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  • शुतराना हलके के 56 गांवों की 68,500 एकड़ भूमि को सिंचाई के लिए मिला नहरी पानी: बरिंदर कुमार गोयल

    शुतराना हलके के 56 गांवों की 68,500 एकड़ भूमि को सिंचाई के लिए मिला नहरी पानी: बरिंदर कुमार गोयल

    80.35 करोड़ रुपये की लागत से 137.13 किलोमीटर नहरों, रजबाहों और सब-माइनरों का नवीनीकरण तथा 53.9 किलोमीटर पाइपलाइनें बिछाई गईं

    चंडीगढ़/पातड़ां: पंजाब के जल संसाधन तथा भूमि एवं जल संरक्षण मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज शुतराना विधानसभा क्षेत्र के गांव बूटा सिंह वाला और बादशाहपुर में नहरी सिंचाई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर शुतराना के विधायक कुलवंत सिंह बाजीगर भी उपस्थित रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान एवं जल संसाधन मंत्री  बरिंदर कुमार गोयल का किसानों को यह बड़ा तोहफा देने के लिए धन्यवाद किया।

    बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार किसानों को अधिक से अधिक नहरी पानी उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि शुतराना हलके में 80.35 करोड़ रुपये की लागत से 137.13 किलोमीटर नहरों, रजबाहों और सब-माइनरों का नवीनीकरण किया गया है, जिससे 56 गांवों की लगभग 68,500 एकड़ भूमि को सिंचाई के लिए नहरी पानी उपलब्ध होगा।

    उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत दो नहरों तथा 14 माइनरों एवं सब-माइनरों का नवीनीकरण किया गया है। इसके अतिरिक्त 53.9 किलोमीटर पाइपलाइनें बिछाई गई हैं, जिन पर 8.89 करोड़ रुपये की लागत आई है। इन पाइपलाइनों के माध्यम से 18 गांवों की लगभग 9,302 एकड़ भूमि को नहरी पानी की सुविधा मिलेगी।

    गोयल ने बादशाहपुर में घग्गर तटबंध के सुदृढ़ीकरण कार्य का निरीक्षण किया तथा बताया कि ड्रेनेज विभाग ने घग्गर नदी के किनारे, जहां कटाव की आशंका थी, वहां लगभग 1000 फुट क्षेत्र में 2.46 करोड़ रुपये की लागत से पत्थर एवं जाली लगाकर तटबंध को मजबूत किया है। पत्रकारों के एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुसार ड्रेनेज विभाग ने पिछले वर्ष घग्गर तटबंधों को मजबूत करने के लिए जो कार्य किए, वे पिछले 50 वर्षों में कभी नहीं हुए। इसी कारण गत वर्ष घग्गर नदी में अत्यधिक जल प्रवाह होने के बावजूद कहीं भी तटबंध नहीं टूटा। उन्होंने बताया कि बादशाहपुर में भी खनौरी की तर्ज पर गेज लगाया जाएगा तथा बाढ़ से बचाव के सभी कार्य पूरे कर लिए गए हैं। उन्होंने कार सेवा, स्थानीय लोगों एवं समाजसेवी संस्थाओं द्वारा दिए गए सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

    इस अवसर पर विधायक कुलवंत सिंह बाजीगर ने कहा कि कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल तीसरी बार शुतराना हलके में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने आए हैं तथा पंजाब सरकार ने किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि घग्गर के पार स्थित गांवों तक भी यह सुविधा पहुंचाई जाएगी। इन परियोजनाओं से किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा तथा कृषि क्षेत्र को और मजबूती मिलेगी।

    कुलवंत सिंह बाजीगर ने पंजाब सरकार एवं जल संसाधन विभाग का धन्यवाद करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में किसान हितैषी निर्णयों को लगातार धरातल पर लागू किया जा रहा है।

    इस अवसर पर पूर्व विधायक वनिंदर कौर लूंबा, ड्रेनेज विभाग के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर रजिंदर घई, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता गुनदीप सिंह, आकाश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में किसान, क्षेत्रवासी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

