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  • पंजाब पुलिस ने साइबर अपराध के विरुद्ध अभियान किया और तेज

    पंजाब पुलिस ने साइबर अपराध के विरुद्ध अभियान किया और तेज

    संगठित साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का किया भंडाफोड़; एक वर्ष में 729 गिरफ्तारियां

    चंडीगढ़ : पंजाब पुलिस ने पूरे राज्य में अपने साइबर सुरक्षा नेटवर्क को और अधिक सुदृढ़ बनाते हुए साइबर अपराध के विरुद्ध कार्रवाई को नई गति दी है। पिछले दो वर्षों के दौरान प्रत्येक जिले तथा पुलिस कमिश्नरेट में विशेष साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन स्थापित किए जाने के बाद पुलिस बल ने ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी अभियान चलाया है। इसके परिणामस्वरूप पिछले एक वर्ष में 729 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पिछले लगभग एक वर्ष के दौरान पंजाब पुलिस तथा स्टेट साइबर क्राइम डिवीजन ने राज्य के 29 साइबर क्राइम पुलिस स्टेशनों में कुल 956 एफआईआर दर्ज कीं तथा विभिन्न साइबर धोखाधड़ी मामलों में 729 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन कार्रवाइयों से बड़ी संख्या में नागरिकों को उनकी मेहनत की कमाई साइबर ठगों के हाथों गंवाने से बचाया गया।

    पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने कहा कि स्टेट साइबर क्राइम डिवीजन ने पिछले चार वर्षों में साइबर अपराध के विरुद्ध लड़ाई और निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि कड़ी कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ पंजाब पुलिस ने रोकथाम और जन-जागरूकता पर भी समान रूप से बल दिया है। इसी उद्देश्य से पूरे राज्य में लगभग 657 नागरिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल ठगी और साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही नागरिकों से अपील की गई कि किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस सशक्त कानून-प्रवर्तन और व्यापक जन-जागरूकता के माध्यम से साइबर अपराध से जनता की सुरक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता निरंतर बनाए रखेगी। मई 2025 से अब तक स्पेशल डीजीपी वी. नीरजा के नेतृत्व में स्टेट साइबर क्राइम डिवीजन ने तकनीक आधारित और उच्च स्तरीय साइबर अपराधों से जुड़े 57 मामले दर्ज किए हैं तथा 56 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    इसी अवधि में पुलिस कमिश्नरों तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) के अधीन स्थापित साइबर क्राइम पुलिस स्टेशनों (सीसीपीएस) ने पूरे राज्य में विभिन्न साइबर धोखाधड़ी मामलों में 673 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें मलेरकोटला सीसीपीएस ने 41 मामलों में 32 आरोपियों को गिरफ्तार किया, लुधियाना पुलिस कमिश्नरेट ने 86 मामलों में 181 गिरफ्तारियां कीं, एसएएस नगर सीसीपीएस ने 52 मामलों में 57 आरोपियों को गिरफ्तार किया, खन्ना साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने 31 एफआईआर में 74 आरोपियों को गिरफ्तार किया, पठानकोट सीसीपीएस ने 44 मामलों में 23 गिरफ्तारियां कीं, पटियाला सीसीपीएस ने 74 एफआईआर दर्ज कर लगभग 40 आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा कपूरथला सीसीपीएस ने 26 एफआईआर दर्ज कर 47 आरोपियों को गिरफ्तार किया। स्टेट साइबर क्राइम डिवीजन ने संगठित साइबर अपराध नेटवर्क का पर्दाफाश करने में भी महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। इस वर्ष की शुरुआत में डिवीजन ने कंबोडिया तथा दक्षिण-पूर्व एशिया के अन्य देशों में स्थित साइबर स्कैम कंपाउंडों से बचाए गए भारतीय नागरिकों से जुड़े मामलों की जांच की। जांच में सामने आया कि पीड़ितों को विभिन्न राज्यों में सक्रिय ट्रैवल एजेंटों, प्लेसमेंट कंसल्टेंटों, भर्ती एजेंटों और उनके सहयोगियों द्वारा विदेश भेजा गया था। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया गया है।

