Category: Entertainment

  • युवा इंटक ने हरिपुर में लगाया रक्तदान शिविर

    युवा इंटक ने हरिपुर में लगाया रक्तदान शिविर

    रक्त की एक एक बूंद समाज के काम आनी चाहिए : जसविंदर चौहान

    बददी/सचिन बैंसल: हिमाचल प्रदेश युवा इंटक की ओर से हरिपुर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें लगभग 40 युवाओं ने रक्तदान किया। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश युवा इंटक के चेयरमैन जसविंदर चौहान ने मुख्य अतिथि के रुप में शिरकत की और उन्होंने रक्त देने वाले युवाओं का धन्यवाद किया और उन्होंने कहा कि इंटक हमेशा जनहित में कार्य कर रही है और मजदूरों के हित की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि हमारे रक्त की एक एक बूंद देश व समाज के काम आनी चाहिए इसी उपलक्ष में रक्तदान शिविर लगाया गया है। भगवान बुद्ध चैरिटेबल ब्लड सेंटर कांगड़ा से आए हुए टीम ने रक्त दाताओं का  लिया।
    डॉक्टर रोहित यादव और उनकी टीम ने बताया कि रक्त देने से किसी भी प्रकार की कमजोरी नहीं आती है ।वह 24 से 48 घंटे में रक्त फिर द्वारा शरीर में पूरा हो जाता है। कोई भी व्यक्ति हष्टपुष्ट व्यक्ति जिसकी उम्र 18 साल से अधिक है वह रक्तदान कर सकता है। इस मौके पर हिमाचल प्रदेश युवा इंटक जिला सोलन के जनरल सेक्टरी शिव चौधरी, प्रवीण चौधरी, केवल चौधरी समेत काफी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
  • फिल्म जगत से दुखद खबरः 24 की उम्र में इस एक्ट्रेस का हुआ निधन….

    फिल्म जगत से दुखद खबरः 24 की उम्र में इस एक्ट्रेस का हुआ निधन….

    मुंबई: बंगाली एक्ट्रेस एंड्रिला शर्मा अब हमारे बीच नहीं रही। एंड्रिला शर्मा 20 नवंबर  यानि रविवार की दोपहर 12:59 बजे जिंदगी से जंग हार गईं। एक्ट्रेस ने महज 24 की उम्र में अंतिम सांस ली। 1 नवंबर को एंड्रिला शर्मा ब्रेन स्ट्रोक आया था। इसके बाद से ही वह हावड़ा के एक निजी अस्पताल में भर्ती थीं। वह कोमा में चली गई थी। उन्हें वेंटिलेशन में रखा गया था लेकिन फिर उन्हें होश नहीं आया। 

    14 नवंबर से एंड्रिला की शारीरिक स्थिति बिगड़ने लगी थी। हाॅस्पिटल सूत्रों के अनुसार उन्हें मल्टीपल कार्डियक अरेस्ट हुए थे। एंड्रिला इस झटके को सह नहीं पाई। 

    एंड्रिला शर्मा दो बार कैंसर से जंग जीत चुकी हैं। साल 2015 में, उन्हें पहली बार 11वीं कक्षा में पढ़ते समय कैंसर का पता चला था। कैंसर ने उनके अस्थि मज्जा पर आक्रमण किया था। दूसरी बार 2021 में वह फेफड़ों में ट्यूमर हुआ था।

    कैंसर से लड़ाई के साथ-साथ उनके अभिनय का काम जारी रखा था। 1 नवंबर को ब्रेन स्ट्रोक के चलते वह हाॅस्पिटल में एडमिट हुईं। 24 साल की एंड्रिला ने जिंदगी और मौत की जंग की तीसरी पारी शुरू की थी। वहीं 20 दिनों तक लड़ते-लड़ते थककर एंड्रिला ने आखिरकार हार मान ली। 