  • स्वास्थ्य मंत्री ने फूड सेफ्टी सैमिनार में स्वस्थ भोजन पर दिया जोर

    स्वास्थ्य मंत्री ने फूड सेफ्टी सैमिनार में स्वस्थ भोजन पर दिया जोर

    शुद्ध भोजन स्वस्थ समाज की नींव: डॉ. बलबीर सिंह

    चंडीगढ़/पटियाला: पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज होटल शौर्या में “रंगला पंजाब हमारी साझा जिम्मेदारी—सुरक्षित एवं पौष्टिक खाद्य, अच्छे स्वास्थ्य का आधार” विषय पर आयोजित फूड सेफ्टी सैमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। यह सेमिनार डिप्टी कमिश्नर पटियाला, सिविल सर्जन कार्यालय और फूड सेफ्टी विभाग के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया।

    सैमिनार को संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि “जैसा अन्न, वैसा मन” केवल एक कहावत नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन का मूल मंत्र है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार शुद्ध हवा और स्वच्छ पानी मानव स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं, उसी प्रकार सुरक्षित, पौष्टिक और मानक गुणवत्ता वाला खाद्य भी स्वस्थ जीवन का महत्वपूर्ण आधार है।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान द्वारा सृजित किए जा रहे ‘रंगला पंजाब’ के सपने को साकार करने के लिए लोगों में स्वस्थ खान-पान के प्रति जागरूकता पैदा करना समय की प्रमुख आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा ऐसे जागरूकता सैमिनार लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।

    स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इस सैमिनार में कृषि विश्वविद्यालय, गुरु अंगद देव वेटरिनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी (गडवासू) के विशेषज्ञों तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती करने वाले किसानों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि ये संस्थान आपसी तालमेल से नई पीढ़ी को रसायन-मुक्त और जैविक खाद्य के महत्व के बारे में जागरूक करेंगे। उन्होंने कहा कि जैविक खेती करने वाले किसान रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग से परहेज करते हैं, जिससे स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण अनाज तैयार होता है।

    डॉ. बलबीर सिंह ने लोगों से अधिक से अधिक प्राकृतिक और जैविक खाद्य अपनाने की अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज की नींव सुरक्षित भोजन पर ही टिकी होती है। उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा फूड बिजनेस ऑपरेटरों और खाद्य पदार्थ बेचने वाले विक्रेताओं की नियमित जांच की जाती है ताकि लोगों को मानक गुणवत्ता वाला और सुरक्षित खाद्य उपलब्ध हो सके तथा किसी भी प्रकार की मिलावट या गैर-मानक खाद्य को रोका जा सके।

    इस अवसर पर फूड सेफ्टी कमिश्नर कनवरप्रीत बराड़, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर नवरीत कौर सेखों, डीन सी.ओ.सी.एस. किरण बैंस, वीसी.पी.ए.यू. डॉ. एस.एस. गोसल, वी.सी. गडवासू जे. एस. गिल, पिंगलवाड़ा से राजवीर सिंह, एन.जी.ओ. मिस प्रगति, ऑर्गेनिक प्रोड्यूसर गुरमीत सिंह, खेती विरासत मिशन के उमेंद्र दत्त, सरपंच कनसुआ हरप्रीत सिंह, सी.ई.ओ. चेयर्स फूड एंड बेवरेजेस हरेंद्र पाल सिंह लांबा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गुरप्रीत कौर, सिविल सर्जन डॉ. शेली जेटली, विभिन्न विभागों के अधिकारी, विशेषज्ञ, किसान तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

  • बागवानी विभाग में भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए: मोहिंदर भगत द्वारा अधिकारियों को निर्देश

    बागवानी विभाग में भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए: मोहिंदर भगत द्वारा अधिकारियों को निर्देश