    एक अन्य बड़ी कार्रवाई में स्टेट साइबर क्राइम डिवीजन ने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में प्रयुक्त होने वाले म्यूल बैंक खातों के नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो साइबर अपराधियों के लिए बैंक खाते खुलवाने और उपलब्ध कराने का कार्य करते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से 23 एटीएम कार्ड, दो लैपटॉप, सात मोबाइल फोन, पांच सिम कार्ड, फर्जी बैंक एवं केवाईसी दस्तावेज, 14 चेकबुक, उद्यम प्रमाणपत्र, छह रबर स्टैंप, 5,100 यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) तथा विभिन्न बैंक खातों में जमा लगभग 20 लाख रुपये की राशि बरामद की। मई 2025 से अब तक राज्यभर के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशनों ने भी नौ एफआईआर दर्ज कर पांच म्यूल अकाउंट मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। कपूरथला में पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर का भी खुलासा किया, जहां से अमेरिका और कनाडा के नागरिकों को निशाना बनाकर साइबर ठगी की जा रही थी। आरोपी पीड़ितों को बिटकॉइन (बीटीसी ) तथा हवाला चैनलों के माध्यम से धनराशि हस्तांतरित करने के लिए प्रेरित करते थे। इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क के विरुद्ध पंजाब पुलिस की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

     

  • Punjab News: पंजाब में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 45 से अधिक IAS और PCS अधिकारियों के तबादले

    Punjab News: पंजाब में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 45 से अधिक IAS और PCS अधिकारियों के तबादले

    चंडीगढ़ (एनकाउंटर इंडिया): पंजाब सरकार ने बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए PCS अधिकारियों के व्यापक तबादले किए हैं, जिनमें कुछ IAS अधिकारी भी शामिल हैं। इस निर्णय के तहत 45 से अधिक IAS और PCS अधिकारियों की नई तैनाती की गई है। बदलावों में गृह विभाग, शहरी विकास, परिवहन और जिला प्रशासन जैसे अहम विभाग शामिल हैं। नीचे दी गई सूची में अधिकारियों के नाम और उनकी नई तैनाती का विवरण प्रस्तुत है।

    Transfers Breaking; 45 IAS/ PCS officers transferred
    Transfers Breaking; 45 IAS/ PCS officers transferred
    Transfers Breaking; 45 IAS/ PCS officers transferred
    Transfers Breaking; 45 IAS/ PCS officers transferred

    Transfers Breaking; 45 IAS/ PCS officers transferred
    Transfers Breaking; 45 IAS/ PCS officers transferred
    Transfers Breaking; 45 IAS/ PCS officers transferred
    Transfers Breaking; 45 IAS/ PCS officers transferred
    Transfers Breaking; 45 IAS/ PCS officers transferred
    Transfers Breaking; 45 IAS/ PCS officers transferred
    Transfers Breaking; 45 IAS/ PCS officers transferred
    Transfers Breaking; 45 IAS/ PCS officers transferred
    Transfers Breaking; 45 IAS/ PCS officers transferred
    Transfers Breaking; 45 IAS/ PCS officers transferred
    Transfers Breaking; 45 IAS/ PCS officers transferred
    Transfers Breaking; 45 IAS/ PCS officers transferred
  • Punjab News: भगवंत मान बोले — AI होगी पंजाब की नई हरित क्रांति, किसानों को मिलेगा फायदा

    Punjab News: भगवंत मान बोले — AI होगी पंजाब की नई हरित क्रांति, किसानों को मिलेगा फायदा

    लुधियाना, 20 मार्च 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को साफ कह दिया कि अब खेती को बचाने का एक ही रास्ता है — आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI। लुधियाना की पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) में हुए राज्य स्तरीय किसान मेले में उन्होंने हजारों किसानों के सामने यह बात रखी। साथ ही अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।