  • सिने जगत में शोक की लहर, मशहूर एक्ट्रेस का निधन

    सिने जगत में शोक की लहर, मशहूर एक्ट्रेस का निधन

    नई दिल्लीः मशहूर अभिनेत्री तबस्सुम गोविल अब हमारे बीच नहीं रहीं। 78 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया है। तबस्सुम का निधन कार्डियक अरेस्ट की वजह से हुआ है। इस बात की जानकारी खुद उनके बेटे होशंग गोविल ने शनिवार को मीडिया को दी।

    तबस्सुम के बेटे होशंग गोविल ने कहा, ‘शुक्रवार शाम को उनका निधन हो गया। उसके जाने से परिवार को सदमा लगा है। कल रात करीब 8:40 बजे एक अस्पताल में कार्डियक अरेस्ट के कारण उनका निधन हो गया। बेटे ने बताया कि वह बिल्कुल स्वस्थ्य थीं। हमने 10 दिन पहले अपने शो के लिए शूटिंग की थी और अगले हफ्ते फिर से शूट करने वाले थे। यह अचानक हुआ।’

    अभिनेत्री ने 1947 में बाल कलाकार बेबी तबस्सुम के रूप में अपना करियर शुरू किया। उन्होंने 1972 से 1993 तक लोकप्रिय दूरदर्शन सेलिब्रिटी टॉक शो ‘फूल खिले हैं गुलशन गुलशन’ की भी मेजबानी की।

  • सुब्रोस कंपनी ने  लगाया रक्तदान शिविर

    सुब्रोस कंपनी ने  लगाया रक्तदान शिविर

    शिविर में 70 लोगों ने किया रक्तदान

    बददी/सचिन बैंसल:  सुब्रोस कंपनी के चैयरमैन ललित सूरी की याद में आयोजित रक्तदान शिविर में 70 युवाओं ने रक्तदान किया। 
    कंपनी के एचआर जितेंद्र कुमार  ने बताया कि  कंपनी के प्लांट हैड अनंत दिनकर देशमुख ने शिविर का शुभारंभ किया। शिविर में युवाओं ने काफी जोश दिखाई दिया। शिविर में  कार्तिक मिश्रा, आदर्श दूबे, पवन कुमार, शाब अंसारी,  बृजेश कुमार, जयकृष्ण, सुभाष कुमार, अभिषेक सिंह,  रवि कुमार, नितेश शर्मा,  प्रिंस कुमार,  गोल्डी कुमारी,  सुनील कुमार,  रामचंद, जयमल सिंह, शुभम शर्मा, जसवीर सिंह, अक्षय कुमार, त्रिलोक सिंह, राज कुमार और भजन कुमर ने पहली बार रक्तदान किया। जबकि ओमप्रकाश, अमरीक सिंह, जसवीर सिंह, राजीव कुमार, नील कुमार, सुखविंद्र सिंह,  मांगे राम, शिव कुमार,  मनिंद्र, भावेश शर्मा ने  दूसरी बार और अनूप वासुदेवा, जिेतंद्र कुमार, राजीव कुमार, प्रदीप गोयल, दिवाकर सिंह, मोहित, सुभाष कुमार, सुमीत कुमार, आदर्श दूबे और जग्गी ने चौथी बार रक्तदान किया।  ब्लड बैंक नालागढ के डॉ. मोनिका शर्मा, नीलम, नागेद्र, अजय और सुनील तथा सोलन से आए ज्योति संजय, कैलाश, राजेश ने रक्त एकत्रित किया। डॉ. मोनिका ने बताया कि वह 70 किट लेकर आए थे। लेकिन यह सभी पूरे हो गए। उन्होंने बताया कि रक्तदान करने से शरीर में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं आती है। एक स्वस्थ व्यक्ति तीन माह के बाद रक्तदान कर सकता है। इस मौके पर आपरेशन हैड सुखविंद्र सिंह यादव और प्रोडक्शन हैड अविनाश वर्मा भी उपस्थित रहे।
  • पंडित के सामने ही दुल्हन ने किया ये काम, देखकर लोग रह गए हैरान, देखे वीडियो 

    पंडित के सामने ही दुल्हन ने किया ये काम, देखकर लोग रह गए हैरान, देखे वीडियो 

    नई दिल्ली : शादियों को बेहद पवित्र माना जाता है और दो प्यार करने वालों को एक साथ देखना हमेशा खुशी की बात होती है। भारतीय शादियों में अलग तरह का उत्साह देखने को मिलता है। भारतीय शादियां काफी लंबी होती हैं। दूल्हा-दुल्हन और घरवालों को कई रस्म निभाने होते हैं। शादियों में कई पल ऐसे भी आते हैं जो बेहद खास होते हैं और यादगार बन जाते हैं। शादियों के वीडियोज सोशल मीडिया पर भी लोग खूब देखना पसंद करते हैं और कई वीडियोज पल भर में वायरल हो जाते हैं।

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में दूल्हा- दुल्हन एक दूसरे पर खूब प्यार लुटाते नजर आ रहे हैं। वायरल वीडियो मंडप का है, जहां दूल्हा- दुल्हन रस्में पूरे करने के लिए पंडित जी के सामने बैठा है। आस पास मेहमान भी नजर आ रहे हैं। लेकिन तभी दूल्हा- दुल्हन एक दूसरे को प्यार से देखते हैं औऱ दुल्हन सबके सामने दूल्हे को किस कर बैठती है।

    यूजर @witty Wedding ने इंस्टाग्राम पर इस वीडियो को पोस्ट किया है। वीडियो दूल्हा और दुल्हन के एक-दूसरे को देखने के साथ शुरू होता है। हालांकि ऐसा प्रतीत होता है कि दूल्हा अपनी दुल्हन को किस करना चाहेगा, लेकिन वह अपने परिवार और पंडित के सामने ऐसा करने से कतराता है। फिर अचानक दुल्हन ने आगे झुक कर उसे किस कर लिया। इस वीडियो के साथ कैप्शन दिया गया  है, “Awww. दूल्हा –दुल्हन के यह बेहद प्यारा वीडियो है, जो लोगों को पसंद आ रहा है.”।

    इस वीडियो पर यूजर्स के अलग अलग तरह के रिएक्शन आए हैं। कुछ यूजर्स ने इसे बेहद प्यारा बताया  है तो वहीं कई यूजर्स ने इसे भारतीय रीति-रिवाजों के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा, मंडप में ऐसा करना उचित नहीं है। एक यूजर ने लिखा, “यह बहुत प्यारा और मनमोहक है.” एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘दुख की बात है कि हम अपनी परंपरा को भूल रहे हैं और केवल पश्चिमी संस्कृति पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं…’ यह बहुत दुख की बात है कि आज की युवा पीढ़ी हमारी परंपराओं से वाकिफ नहीं है.”।

  • राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घरेड में एनएसएस शिविर का आगाज

    राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घरेड में एनएसएस शिविर का आगाज

    विभिन्न सामाजिक कार्यों को शिविर के दौरान दिया जाएगा अंजाम

    बददी/सचिन बैंसल: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घरेड में राष्ट्रीय सेवा योजना कैंप का शुभारंभ प्रधानाचार्य ने दीप प्रज्वलित करके किया। छात्रों के द्वारा वंदे मातरम स्वागत गीत व एन.एस.एस गीत की प्रस्तुति की गई। एनएसएस के प्रभारी सीमा देवी व प्रवक्ता राजपाल ने बच्चों का मार्गदर्शन किया व एनएसएस के बारे में विस्तार से बताया।  कृष्णा देवी ने एनएसएस की पृष्ठभूमि के बारे में दिशा निर्देश दिए व एनएसएस के प्रतीक चिन्ह के बारे में भी बताया ।  मोनिका ने संगठन के बैज के बारे में जानकारी दी। भावना देवी ने राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्य के बारे में विस्तृत रूप से बताया। इसमें सभी अध्यापक व 31 बच्चों ने भाग लिया। इस कैंप में 12 लड़कियां और 19 लडक़े राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घरेड के प्रांगण में 7 दिनों तक रहेंगे और विभिन्न सेवा कार्य करेंगे।  आज पहले दिन बच्चों ने विद्यालय के मेन गेट के आगे साफ सफाई की। एनएसएस के प्रभारी सीमा देवी व प्रवक्ता राजपाल ने अपने संबोधन में बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना राष्ट्र की युवाशक्ति के व्यक्तित्व विकास हेतु युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित एक सक्रिय कार्यक्रम है।

    इसके गतिविधियों में भाग लेने वाले विद्यार्थी, समाज के लोगों के साथ मिलकर समाज के हित के कार्य करते है। साक्षरता संबंधी कार्य, पर्यावरण सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं सफाई आपातकालीन या प्राकृतिक आपदा के समय पीड़ीत लोगों की सहायता आदि। विद्यार्थी जीवन से ही समाजपयोगी कार्यों में रत रहने से उनमें समाज सेवा या राष्ट्र सेवा के गुणों का विकास होता है।
    स्वैच्छिक समुदाय सेवा के माध्यम से युवा छात्रों के व्यक्तित्व और चरित्र के विकास के प्राथमिक उद्देश्य से राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) को 1969 में शुरू किया गया था। एनएसएस इकाइयां उस गतिविधि का आयोजन कर सकती है जो समुदाय के लिए प्रासंगिक है। समुदाय की जरूरतों के अनुसार गतिविधियां जारी हैं। मुख्य गतिविधियों वाले क्षेत्रों में शिक्षा और साक्षरता, स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और पोषण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सेवा कार्यक्रम, महिलाओं की स्थिति में सुधार, उत्पादन उन्मुख कार्यक्रम, आपदा राहत तथा पुनर्वास संबंधी कार्यक्रम, सामाजिक बुराइयों के खिलाफ अभियान, डिजिटल भारत, कौशल भारत, योग इत्यादि जैसे प्रमुख कार्यक्रमों के बारे में जागरूकता पैदा करना आदि शामिल है।
  • देवव्रत यादव बने ईएसआईसी पेंशनरों की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष

    देवव्रत यादव बने ईएसआईसी पेंशनरों की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष

    बददी/ सचिन बैंसल: ईएसआईसी से सेवानिवृत पेंशनरों की प्रदेश इकाई के चुनाव में सेवानिवृत सहायक निदेशक देवव्रत यादव को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया।   बद्दी के क्षेत्रीय कार्यालय में हुए चुनाव में  सेवानिवृत  उपनिदेशक बंसी लाल गुप्ता की देखरेख में चुनाव कराए गए। जिसमें  अध्यक्ष पद के लिए सभी पेंशनरों ने  देवव्रत यादव के नाम पर मोहर लगाई। इसके अलावा  मस्त राम को सचिव, आरके कक्कड को उपाध्यक्ष, बीके  बख्शी सयुंक्त सचिव और अमीचंद को कोषाध्यक्ष चुना गया।
    ठाकुर, सिंह, बंसीलाल गुप्ता और नूतन को कार्यकारिणी में शामिल किया गया। 
    नव निर्वाचित अध्यक्ष देवव्रत यादव ने  निगम के क्षेत्रीय निदेशक संजीव कुमार से  पेंशनर एवं उनके परिजनों के लिए एक सुपर स्पैशिलिटी अस्पातल का चयन करने की मांग रखी,  जिसमें बिना किसी रैफरेंस के निशुल्क उपचार हो सके । 
    पेंशनरों को समय पर पेंंशन मिले। ईएसाआईसी अस्पताल परवाणू एवं काठा में अलग अलग दो कमेटियों का गठन  पेंशनर एसोसएिशन  को विश्वास को लेकर करने की मांग की।  संजीव कुमार ने सभी मांगो को स्वीकार किया। सुचारू रुप से चुनाव संपन्न कराने के लिए बंसीलाल गुप्ता का  सभी ने आभार व्यक्त किया। नव नियुक्ति अध्यक्ष ने क्षेत्रीय निदेशक संजीव कुमार, उप निदेशक प्रशांत बैजल एवं सहायक निदेशक छेरिंग सैंपल को स्थान उपलब्ध कराने, सदस्यों की समस्याओं को सुनने एवं मौके पर सकारात्मक कार्रवाई करने पर आभार प्रकट किया।
  • दून विधानसभा के प्रत्याशियों ने कार्यकर्ताओं सहित की हार-जीत की समीक्षा

    दून विधानसभा के प्रत्याशियों ने कार्यकर्ताओं सहित की हार-जीत की समीक्षा

    कुल 71563 वोटों में से 61004 मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया था
    विस के समस्त बूथों पर हुई पोलिंग का लिया जायजा
    दोनो प्रमुख दलों ने किए अपने अपने जीत के दावे

    बददी/सचिन बैंसल: दून विधानसभा में मतदान शांतिपूर्व संपन्न होने के बाद दोनो प्रमुख दलों ने आज अपने अपने स्तर पर अपनी जीत हार की समीक्षा की। प्रत्येक बूथ स्तर पर भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों ने बूथ अध्यक्षों व बूथ प्रभारियों तथा एजेंटो से फीडबैठ लिया। इस बार वोटर के साईलेंट होने से दून विस में दोनों दलों के कार्यकर्ता अपनी अपनी जीत के प्रति आशान्वित तो है लेकिन फिर भी खुलकर यकीन नहीं दिला पा रहे कि हम ही जीतेंगे।

    दून विधानसभा में शनिवार देर रात तक हुए मतदान में कुल 71563 वोटों में से 61004 मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया था। इसमें पुरुष मतदाताओं ने 31590 व महिला मतदाताओं में 29412 ने वोटिंग की जबकि दो ट्रांसजेंडर ने भी मतदान किया। देर रात तक आई बूथ वाईज लिस्ट की आज भाजपा ने मोतिया प्लाजा में अपने कार्यालय में प्रत्याशी परमजीत सिंह पम्मी की अध्यक्षता में समीक्षा की। इसमें हर बूथ से आए हुए एजेंटो से फीडबैक लिया गया और उसी के आधार पर गुणा भाग करके अपनी जीत का दावा किया गया।
    विधायक ने कहा कि यह चुनाव दून भाजपा के कार्यकर्ताओं की मेहतन व केंद्र व प्रदेश की नीतियों से दोबारा जीत रहे हैं। उन्होने कहा कि जिस प्रकार 85 फीसदी मतदान हुआ है वो हमारे लिए अच्छी बात है क्योंकि लोगों ने विकास के नाम पर मोहर लगाई है। आज दून के समस्त कार्यकर्ता व नेता पूरी थकावट उतार कर खुश नजर आ रहे थे। समीक्षा बैठक में दून विस के विभिन्न कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और विधायक परमजीत सिंह को अपने अपने क्षेत्रों की जानकारी दी कि हर जगह ठीक वोटिंग हुई है। वहीं दूसरी ओर दून के पूर्व कांग्रेस विधायक एवं कांग्रेस प्रत्याशी रामकुमार ने संडोली में अपने कार्यकर्ताओं संग संक्षिप्त बैठक कर फीड बैक ली। समस्त कार्यकर्ताओं ने कहा कि इतनी ज्यादा वोटिंग होना यह दर्शाता है कि यह सत्ता विरोधी लहर है।
    ज्यादा वोटिंग होना यह दर्शाता है कि यह कांग्रेस के पक्ष में हुई है। रामकुमार ने कहा कि हम दून में जोरदार वापिसी कर रहे हैं क्योंकि दून में पांच साल में विकास किया होता तो भाजपाईयों को घर घर नहीं घूमना पडता। कांग्रेस कार्यकर्ताओं व पोलिंग बूथ एजेंटों ने अपनी फीडबैक में कहा कि हम भारी मार्जन से दून की सीट जीत रहे हैं और दुनिया की कोई ताकत अब फैसले को बदल नहीं सकती। वहीं आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी सवर्ण सिंह सैणी, आरडीपी के प्रत्याशी बलवंत सिंह ठाकुर, बसपा के नागेंद्र चंद व निर्दलीय देसराज चौहान ने भी कार्यकर्ताओं संग चुनाव का फीड बैक लिया।
  • दून का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड यूके लंदन में दर्ज

    दून का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड यूके लंदन में दर्ज

    पूर्व विधायक राम कुमार चौधरी को मिला अचीवमेंट अवॉर्ड

    बद्दी (सचिन बैंसल)। लोकप्रिय नेता स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह का पहले ही निस्वार्थ सेवाएं देने और हिमाचल प्रदेश को ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड यूके लंदन में नाम दर्ज हुआ था, आज भी उनका नाम पूरे हिमाचल में गूंजता है । वीरभद्र सिंह पहले ऐसे  हिमाचल के नेता थे जो 6 बार बतौर मुख्यमंत्री के रूप में सेवाएं दे चुके हैं, उनकी अच्छी कारगुजारी को देखते हुए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड यूके लंदन में जहां उनका नाम दर्ज है वहीं पर लॉर्ड ऑफ पार्लियामेंट यूके में उनको याद किया जाता है। इसी तरह दून के  पूर्व विधायक राम कुमार चौधरी को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड यूके लंदन द्वारा  1600 किलोमीटर डोर टू डोर कंपेन व निस्वार्थ सेवाएं देने के लिए इस संस्था ने अचीवमेंट अवॉर्ड देकर सम्मानित किया है। यह अवार्ड उन्हें  वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड यूके लंदन के हिमाचल चैप्टर के प्रेसिडेंट   एवं क्यूरटेक ग्रुप के एमडी सुमित सिंगला ने दिया है। दून के लिए जहां  यह अवार्ड मिलना बहुत गर्व की बात है वहीं  राम कुमार चौधरी हिमाचल में दूसरे ऐसे  नेता  है।

    जिनका हमेशा ही समाज सेवा करना मुख्य उद्देश्य रहा है। कोरोना काल में पूर्व विधायक राम कुमार चौधरी  दो बार ग्रसित हुए परंतु उनका जनता के साथ  इतना प्यार था कि उनसे  जनता के लिए जो भी मदद बन पाती थी ज्यादा से ज्यादा सहयोग कर उनकी ओर से हर क्षेत्र में निस्वार्थ सेवा कार्य किया गया। रामकुमार चौधरी ने कहा कि कभी भी किसी पद पर बैठकर उसका दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में उनका मुख्य लक्ष्य यह है कि दून के साथ साथ पूरे हिमाचल की निस्वार्थ सेवा करूं। कहा कि आज मुझे उपलब्धि मिलने पर खुशी है कि वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड यूके लंदन की ओर से मेरी सेवाओं के कारण मुझे अवॉर्ड मिला है, जिसके कारण  मैं और ज्यादा प्रोत्साहित होकर कार्य कर खरा उतरने का प्रयास करूंगा व जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का निदान करूंगा। उन्होंने वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड यूके लंदन के हिमाचल प्रेसिडेंट सुमित सिंगला का  अचीवमेंट अवॉर्ड दिए जाने के लिए आभार जताया है। चौधरी ने कहा कि जैसे ही मुझे अवॉर्ड  मिला  दून के लोगों का उन्हें बधाइयां देने के लिए तांता लगा हुआ है । राम कुमार चौधरी ने कहा कि आने वाले समय में अपने पिता स्वर्गीय लज्जाराम चौधरी के नक्शे कदम पर चलना मेरा मुख्य उद्देश्य है आज भी मुझे ऐसा लगता है कि वह मेरे साथ तो हैं ही अपितु  दून  की जनता के कण-कण में विद्यमान है। इस अवसर पर दून कॉन्ग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एवम् इंटक नेता संजीव कुडलस व अन्य उपस्थित रहे।

  • मतदाताओं को दर्द देकर गया 2022 का चुनाव!

    मतदाताओं को दर्द देकर गया 2022 का चुनाव!

    मतदाताओं ने दून-नालागढ़ विधानसभा में हुई बद-इंतजामियों पर नालागढ़ प्रशासन को जमकर घेरा

    बद्दी (सचिन बैंसल)। दून विधानसभा क्षेत्र में चुनाव तो शांतिपूर्वक संपन्न हो गया लेकिन इस दौरान मतदाताओं को जो दर्द मिले वो उसको लंबे समय तक भूल नहीं पाएंगे। दून विधानसभा के मैदानी इलाके में जिला प्रशासन व चुनाव आयोग ने चुनाव से पूर्व वो अभ्यास नहीं किया जो उसको करना चाहिए था जो कि पूर्व के चुनावों का अनुभव था। 2017 के विस चुनावों के साथ साथ 2019 के लोकसभा चुनावों में आई दिक्कतों पर अवलोकन करने का एक भी बार उपमंडल  के अधिकारियों ने जरुरी नहीं समझा। अधिकारी दिल्ली व शिमला से आए हुए आयोग के स्लोगनों को शेयर करते हुए उसका प्रचार प्रसार करते रहे लेकिन हकीकत में लोकतंत्र के इस पर्व को अम्लीजामा कैसे पहनाया जाए उस पर वर्क ही नहीं किया। कारण यह हुआ कि लोग सुबह 8 बजे से लेकर रात को 10 बजे तक वोटिंग मे उलझे रहे। दून विस के मलपुर बूथ में लोगों ने नाश्ता-दोपहर का भोजन व रात का भोजन इधर उधर से मंगवाकर वहीं किया। नालागढ़ के डोली बारियां बूथ में यही हुआ। बिना वजह व बिना कारण से इतने बडे बडे बूथ बना दिए गए जिसका कोई औचित्य नहीं था। 1400 के लगभग संख्या के बूथों में एक मशीन ने भुगतान होना मुश्किल है यह सब जानते हैं तो अधिकारी दफतरों में बैठकर क्या आकलन करते रहे। कहीं बैठने को जगह नहीं था कहीं गंदगी बहुत थी तो कहीं पीने का पानी तक नहीं था तो कहीं बाथरुम साफ नहीं थे। महिलाओं व बुजुर्गों के साथ साथ विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए मानो यह लोकतंत्र का त्यौहार कोई दर्द लेकर आया हो लेकिन फिर भी देवतुल्य जनता मौके पर रात दस बजे तक डटी रही। इस संदर्भ में बहुत सी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रशासन को बद इंतजामियों पर जमकर घेरा–

    इस बार  वोटर को इतनी परेशानी हुई है इतनी कभी भी नहीं हुई है। यदि आगे को पोलिंग बूथ कि संख्या नहीं बढ़ाई तो आगे से कोई भी वोट डालने नहीं जाएगा। सबसे ज्यादा दु:ख तो तब हुआ कि बहुत सारे वोटर वोट देने के लिए चंडीगढ़ और पंचकूला से आऐ और बेचारे 3 घण्टे तक लाइनों मे खडे रहे। जो लोग यहॉ 20 सालों से रह रहे थे उनके अपने मकान भी है पुरानी वाली लिस्ट में से हटा दिए गए ।  बिना मकान नंबर और बिना पक्के पक्के पू्रफ वाले लोगों के नाम लिस्ट मे डाले गए। पूरे मनमाने तरीके से काम किया गया है। जो लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है जबकि फेज़ 3 के लोगो ने नालागढ़ प्रशासन से मिलकर बहुत पहले फेज़ 3 और बंसती बाग वाले वोटर  के लिए अलग बूथ बनाने का प्रस्ताव दिया था उसको कैंसिल कर दिया। जिसके कारण लोगो को भारी परेशानी का सामना कल करना पड़ा। नालागढ़ प्रशासन के समस्त कृत्य वोटरों को तंग करने वाले थे।

    –कुलवीर सिंह आर्य, अध्यक्ष आर्य समाज बददी–

    लगभग सभी बूथों पर ऐसा हाल ही था। हमारे बूथ पर 1200 से अधिक वोट थे और बहुत धीमी गति से वोटिंग हो रही थी। मैने तो देखा कि कुछ लोग जो कि शारीरिक रुप से अक्षम थे उनको वोट डालने के लिए बहुत मशक्कत करनी पडी। मरीजों व बुजुर्गों को बहुत परेशानी हुई। चुनाव आयोग हर बूथ जिसमें 600 से ज्यादा वोट है में दो मशीनें स्थापित करे।

    –भगत राम-सेवानिवृत अध्यापक झाडमाजरी–

    मंधाला गांव की करीब 1160 वोटो के लिए सिर्फ एक बूथ है और लोग भेड बकरियों की तरह दो दो घंटे से खडे अपनी बारी का ईंतजार कर रहे हैं । सीनियर सिटीजन के लिए कोई प्राथमिकता नहीं दी जा रही जो चुनाव आयोग की हिदायतों का खुल्लमखुला उलंघन है । पोलिंग स्टाफ बेहद धीमी गति से काम कर रहा था । कोई भी अधिकारी सुनने को तैयार नहीं था । लोग बिना वोट डाले वापिस मुड रहे थे । मतदान कम होने की पूरी संभावना है । जिला निर्वाचन अधिकारी की भूमिका संदिग्ध है वर्ना चुनाव में ऐसा तकनीकी कुप्रबंधन कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाता । मैने भी अनगिनत चुनावों में बतौर सैक्टर मजिस्ट्रेट अतयंत संवेदनशील इलाकों में भूमिका निभाई है लेकिन हैरान हूं ऐसी कुव्यवस्था और घोर लापरवाही के लिए तो जिम्मेदार अधिकारी अब तक चार्जशीट हो चुके होते।

    -हरबंस लाल मैहता-सेवानिवृत अधिकारी-मंधाला-

    बददी पोलिंग बूथ पर भी वे यही हाल था….! घंटों  बीमार और  बूढ़े वा मेहलाएं कतारों में खड़े रहे। मात्र एक मशीन वार्ड 1 व 2 के लिए लगाई गई थी। केंद्रीय पुलिस बल के जवानों का व्यवहार भी एग्रेसिव वा असभ्य था। कम से कम महिलाओं और ब सीनियर सिटीजन के लिए अलग से पंक्ति होनी चाहिए थी। हर बूथ में कम से कम 2 ईवीएम होनी चाहिए। मैने भी लगभग 15 साल अपनी फोर्स को डिप्लॉय कर ऑल ओवर इंडिया विभिन राज्यों मैं चुनाव में सिक्यूरिट व्यवस्था को निभाया है। ऑफ केंद्रीय बल का अधिकारी होने के नाते कर्तव्य का निर्वाह किया है। डिस्ट्रिक्ट लेवल पर तथा केंद्रीय चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ मीटिंग्स में शामिल हो कर सुचारु व जन सुविधाओं व जन सम्मान को ध्यान में रखते हुए चुनाव को अंजाम तक पहुंचाया है।  मगर ऐसी अव्यवस्था मैने कहीं भी नहीं देखी। ये सब डिवीजन लेवल पर तैनात प्रशासनिक अधिकारियों की घोर असफलता है। केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों और राज्य पुलिस कर्मीयों को भी आम जनता की भावनाओं और उनके सम्मान का पूरा ध्यान रखने भी विनम्रता के साथ पेश आने का हिदायत देना जरूरी है। यह कर्मी सेवक हैं मालिक नहीं, इस बात पुलिस बल के सदस्यों को ध्यान में रखना चाहिए। हिमाचल के लोग तो वैसे भी अन्य राज्यों की तुलना में बहुत ही सभ्य और सुसंस्कृत वा शांति प्रिय होते हैं।

    –अमर चंद ठाकुर-सेवानिवृत पुलिस अफसर  भारत सरकार–