फूलों से सजी खुली जिप्सी खिलाड़ियों को घर तक छोड़ने जाएगी
मोहालीः वीमेंस वर्ल्ड कप चैंपियन बनीं भारतीय विमन क्रिकेट टीम की प्लेयर हरलीन देओल और अमनजोत कौर का घर लौटने पर जोरदार वेलकम हो रहा है। पंजाब सरकार की ओर से शहीद-ए-आज़म भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दोनों चैंपियन बेटियों का सम्मान किया गया।
स्वागत के मौके पर वित्त मंत्री हरपाल चीमा, अमन अरोड़ा और सांसद मीत हेयर मौजूद रहे। हरलीन और अमनजोत शुक्रवार सुबह चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर उतरीं। यहां परिवार और फैंस की भारी भीड़ ने दोनों प्लेयर्स का स्वागत किया। अमनजोत और हरलीन को फूलों और पोस्टर से सजाई खुली जिप्सी में चंडीगढ़ एयरपोर्ट से मोहाली में उनके घर तक छोड़ा जाएगा। इससे पहले पंजाब CM भगवंत मान भी खिलाड़ियों के साथ बातचीत कर चुके हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी विमन टीम से मुलाकात कर चुके हैं। जिसमें हरलीन देओल के पीएम से उनकी ग्लोइंग स्किन का राज पूछने का सवाल खूब वायरल हुआ था।
मोहालीः मोहाली की एक NGO युवा सोसाइटी ने जम्मू-कश्मीर में क्रिकेट का सपना दिखाकर इंडियन हेवन प्रीमियम लीग 2025 शुरू की। कुछ ही दिनों बाद व्यवस्थाएं ठीक से न होने के कारण यह लीग घोटाले का शिकार हो गई। इस टूर्नामेंट को जम्मू-कश्मीर में प्रोफेशनल क्रिकेट की शुरुआत के रूप में पेश किया गया था। इसमें वेस्ट इंडीज के क्रिस गेल, न्यूजीलैंड के जेसी रायडर, मार्टिन गॉटील, बांग्लादेश जैसे विदेशी खिलाड़ी भी मैदान में उतरे थे। लेकिन दर्शकों की कम उपस्थिति के कारण आयोजक खिलाड़ियों को फीस तक और होटल में रहने-खाने का खर्चा भी नहीं चुका पाए, जिस पर आयोजक वहां से भाग निकले।
विदेशों और देश के आए खिलाड़ियों को जिन होटलों में रुका गया था, उन होटल प्रबंधकों ने बिल न चुकाए जाने की वजह से उन्हें बाहर तक जाने नहीं दिया। शुरुआती मैच तो ठीक चल रहे थे, लेकिन 12वें मैच के बाद टूर्नामेंट पूरी तरह रुक गया। जम्मू-कश्मीर के स्पोर्ट्स काउंसिल ने कहा कि इस लीग का उनसे कोई संबंध नहीं है। प्रधान नौजहत गुल ने कहा कि हमने तो सिर्फ मैदान किराये पर दिया था और उसमें भी हम केवल मेहमान के तौर पर शामिल हुए थे। जिन्होंने क्रिकेट लीग रखी, उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है।
विदेशी खिलाड़ियों के बड़े-बड़े बैनर लगाकर इस लीग को प्रमोट किया गया था। इंग्लैंड के कोच और अंपायर मेल जूनियर ने बताया कि उन्हें होटल में बंद कर दिया गया था क्योंकि आयोजकों ने होटल का किराया नहीं भरा था और वे लीग छोड़कर चले गए थे। बाद में उन्होंने खुद भुगतान करके वहां से अपनी निकासी करवाई।