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  • Punjab News: पंजाब में विशेष स्टील सेक्टर को बड़ी मजबूती, 1003.57 करोड़ रुपये का ग्रीनफील्ड निवेश आकर्षित: संजीव अरोड़ा

    Punjab News: पंजाब में विशेष स्टील सेक्टर को बड़ी मजबूती, 1003.57 करोड़ रुपये का ग्रीनफील्ड निवेश आकर्षित: संजीव अरोड़ा

    चंडीगढ़, 23 जनवरी 2026: पंजाब ने विशेष स्टील निर्माण क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 1003.57 करोड़ रुपये का ग्रीनफील्ड निवेश आकर्षित किया है, जिससे राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

    उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन तथा बिजली मंत्री श्री संजीव अरोड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 2,200 करोड़ रुपये के टर्नओवर वाली ए.आई.एस.आर.एम. मल्टीमेटल्स प्राइवेट लिमिटेड (अरोड़ा आयरन ग्रुप की इकाई) ने जिला लुधियाना के गांव जसपालों, दोराहा-खन्ना रोड पर एक अत्याधुनिक स्टील निर्माण प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है।

    यह प्रोजेक्ट लगभग 46 एकड़ भूमि पर स्थापित किया जाएगा और इससे 920 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। परियोजना को तीन चरणों में लागू किया जाएगा, जबकि पहला चरण सितंबर 2027 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।

    प्रस्तावित यूनिट की वार्षिक स्थापित क्षमता 5.40 लाख मीट्रिक टन (MTPA) होगी। यहां स्क्रैप और फेरो एलॉयज को कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल कर राउंड बार, वायर रॉड, कॉइल और फ्लैट जैसे उत्पाद तैयार किए जाएंगे। संयंत्र में साल के लगभग 350 दिनों तक ट्रिपल शिफ्ट में उत्पादन करने की योजना है।

    श्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि प्लांट में इंडक्शन फर्नेस, इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF), लैडल रिफाइनिंग फर्नेस (LRF), वैक्यूम डीगैसिंग, आर्गन ऑक्सीजन डीकार्बराइजेशन, कंटीन्यूअस कास्टिंग मशीनें और रोलिंग मिल्स जैसी आधुनिक तकनीकें लगाई जाएंगी, जिससे उच्च गुणवत्ता वाले अलॉय और विशेष स्टील उत्पादों का निर्माण संभव होगा।

    उन्होंने कहा कि यह निवेश पंजाब के विशेष स्टील और मिश्र धातु इकोसिस्टम को मजबूत करेगा, खासकर ऑटोमोबाइल और ऑटोमोटिव कंपोनेंट सेक्टर के लिए, जहां हाई-ग्रेड स्टील की मांग लगातार बढ़ रही है। इसके साथ ही यह प्रोजेक्ट उत्तरी भारत के एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में लुधियाना की स्थिति को और सुदृढ़ करेगा।

    कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह परियोजना पंजाब सरकार के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, मूल्य वर्धन और टिकाऊ निर्माण के विजन के अनुरूप है। उन्होंने विश्वास जताया कि अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब जल्द ही देश के सबसे पसंदीदा निवेश स्थलों में शामिल होगा।

     

  • Punjab News: देश में पहली बार! मान सरकार ने मुफ्त पैड वितरण में लगाए ₹54 करोड़! पिछली सरकारों की सिर्फ कागजी योजनाओं का हमेशा के लिए अंत!

    Punjab News: देश में पहली बार! मान सरकार ने मुफ्त पैड वितरण में लगाए ₹54 करोड़! पिछली सरकारों की सिर्फ कागजी योजनाओं का हमेशा के लिए अंत!

    चंडीगढ़, 20 नवंबर, 2025: आज पंजाब की लाखों महिलाओं के चेहरे पर जो राहत और आत्मविश्वास है, वह मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के सच्चे नेतृत्व की निशानी है। ‘नवी दिशा’ योजना केवल सेनेटरी पैड बाँटने की सरकारी स्कीम नहीं है, बल्कि यह पंजाब की बेटी के सम्मान, स्वास्थ्य और गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प है।

    इस योजना ने दो बड़े रास्तों पर जीत हासिल की है, पुरानी कांग्रेस सरकार की घटिया क्वालिटी की कमी को खत्म किया है और देश के कई बड़े राज्यों के मुकाबले पंजाब को स्वास्थ्य डिलीवरी में ‘रोल मॉडल’ के रूप में खड़ा किया है।