    क्यों जरूरी है खेती में AI — मान ने समझाई वजह

    मुख्यमंत्री ने बिना लागलपेट के कहा कि पंजाब की खेती एक गहरे संकट में है। “मुनाफा घटता जा रहा है, खेती अब फायदेमंद नहीं रही और किसान बुनियादी गुजारे के लिए संघर्ष कर रहे हैं,” उन्होंने कहा। उनके मुताबिक मौजूदा फसल तकनीकों की उत्पादन क्षमता लगभग अपनी सीमा तक पहुंच चुकी है। इसका हल उन्होंने AI में देखा। उन्होंने कहा, “यह तकनीक किसानों को बताएगी कि कौन सी फसल कब बोएं, ताकि मुनाफा भी बढ़े और उत्पादन भी। पंजाब हमेशा से नई सोच को अपनाने में आगे रहा है और AI इस क्षेत्र में क्रांति लाएगी।” उन्होंने इसे 1960 के दशक की हरित क्रांति से जोड़ते हुए कहा कि उस वक्त पंजाब के किसानों ने देश को अनाज में आत्मनिर्भर बनाया, लेकिन इसकी कीमत चुकाई — उपजाऊ जमीन और पानी जैसे अनमोल संसाधन गंवाकर। अब AI के जरिए उन किसानों को वापस कुछ देने का वक्त आ गया है।

    पानी, बिजली और पैसा — सरकार ने क्या-क्या किया

    भगवंत मान ने 2022 से अब तक की उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त सुनाई। सिंचाई के मोर्चे पर उन्होंने कहा कि नहरी सिंचाई का रकबा 20.90 लाख एकड़ से बढ़कर 58 लाख एकड़ हो गया है। 15,500 से ज्यादा नहरें साफ की गई हैं, 18,349 पानी की नालियां दोबारा चालू की गई हैं और दशकों बाद 1,444 गांवों तक नहरी पानी पहुंचा है। सिरहिंद नहर 75 साल बाद अपग्रेड हुई और फिरोजपुर फीडर नहर को महज 35 दिनों में दुरुस्त कर दिया गया। बिजली के बारे में उन्होंने कहा कि पहली बार धान के सीजन में किसानों के ट्यूबवेलों को दिन के वक्त लगातार आठ घंटे से ज्यादा बिजली मिली — रात को नहीं, दिन में। पैसों की बात करें तो पंजाब में गन्ने का भाव 416 रुपये प्रति क्विंटल है जो देश में सबसे ज्यादा है। गेहूं और धान की खरीद पर हर साल करीब 80,000 करोड़ रुपये किसानों के खातों में 24 घंटे के अंदर भेजे जाते हैं। बागवानी को बढ़ावा देने के लिए जापान की JICA की मदद से 1,300 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई है। इससे पंजाब का बागवानी क्षेत्र 2036 तक 3.56 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 16 लाख हेक्टेयर हो जाएगा — यानी तीन गुना बढ़ोतरी। PAU की तारीफ करते हुए उन्होंने बताया कि यह विश्वविद्यालय 2023, 2024 और 2025 — तीन साल लगातार देश के 75 सरकारी कृषि विश्वविद्यालयों में पहले नंबर पर रहा है और दुनिया के टॉप 100 कृषि संस्थानों में शामिल है।

    विपक्ष पर तीखा हमला, महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान

    मान ने विपक्ष को घेरते हुए कहा, “पुराने नेताओं ने पंजाब को बर्बाद किया। उनके हाथ पंजाब के दर्द से रंगे हैं।” उन्होंने पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि वह “सबसे बड़े और पुराने झूठे हैं, जो सिर्फ स्वार्थ से चलते हैं।” इस मौके पर उन्होंने मावां धियां सत्कार योजना का भी ऐलान किया। इसके तहत पंजाब की हर महिला को हर महीने 1,000 रुपये मिलेंगे और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये — सीधे बैंक खाते में। 97 फीसदी महिलाएं इस योजना का फायदा उठा सकेंगी। इसके लिए 9,300 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है और रजिस्ट्रेशन 13 अप्रैल से शुरू होगा। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और नेता मौजूद थे।
  • Punjab News: पंजाब में लागू हुई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना, हर परिवार को मिलेगा 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज

    Punjab News: पंजाब में लागू हुई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना, हर परिवार को मिलेगा 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज

    चंडीगढ़, 23 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना को लागू कर दिया है। इस योजना के तहत राज्य के हर परिवार को प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। इस योजना के साथ पंजाब देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है, जहां अमीर और गरीब सभी नागरिकों को समान स्वास्थ्य सुविधाएँ बिना किसी आय सीमा के प्रदान की जाएंगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति केवल आर्थिक कारणों से इलाज से वंचित न रहे।

    क्या है मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना

    मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना एक सार्वभौमिक स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसके तहत पंजाब के सभी सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में मुफ्त एवं कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इलाज का पूरा भुगतान सीधे अस्पतालों और कार्यान्वयन एजेंसियों के बीच किया जाएगा, जिससे मरीजों को जेब से कोई खर्च नहीं करना पड़ेगा।

    पात्रता

    यह योजना पंजाब के सभी मूल निवासियों के लिए है। इसमें किसी भी प्रकार की आय सीमा या वर्ग आधारित शर्त लागू नहीं होगी। पंजाब की वैध वोटर आईडी रखने वाले परिवार इस योजना के अंतर्गत पात्र होंगे। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को माता-पिता या अभिभावक की वोटर आईडी के माध्यम से कवर किया जाएगा। सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी तथा अनुबंध, आउटसोर्सिंग या कंसल्टेंसी आधार पर कार्यरत कर्मचारी भी योजना में शामिल होंगे।

    कवरेज और लाभ

    मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत लगभग 65 लाख परिवारों को हेल्थ कार्ड जारी किए जाएंगे, जिससे करीब 3 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य कवरेज मिलेगा। प्रत्येक परिवार को प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा।

    हेल्थ कार्ड कैसे मिलेगा

    हेल्थ कार्ड सुविधा केंद्रों, कॉमन सर्विस सेंटरों या ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से आधार कार्ड और वोटर आईडी के जरिए बनवाया जा सकेगा। अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने के लिए यूथ क्लब के प्रशिक्षित सदस्य घर-घर जाकर लोगों को हेल्थ कार्ड बनवाने में सहायता करेंगे।

    किन बीमारियों का इलाज होगा

    इस योजना में 2,300 से अधिक उपचार पैकेज शामिल हैं। इनमें डायलिसिस, कैंसर उपचार, हृदय शल्य चिकित्सा, किडनी ट्रांसप्लांट, ब्रेन और स्पाइन सर्जरी, घुटना व कूल्हा प्रत्यारोपण, मोतियाबिंद ऑपरेशन, प्रसूति एवं नवजात देखभाल, दुर्घटना व आपातकालीन सेवाएँ, आईसीयू सेवाएँ तथा अस्पताल में भर्ती से पहले और बाद की सेवाएँ शामिल हैं।

    सूचीबद्ध अस्पतालों का नेटवर्क

    योजना के तहत अब तक 820 से अधिक अस्पताल सूचीबद्ध किए जा चुके हैं, जिनमें सरकारी, निजी, पीपीपी मॉडल अस्पताल और मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। इससे राज्य के हर जिले और उप-मंडल स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

    इलाज कहाँ मिलेगा

    लाभार्थी पंजाब के किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल में कैशलेस इलाज करवा सकेंगे। आवश्यकता पड़ने पर चंडीगढ़ स्थित सूचीबद्ध अस्पतालों में भी इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी।

    कैशलेस इलाज की प्रक्रिया

    मरीज को अस्पताल में केवल अपना मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना हेल्थ कार्ड दिखाना होगा। इलाज के बाद अस्पताल द्वारा दावा प्रस्तुत किया जाएगा और सरकार द्वारा भुगतान किया जाएगा। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पंजाब का कोई भी नागरिक आर्थिक अभाव के कारण इलाज से वंचित न रहे और सभी को सम्मानजनक, गुणवत्तापूर्ण व कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकें।