Category: Entertainment

  • बददी के युवाओं ने सीखा भाषण देना व जानी ज्ञानवर्धक जानकारियां 

    बददी के युवाओं ने सीखा भाषण देना व जानी ज्ञानवर्धक जानकारियां 

    युवा संवाद कार्यक्रम में हैप्पीनेस व सोशल मीडीया बारे बताया 

    बददी/ सचिन बैंसल: हिमालया जनकल्याण समिति द्वारा युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन रविवार को महाराणा प्रताप नगर के सभागार में किया जिसकी अध्यक्षता सोसाईटी के अध्यक्ष मनोज कौशल ने की। इस बार का कार्यक्रम का विषय था हैप्पीनस और सोशल मीडीया का प्रयोग। सर्वप्रथम बीएससी कृषि की चंडीगढ़ विश्वविद्यालय की छात्रा हर्षिता ठाकुर ने छात्रों को खुशी और खुश रहने के बारे में बताया।

    उन्होने बताया कि हमें कोई भी बाहरी व्यक्ति खुशी नहीं दे सकता बल्कि यह हमारे भीतर की बात है। हमें स्वयं को हर हाल में खुश रखना सीखना चाहिए न कि अपना समस्त समय शिकवा शिकायतों व झगडों में बिताना चाहिए। इसके बाद चंडीगढ़ यूनिसर्विटी की बीएससी बीएड कर रही छात्रा अर्चना यादव ने उपस्थित विभिन्न श्रेणियों के बच्चों को सोशल मीडीया के प्रभावों के बारे में अवगत कराया। उसने बताया कि आज सोशल मीडीया ही एक सशक्त माध्यम है जिसने सीमीत समय में पूरे विश्व को आपस में जोड दिया है। यह इसी का परिणाम है कि हम हिमाचल की खबर अमेरिका में तुरंत देख लेते हैं और वहां की भारत में। इसके बाद आयोजकों में शामिल सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी विशेषज्ञ) दीपक कुमार वर्मा ने आईटी व सोशल मीडीया के बारे में प्रकाश डाला और पढ़ाई तथा अध्ययन में उसका महत्व बताया।

    हिमालया जनकल्याण समिति के चेयरमैन सतीश सिंघल व उपाध्यक्ष डा. रुप किशोर ने बताया कि हमारा मकसद युवाओं को विभिन्न सामाजिक व व्यावहारिक तरीकों से अवगत कराना है। इसके तहत हम उनको पढ़ाई से हटकर विभिन्न कलाओं में निपुण बनाएंगे ताकि वह सार्वजनिक जीवन में कहीं भी मात न खा सके। कैरियर काऊंसलर नरेश भारद्वाज ने छात्रों को बताया कि किस प्रकार हम कडी मेहनत करके अपना मुकाम पा सकते हैं। चाहे जॉब हो या व्यापार उसमें हम तभीसफल हो सकते हैं जब हम दिन रात एक ही लक्ष्य बारे दिन रात सोचें। डा रुप किशोर ने बताया कि यह कार्यक्रम हर सप्ताह रविवार को 10 बजे से 12 बजे तक नि:शुल्क आयोजित किया जाता है। हर रविवार अलग अलग टॉपिग पर चर्चा होती है वहीं हमारे देश व प्रदेश के मुख्य महापुरुषों व प्रमुख दिवसों पर आयोजन होंगे जिस पर उनके जीवन के बारे में बताया जाएगा। अगला कार्यक्रम 9 अप्रैल को महाराणा प्रताप सभागार में ही होगा जिसके लिए तैयारियंा शुरु कर दी गई है।

  • श्रीमद भागवत कथा में सुनाई  राजा ध्रूव की  कथा

    श्रीमद भागवत कथा में सुनाई  राजा ध्रूव की  कथा

    साढे बल मुखड़ा मोड वे कृष्णा भजन पर झूमे भक्त

    बददी/ सचिन बैंसल : डूमनवाला गांव में चल रही भागवत कथा के  तीसरे दिन आचार्य कुलदीप शर्मा ने राजा ध्रूव की कथा सुनाई। कैसे एक बाल हट के चलते भगवान को धरती पर आना पड़ा। इसके अलावा उन्होंने राजा पिरथी, कुरंजन, प्रिया व्रत, ऋषभ और जड़ भरत की कथा सुनाई। जड़ भरत के नाम से ही हमारे देश का नाम भारत पड़ा। इससे पहले भारत का नाम अजमान खंड था। इस दौरान उन्होंने साढ़े बल मुखड़ा मोड वे कृष्णा भजन सुना कर उपस्थित दर्शकों को भरपूर मनोरंजन किया।  कथा के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। मंगलवार को देसी घी की जलेबी भंडारे में परोसी जाएगी। 

    डूमनवाला गांव के लोगों की ओर से हनुमान मंदिर में चल रही इस भागवत कथा में पूर्व प्रधान लक्ष्मी चंद, विधि चंद, सौडी राम, रमेश ठाकुर, उजागर सिंह, पूर्व प्रधान अमरचंद, भोपाल ठाकुर, राजेश कुमार, शिव राम, रामेश्वर, महिला मंडल की मनदीप कौर, सपना ठाकुर, सीमा देवी, सुनिता ने श्रीमदभागवत कथा के आयोजन के लिए 51 हजार रुपये की आर्थिक मदद की। 

  • धरती पर आकर खुद भगवान राम ने भी झेले कष्ट: महावीर शास्त्री

    धरती पर आकर खुद भगवान राम ने भी झेले कष्ट: महावीर शास्त्री

    बद्दी के दशहरा ग्राउंड में अमृतमयी राम कथा का भव्य आयोजन 

    बद्दी/सचिन बैंसल: श्री सालासर धाम सेवा समिति बद्दी द्वारा अमृतमयी राम कथा का आयोजन दशहरा ग्राउंड बद्दी में किया जा रहा है। वहीं इस अवसर पर भव्य कलश यात्रा का भी आयोजन किया गया। राम कथा में संगरिया राजस्थान के विख्यात कथावाचक महावीर शास्त्री ने प्रवचन वर्षा कर उपस्थित श्रद्धालुओं को निहाल किया। महावीर शास्त्री ने कहा कि धरती पर आकर हर जीव को अपने कर्मों का फल भुगतान पड़ता है। विष्णु अवतार में धरती पर आकर खुद भगवान राम ने कष्ट झेले। राजमहल से निकलकर उन्हें भी वनवास भुगतान पड़ा। माता जानकी के लिए उन्हें भी जंगलों में भटकना पड़ा। महावीर शास्त्री ने कहा के इंसान को कष्टों से विचलित नहीं होना चाहिए। सुख दुःख अच्छा बुरा समय सब हमारे पिछले जन्मों का फल होता है। अगर हम इस जन्म में अच्छे कर्म करेंगे, धर्म मार्ग पर चलेंगे तो ही अगले जन्म में हमें सुख की प्राप्ति होगी। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान राम के पदचिन्हों पर चलते हुए अच्छे कर्म और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। 

    श्री सालासर धाम सेवा समिति बद्दी के आयोजकों ने बताया के 6 अप्रैल को पंजाब के प्रसिद्ध गायक मयंक अग्रवाल, दिल्ली की अंजना आर्य, जयपुर के आयुष सुमानी भजन संध्या में भगवान राम के भजनों का गुणगान करेंगे। सायं 7 बजे सीता मां के रसोई में अटूट भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर श्री सालासर धाम सेवा समिति बद्दी के मेंबर सत्या शुक्ला, राजेश गोयल , हरीश गर्ग, विनोद गर्ग, मनीष गोयल, कमल भार्गव, राम निवास, रमेश जिंदल, प्रमोद गोयल, ललित, दिलजीत समेत भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। 

  • नालागढ़ में पटियाल परिवार ने भागवत कथा का किया आयोजन 

    नालागढ़ में पटियाल परिवार ने भागवत कथा का किया आयोजन 

    शुकदेव महाराज का परीक्षित को कथा श्रवण कराना सार्थक हो गया: डॉ साध्वी सम्पूर्णा

    नालागढ़/ सचिन बैंसल : न्यू नालागढ़ में श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह पूर्ण हुआ। व्यासपीठ से डॉ साध्वी सम्पूर्णा ने सुदामा चरित्र श्रवण कराते हुये मित्रता का बड़ा ही मार्मिक चित्रण प्रस्तुत किया। श्रीकृष्ण और सुदामा के भावों को मैं आया नही भिजवाया गया हूँ,गरीबी का बेशक सताया हुआ हूँ। गरीबी झुका दे ये दम नही है तू यार मेरा है ये कम नही है । गीत के माध्यम से संगत भावविभोर हो उठी। परीक्षित मोक्ष की कथा श्रवण कराते हुए साध्वी ने कहा कि जब शुकदेव जी ने परीक्षित से कथा श्रवण कराने के बाद पूछा परीक्षित, कल तक्षक डसेगा बताओ मृत्य किसकी होगी ? तो परीक्षित ने कहा ! गुरुदेव, मैं तो नित्य मुक्त हूँ, अविनाशी हूँ, आत्मा हूँ मृत्यु तो शरीर की होनी है जो जन्मा है और जब तक्षक आया तब तक परीक्षित गौलोक धाम गमन कर चुके थे केवल उनके शरीर को उसने डसा ।

