे। सत्तारूढ़ बीजेपी जहां विकास के अपने एजेंडे पर सवार होकर चुनावी सफलता दोहराने की उम्मीद कर रही है वहीं, विपक्षी कांग्रेस मतदाताओं से निवर्तमान सरकार को सत्ता से बेदखल करने की चार दशक पुरानी परंपरा का पालन करने का अनुरोध कर रही है। पर्वतीय राज्य में 55 लाख से ज्यादा मतदाता 68 निर्वाचन क्षेत्रों में 412 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे, जिनमें मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह और पूर्व भाजपा प्रमुख सतपाल सिंह सत्ती शामिल हैं।

  • कांग्रेस अध्यक्ष की बड़ी कार्रवाईः 3 नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी से किया निष्कासित

    कांग्रेस अध्यक्ष की बड़ी कार्रवाईः 3 नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी से किया निष्कासित

    हिमाचलः ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सराज के अध्यक्ष की शिकायत पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह सांसद ने तीन नेताओं को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। विधानसभा चुनावों में पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव प्रचार करने और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर बुद्धिजीवी विभाग के अध्यक्ष विजय पाल सिंह चौहान, प्रदेश कांग्रेस सचिव महेंद्र ठाकुर तथा प्रदेश युवा कांग्रेस सचिव नरेंद्र कुमार को पार्टी से निष्कासित किया गया है। 

    कांग्रेस इससे पहले पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए आनी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष कैलाश शर्मा, जिला कांग्रेस कमेटी कुल्लू के महासचिव लोक राज ठाकुर, शेर सिंह ठाकुर व विजय कंवर, आनी से पंकज कुमार, शिमला शहरी से अभिषेक भरवलिया, सुलह से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव सुनील कुमार व जसवां परागपुर से मुकेश कुमार,  विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर, दो पूर्व विधायक सुभाष मंगलेट और जगजीवन पाल समेत  ठियोग से विजय पाल खाची, आनी से परस राम और जयसिंहपुर से सुशील कौल को निष्कासित कर चुकी है। 

  • राघव शर्मा ने चुनावों को लेकर जारी किए आवश्यक आदेश

    राघव शर्मा ने चुनावों को लेकर जारी किए आवश्यक आदेश

    ऊना/सुशील पंडित: जिला दंडाधिकारी ने राघव शर्मा ने विधानसभा चुनाव 2022 के दृष्टिगत आदेश जारी किए हैं। आदेशों में बताया गया है कि चुनाव के 48 घंटे पूर्व यानि 10 नवंबर वीरवार सायं 5 बजे से लेकर मतदान प्रक्रिया समपन्न होने तक ये आदेश जारी रहेंगे। राघव शर्मा ने बताया कि जिला में चुनाव से 48 घंटे पूर्व यानि 10 नवंबर वीरवार सायं 5 बजे से लेकर मतदान प्रक्रिया पूर्ण होने तक 5 व्यक्तियों को एक साथ इक्ट्ठा होने पर मनाही रहेगी। जिला ऊना में चुनाव से संबंधित किसी भी प्रकार की जनसभा या भीड़ इक्ट्ठी करने, लाउडस्पीकर का प्रयोग करने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा हथियार, स्टिक, वैनर इत्यादि लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा। राघव शर्मा ने बताया कि जिला की सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार से जुडे़ पदाधिकारी/कार्यकत्र्ता जिनकी वोट जिला के किसी भी विधानसभा क्षेत्र में नहीं है वे चुनाव से 48 घंटे पूर्व यानि 10 नवंबर सायं 5 बजे से लेकर प्रक्रिया समपन्न होने तक जिला में उपस्थित नहीं रहेंगे।
  • फिर पीएम मोदी ने तोड़ा प्रोटोकॉल, जाने क्यों रोका काफिला, देखें वीडियो

    फिर पीएम मोदी ने तोड़ा प्रोटोकॉल, जाने क्यों रोका काफिला, देखें वीडियो

    कांगड़ाः हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार करने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार फिर आम लोगों के लिए प्रोटोकॉल तोड़ा। आम तौर पर जब प्रधानमंत्री का काफिला गुजर रहा होता है, तो उस रुट पर सभी वाहनों की आवाजाही बंद कर दी जाती है। लेकिन जब उसके काफिले के रास्ते में एक एंबुलेंस आया, पीएम मोदी ने फौरन अपना काफिला रुकवाया और एंबुलेंस को पहले जाने के लिए रास्ता दिया।

    पीएम मोदी के इस व्यवहार की काफी चर्चा हो रही है और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक जनसभा को संबोधित करने के लिए कांगड़ा पहुंचे थे। चुनावी रैली को संबोधित कर पीएम जब लौट रहे थे तो एक एंबुलेंस रास्ते में आ गई। इस देख कर पीएम मोदी ने तुरंत अपना काफिला रोकवाया और उसे पहले निकलने का रास्ता दिया।

    पीएम ने जिस तरह प्रोटोकॉल को तोड़ते हुए अपने काफिले को रुकवा लिया और एंबुलेंस को जाने के लिए जगह दी, उसकी काफी तारीफ हो रही है। पीएम मोदी की यह संवेदनशीलता गुजरात में भी पिछले महीने देखी गई थी। पीएम ने अहमदाबाद से गांधीनगर जाते समय रास्ते में एक एंबुलेंस को देखा तो तुरंत अपना काफिला रुकवा दिया था। उस वक्त भी पीएम का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर हुआ था।