    पिछली कांग्रेस सरकार की ‘उड़ान’ योजना पर सालाना करीब ₹40.55 करोड़ खर्च होते थे, लेकिन साफ-साफ कह रही हैं कि पिछली कांग्रेस सरकार की ‘उड़ान’ योजना (जिस पर सालाना करीब ₹40.55 करोड़ खर्च होते थे) में जो पैड मिलते थे, वे घटिया, बदबूदार और संक्रमण पैदा करने वाले थे। वह पैसा सिर्फ कागज़ पर खर्च होता रहा, जबकि महिलाओं को सिर्फ असुविधा और शर्म मिली।

    मान सरकार ने इस अनादर को तुरंत बदला।’नवी दिशा’ योजना पर ₹53 करोड़ का बड़ा निवेश किया गया है, जो न केवल अधिक बजट दर्शाता है, बल्कि बेहतर नीयत भी दिखाता है। इस बड़े निवेश के नतीजतन,महिलाओं को उत्कृष्ट क्वालिटी के साथ मुलायम, सुरक्षित और 100% बायोडिग्रेडेबल (पर्यावरण-अनुकूल) पैड मिल रहे हैं। गारंटीशुदा डिलीवरी के तहत, 13.65 लाख महिलाओं को हर महीने 9 नैपकिन की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित हुई है। साथ ही, डिजिटल पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मोबाइल ऐप और डैशबोर्ड से वितरण की ‘रियल-टाइम’ निगरानी होती है, ताकि चोरी या अनियमितता की कोई गुंजाइश न बचे। महिलाएँ जानती हैं कि बजट का बढ़ना सिर्फ खर्च नहीं है, यह उनकी सेहत और सम्मान में किया गया सीधा निवेश है।

    अन्य बड़े राज्यों की तुलना में, पंजाब ने एक बेहतर, सुचारू और भरोसेमंद मॉडल स्थापित किया है। जबकि उत्तर प्रदेश में कपड़े का उपयोग अधिक है और आपूर्ति में रुकावट आती है, और बिहार/झारखंड में सबसे कम स्वच्छता दर तथा कमजोर वितरण नेटवर्क है, पंजाब अपने 27,313 आंगनवाड़ी केंद्रों के मजबूत नेटवर्क के माध्यम से 13.65 लाख लाभार्थियों को उच्च कवरेज और मासिक डिलीवरी की गारंटी दे रहा है।

    मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में जहाँ स्टॉक-आउट और ग्रामीण पहुंच की कमी मुख्य समस्या रही है, वहीं पंजाब में डिजिटल निगरानी से स्टॉक-आउट खत्म हुआ है और हर महीने पक्के तौर पर डिलीवरी हो रही है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ में योजनाओं का असंगत कार्यान्वयन होने के विपरीत, पंजाब की योजना कैबिनेट की मंजूरी से संरचित, सुसंगत और गुणवत्ता-जाँच आधारित है।

    पंजाब अब स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के क्षेत्र में देश का अगुआ बन चुका है। जिन राज्यों में आज भी करोड़ों महिलाएँ शर्म और संक्रमण के डर से जी रही हैं, वहाँ पंजाब की महिलाएँ आत्मविश्वास और सुरक्षा के साथ अपने काम पर जा रही हैं।

    गाँव की गुरप्रीत कौर बताती हैं, “पहले महीने के उन दिनों में काम पर जाना मुश्किल था। पैसे नहीं होते थे, शर्म आती थी। अब आंगनवाड़ी दीदी हर महीने घर आकर पैड देती हैं। मान साहब ने हमारी छोटी सी परेशानी को समझा और हमारा सम्मान लौटाया है।”

    ‘नवी दिशा’ केवल एक स्वास्थ्य योजना नहीं है। यह मान सरकार के सुशासन, पारदर्शिता और महिलाओं के प्रति वास्तविक सम्मान का प्रमाण है। यह योजना दिखाती है कि जब नीयत साफ होती है, तो सरकारी योजनाएँ लाखों ज़िंदगियाँ बदल सकती हैं।

    पंजाब की हर महिला और बेटी आज गर्व से कह रही है: मान सरकार ने हमें सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और आगे बढ़ने की ‘नवी दिशा’दी है।। यही है पंजाब मॉडल की असली ताकत, जिसने देश के बाकी राज्यों से मीलों आगे खड़ा कर दिया है!