    भागवत जी एक मात्र ऐसा ग्रन्थ है जो मुक्ति- प्रदान करता है । कथा श्रवण करने राम गोपाल अग्रवाल, सुरेंद्र शर्मा, एकता सिंह राणा, भानु गौतम, पुनीत कौशल, समर सिंह चंदेल, विधायक के.एल ठाकुर, पूनम ठाकुर, चंदशेखरअवस्थी प्रिंस,तारा अवस्थी,विपिन वर्मा, निशा वर्मा, मनोहर लाल मेहता, आचार्य महेंद्र ,दीपक ठाकुर, राममूर्ति शर्मा,  चौधरी रणवीर सिंह, हरदीप बाबा , योगेश भारतिया , लाला रूप नारायण, गुरचरण सिंह बाबा , हरपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में विशिष्ट जनों का आगमन हुआ।

  • 37 वर्षों की सेवा के बाद जोगिंद्रा बैंक के मैनेजर बलबीर सेवानिवृत

    37 वर्षों की सेवा के बाद जोगिंद्रा बैंक के मैनेजर बलबीर सेवानिवृत

    बरोटीवाला शाखा से उत्कृष्ट कार्य करने के बाद मिली भावभीनी विदाई

    स्टाफ सहित आम लोगों ने उनकी ईमानदारी की सराहना की

    बददी/ सचिन बैंसल : जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक सीमीत में 37 साल सेवाएं देने के बाद शाखा प्रबंधक बरोटीवाला बलबीर सिंह सेवानिवृत हो गए। बलबीर सिंह ने बैंक में 1985 से 2023 तक कार्य किया और उनका कार्यकाल बहुत ही यादगारी व सराहनीय रहा। उन्होने हमेशा से ही बैंक में रहते हुए ईमानदारी से कार्य किया व अन्य लोगों को भी सहकारिता के प्रति जागरुक किया।

    लोगों व किसानों को ऋण देने में उन्होने हमेशा उदारता रखी वहीं बैंक में नए नए खाते खोलकर बैंक को भी मजबूत किया। इस अवसर पर जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक कर्मचारी संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष किशन देव ने बलबीर सिंह को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्य कार्यालय सोलन से सहायक महाप्रबंधक कुलदीप सिंह, प्रबंधक नीरज किशोर तथा अन्य बैंक स्टाफ व आम जनमानस मौजूद रहा। उपस्थित स्टाफ ने कहा कि 1985 में जब कंपयूटर का दूर दूर तक नाम नहीं था और भरोसा ही पहचान था तो उस दौर में उन्होने काम करके नए आयाम स्थापित किए और खासकर किसानों के लिए बहुत काम किया। सभी ने उनकी कार्यप्रणाली की कंठमुक्त सराहना की और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

  • राम-भरत भाई का प्रेम आज तक इतिहास में कोई दूसरा नहीं हुआ

    राम-भरत भाई का प्रेम आज तक इतिहास में कोई दूसरा नहीं हुआ

    श्रीराम कथा के अंतिम दिन सुनाई राम-भरत मिलन ओर वियोग की कथा 
    बददी/सचिन बैंसल: हाउसिंग बोर्ड फेस 2 के सामुदायिक केन्द्र में महिला समिति द्वारा करवाई जा रही श्रीराम कथा में सैकड़ों श्रद्वालु कथा श्रवण कर अपने जीवन को निर्मल कर रहे हैं । उतर भारत के सुप्रसिद्व कथावाचक पं जगमोहन दत शास्त्राी ने कथा अंति दिवस की कथा राम वन गमन, राम केवट संवाद, राजा दशरथ का राम वियोग में शरीर त्यागना आदि विषयों पर संगीत मयी कथा का मार्मिक वर्णन किया । भरत के ननिहाल से लौट कर आने पर राम गमन के पश्चात अयोध्या वासियों के दुख की मार्मिक कथा का पं. शास्त्राी ने ऐसा सुंदर वर्णन किया कि उपस्थित सभी भक्तगण भाव विह्वल हो गए । शास्त्राी ने अपने वेद पुराण की चर्चा करते हुए बताया कि रामायण गीता ग्रंथ केवल अपने घर में रखने के लिए नहीं है, बल्कि उसका अध्ययन करें और उसमें बताए गए सदकर्मों पर चलने की प्रेरणा लें । उन्होंने बताया कि आज तक के इतिहास में ऐसा कहीं भी वर्णन नहींे मिलता है जहां दो भाई आपस में इस बात को लेकर लड़ रहे हों कि यह राज पाट तेरा है । जब श्रीराम भरत को राजपाट देने के लिए राजगद्दी पर बैठने के लिए कहते हैं तो भरत श्रीराम को वह राजगद्दी वाचिस लौटा कर उनके साथ जंगल में वनवास जाने को कहते हैं । ऐसा भाई भाई का चरित्रा आज तक कहीं दूसरा देखने को भी नहीं मिलता है । कथा समापन के उपरन्त महिला समिति द्वारा विशाल भंडारे को आयोजन किया गया जिसमें सैकडों की संख्या में रामभक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
    कथा से आती है सुख, शांति और संपन्नता उन्होंने कहा कि रामकथा श्रवण से आज की पीढ़ी सुधरेगी, समाज सुधरेगा, देश सुधरेगा । शास्त्राी ने मत्स्य पुराण की चर्चा करते हुए बताया कि किन-किन माह में घर बनवाना चाहिए और किन स्थितियों में घर का निर्माण होना चाहिए । जिससे परिवार को सुख शांति और संपन्नता प्राप्त हो सके । इस अवसर हाउसिंग बोर्ड फेस 1, 2, फेस 3, ओमैक्स पार्क फेस 1 व 2 तथा बसन्ती बाग कालोनी की सैकडों महिलायें उपस्थित रहीं।
  • विक्ट्री इंडिया नेशनल ऑर्गेनाइजेशन को जिला स्तरीय सम्मान पुरस्कार 

    विक्ट्री इंडिया नेशनल ऑर्गेनाइजेशन को जिला स्तरीय सम्मान पुरस्कार 

    शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान ने किया सम्मानित

    बच्चों व समाज के उत्थान के लिए संस्था कर रही है अथक प्रयास 

    बद्दी /सचिन बैंसल : बच्चों ओर समाज के उत्थान के लिए लीक से हटकर ज़मीनी स्तर पर काम करने वाली एनजीओ विक्ट्री इंडिया नेशनल ऑर्गेनाइजेशन को जिला स्तरीय सम्मान पुरस्कार से नवाजा गया है। यह संस्था बच्चों व समाज के उत्थान के साथ साथ लोगों को नशे, स्वास्थ, शिक्षा, यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का काम कर रही है। प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में प्रवासी लोगों को स्वास्थ्य व शिक्षा के लिए जागरूकता शिविर लगाए जाते हैं। इसके अलावा जानलेवा रोगों, नशे व ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता के लिए संस्था पुलिस के साथ मिलकर शिविर आयोजित करती है।
    विक्ट्री इंडिया नेशनल आर्गेनाइजेशन संस्था को शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान देने पर  जिला स्तरीय सम्मान से पुरस्कृत किया गया । यह पुरस्कार विक्ट्री इंडिया नेशनल आर्गेनाइजेशन संस्था को राजकीय प्राथमिक विद्यालय बशीमा की जोहरी एवं राजकीय प्राथमिक विद्यालय शिल्ली (जिला सोलन) में स्कूलों के भवन की जीर्णोद्धार व नए भवन के निर्माण कार्य के लिए दिया गया। इस उपलक्ष पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की ओर से नेगी जी ने संस्था प्रबंधक रजनीश आंगरा को जिला स्तरीय सम्मान से पुरस्कृत किया व उनकी संस्था द्वारा किए गए कार्य की सराहना की। संस्था के प्रबंधक रजनीश आंगरा ने कहा के उनकी पूरी टीम समाज के लिए समर्पित है और आगे भी संस्था ज़मीनी स्तर पर बच्चों व समाज के उत्थान को काम करती रहेगी। इस मौके पर डाइट संस्था के जिला परियोजना अधिकारी शिव कुमार व कॉर्डिनेटर राम कुमार शर्मा समेत संस्था के सदस्य मौजूद रहे।
  • कांगड़ा में ऊना की महिला से गैंगरेप, 4 लोगों पर मामला दर्ज

    कांगड़ा में ऊना की महिला से गैंगरेप, 4 लोगों पर मामला दर्ज

    ऊना/सुशील पंडित : थाना गगरेट के अंतर्गत आते गांव मारवाड़ी की एक महिला ने जिला महिला थाना ऊना में देहरा ज़िला कांगड़ा से सम्बंधित एक सैनिक पर दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया है । महिला की शिकायत पर पुलिस ने जीरो एफआईआर में ये मामला दर्ज किया है । महिला ने पुलिस को जो शिकायत दी है उसके अनुसार महिला करीब तीन वर्ष से फौजी को जानती थी और दोनों देहरा जिला कांगड़ा में आपस मे मिले थे ।शिकायत के अनुसार सैनिक ने महिला को शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाए और उसे बैंक के माध्यम से प्रति माह खर्च भी भेजता था ।
    अक्सर सैनिक जब छुट्टी आता तो महिला के घर मारवाड़ी में ही ठहरता था । महिला ने शिकायत में बताया कि उसने सैनिक को बार बार शादी के लिए कहा तो उसने कहा कि मेरे घर आकर शादी की बात करनी होगी । महिला अपनी भाभी व अपने साथ एक अन्य महिला को लेकर फौजी के घर पर गई तो उसे मालूम हुआ कि फौजी पहले से शादीशुदा है और दो बच्चे भी है । महिला का आरोप है कि जब ये राज खुला तो फौजी उसे अपने घर देहरा में एक अलग कमरे में ले गया । उसके बाद फौजी की पत्नी , मां , बहन और अन्य व्यक्ति ने जबरन पकड़ कर जमीन पर लेटा दिया और गुप्तांग में डंडा घुसा दिया ।
    महिला की शिकायत के अनुसार वो अनुसूचित जाति से सम्बंधित है जबकि सैनिक सवर्ण परिवार से है । सैनिक ने मारपीट के इलावा जातिसूचक शब्द भी महिला को कहे । महिला की शिकायत के अनुसार उस से उसका व उसके साथ गई महिलाओं का  मोबाइल छीन लिया गया और उसके साथ गई महिलाओं को भी पीटा गया । महिला की शिकायत पर जिला महिला पुलिस थाना में फौजी सहित उसकी मां ,बहन व पत्नी के खिलाफ जातिसूचक व दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया गया है ।
    जानकारी देते हुए संजीव भाटिया अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामला देहरा में हुआ है लेकिन शिकायत महिला थाना ऊना में की गई है इसलिए जीरो एफआईआर में इस मामलें को पंजीकृत करके पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है ।
  • इक्फाई यूनिवर्सिटी ने मनाया अपना पहला दीक्षांत समारोह

    इक्फाई यूनिवर्सिटी ने मनाया अपना पहला दीक्षांत समारोह

    201 विद्यार्थियों को दी डिग्रियां

    बरोटीवाला/सचिन बैंसल :  बरोटीवाला के कालूझिंडा स्थित इक्फाई विश्वविद्यालय ने  पहला दीक्षांत समारोह शनिवार को आयोजित किया गया। हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग (एचपी-पीईआरसी) के अध्यक्ष सेवानिवृत मेजर जनरल अतुल कौशिक मुख्य अतिथि रहे। मणिपुर केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. टी तिरूपति रॉ ने दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की। आईसीएफएआई विश्वविद्यालय, मिजोरम के कुलाधिपति प्रो. वाईआर हरगोपाल रेड्डी भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
    दीक्षांत समारोह  में आईसीएफएआई से स्नातक करने वाले 201 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं। वर्ष 2016-2022 से स्नातक करने वाले टॉपरों को रजत और स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। जिन कार्यक्रमों के लिए डिग्रियां प्रदान की गईं उनमें एम.एससी. भौतिक विज्ञान, एम.एससी रसायन विज्ञान, एम.एससी. अंक शास्त्र, बीएससी। (गैर-चिकित्सा), बीटेक, सीएसई, ड्राफ्ट्समैन मैकेनिकल में डिप्लोमा, एमबीए, एम. कॉम, बीबीए, बी.कॉम, एलएलबी और गणित और प्रबंधन अध्ययन के विषयों में पीएचडी डिग्री शामिल हैं।
    आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केशव शर्मा ने विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने विश्वविद्यालय की स्थापना से लेकर आज तक की गई प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आईसीएफएआई सोसाइटी एक गैर-लाभकारी शैक्षिक सोसायटी है और स्वर्गीय  एन. जे. यशस्वी की ओर से स्थापित की गई थी। प्रो. केशव शर्मा ने हचाआ कि  आईसीएफएआई विश्वविद्यालय वर्तमान में 34 पाठ्यक्रमों की पेशकश कर रहा है जिसमें विभिन्न स्नातक, परास्नातक और पीएचडी शामिल हैं। विज्ञान और प्रौद्योगिकी, प्रबंधन अध्ययन और कला, कानून और फार्मास्युटिकल विज्ञान संकाय के संकायों के तहत कार्यक्रम शामिल हैं।  विश्वविद्यालय छात्रों को आवश्यक पेशेवर और जीवन कौशल के साथ-साथ सामाजिक लाभ प्राप्त करने के लिए समावेशी प्रौद्योगिकी सहायता प्राप्त शिक्षण के माध्यम से विश्व स्तरीय, अभिनव और कैरियर उन्मुख व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करने के अपने मिशन को प्राप्त करने का प्रयास कर रहा है। विवि के रजिस्ट्रार एम के सोनी ने दीक्षांत समारोह के अंत में धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
  • इक्फाई यूनिवर्सिटी ने मनाया अपना पहला दीक्षांत समारोह

    201 विद्यार्थियों को दी डिग्रियां

    बरोटीवाला/सचिन बैंसल :  बरोटीवाला के कालूझिंडा स्थित इक्फाई विश्वविद्यालय ने  पहला दीक्षांत समारोह शनिवार को आयोजित किया गया। हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग (एचपी-पीईआरसी) के अध्यक्ष सेवानिवृत मेजर जनरल अतुल कौशिक मुख्य अतिथि रहे। मणिपुर केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. टी तिरूपति रॉ ने दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की। आईसीएफएआई विश्वविद्यालय, मिजोरम के कुलाधिपति प्रो. वाईआर हरगोपाल रेड्डी भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
    दीक्षांत समारोह  में आईसीएफएआई से स्नातक करने वाले 201 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं। वर्ष 2016-2022 से स्नातक करने वाले टॉपरों को रजत और स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। जिन कार्यक्रमों के लिए डिग्रियां प्रदान की गईं उनमें एम.एससी. भौतिक विज्ञान, एम.एससी रसायन विज्ञान, एम.एससी. अंक शास्त्र, बीएससी। (गैर-चिकित्सा), बीटेक, सीएसई, ड्राफ्ट्समैन मैकेनिकल में डिप्लोमा, एमबीए, एम. कॉम, बीबीए, बी.कॉम, एलएलबी और गणित और प्रबंधन अध्ययन के विषयों में पीएचडी डिग्री शामिल हैं।
    आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केशव शर्मा ने विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने विश्वविद्यालय की स्थापना से लेकर आज तक की गई प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आईसीएफएआई सोसाइटी एक गैर-लाभकारी शैक्षिक सोसायटी है और स्वर्गीय  एन. जे. यशस्वी की ओर से स्थापित की गई थी। प्रो. केशव शर्मा ने हचाआ कि  आईसीएफएआई विश्वविद्यालय वर्तमान में 34 पाठ्यक्रमों की पेशकश कर रहा है जिसमें विभिन्न स्नातक, परास्नातक और पीएचडी शामिल हैं। विज्ञान और प्रौद्योगिकी, प्रबंधन अध्ययन और कला, कानून और फार्मास्युटिकल विज्ञान संकाय के संकायों के तहत कार्यक्रम शामिल हैं।  विश्वविद्यालय छात्रों को आवश्यक पेशेवर और जीवन कौशल के साथ-साथ सामाजिक लाभ प्राप्त करने के लिए समावेशी प्रौद्योगिकी सहायता प्राप्त शिक्षण के माध्यम से विश्व स्तरीय, अभिनव और कैरियर उन्मुख व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करने के अपने मिशन को प्राप्त करने का प्रयास कर रहा है। विवि के रजिस्ट्रार एम के सोनी ने दीक्षांत समारोह के अंत में धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।