    कैबिनेट मंत्री द्वारा बागवानी विभाग के कार्यों की प्रगति की समीक्षा

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार बागवानी क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा इस दिशा में हर आवश्यक कदम उठाया जा रहा है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए बागवानी, स्वतंत्रता सेनानी एवं रक्षा सेवाएं कल्याण मंत्री मोहिंदर भगत ने आज चंडीगढ़ में बागवानी विभाग के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को विभाग में चल रही भर्ती प्रक्रिया को शीघ्रातिशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। मोहिंदर भगत ने कहा कि विभाग में आवश्यक स्टाफ उपलब्ध होने से सरकार की जनकल्याण योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा तथा बागवानों को समय पर बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न किया जाए।

    बैठक के दौरान सचिव बागवानी अरशदीप सिंह थिंद तथा निदेशक बागवानी मनीष कुमार ने कैबिनेट मंत्री को विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों, विकास कार्यों एवं अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कैबिनेट मंत्री ने विभाग की परियोजनाओं की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को बागवानी क्षेत्र से जोड़ने तथा सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए उनसे निरंतर संपर्क बनाए रखा जाए।

  • पंजाब शिक्षा क्रांति: भगवंत मान सरकार ने नीट, जेईई परीक्षाओं के शानदार परिणामों के लिए 300 से अधिक प्राचार्यों को किया सम्मानित

    पंजाब शिक्षा क्रांति: भगवंत मान सरकार ने नीट, जेईई परीक्षाओं के शानदार परिणामों के लिए 300 से अधिक प्राचार्यों को किया सम्मानित

    पंजाब शिक्षा क्रांति के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता की नई गाथा लिख रहे हैं पंजाब के सरकारी स्कूल: हरजोत सिंह बैंस

    चंडीगढ़: राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने में प्राचार्यों के उत्कृष्ट मार्गदर्शन और समर्पण को प्रोत्साहित करने तथा सम्मानित करने के उद्देश्य से पंजाब के शिक्षा मंत्री स हरजोत सिंह बैंस तथा दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं ‘आप’ पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने आज सरकारी स्कूलों के 300 से अधिक प्राचार्यों को सम्मानित किया, जिनके विद्यार्थियों ने पंजाब अकादमिक कोचिंग फॉर एक्सीलेंस (पेस) पहल के अंतर्गत जेईई (मेन), जेईई (एडवांस्ड) और नीट यूजी-2026 परीक्षाएं उत्तीर्ण की हैं।

    एस.ए.एस. नगर (मोहाली) स्थित मोहाली क्लब में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “पंजाब के सरकारी स्कूलों ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार सफलता हासिल की है। 361 विद्यार्थियों ने जेईई (मेन)-2026 परीक्षा उत्तीर्ण की है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 35.2 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है। इसके साथ ही 64 विद्यार्थियों ने जेईई (एडवांस्ड) परीक्षा उत्तीर्ण की है, जो वर्ष-दर-वर्ष 45.5 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है।”

    शिक्षा मंत्री ने कहा, “पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने नीट यूजी-2026 परीक्षा उत्तीर्ण की है, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या 847 और वर्ष 2024 में 437 थी। केवल दो वर्षों में यह संख्या 100 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है। यह उपलब्धि पंजाब शिक्षा क्रांति के प्रभाव तथा सरकारी स्कूलों में उपलब्ध कराई जा रही शैक्षणिक सहायता को दर्शाती है।”

    स.बैंस ने बताया कि सरकारी स्कूलों के 10 विद्यार्थियों ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी), 36 विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (एनआईटी) तथा 90 से अधिक विद्यार्थियों ने देशभर के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश प्राप्त किया है। उन्होंने कहा, “ये आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि पंजाब के सरकारी स्कूल अब ऐसे विद्यार्थी तैयार कर रहे हैं जो देश की प्रमुख संस्थाओं में प्रवेश पाने में सक्षम हैं।”

    शिक्षा मंत्री ने कहा, “आज पंजाब के शिक्षा मॉडल की पूरे देश में चर्चा हो रही है। यह हमारे शिक्षकों की कड़ी मेहनत, लगन और समर्पण का परिणाम है। वर्ष 2022 में सरकारी स्कूलों के 80 से भी कम विद्यार्थियों ने इन परीक्षाओं को उत्तीर्ण किया था, जबकि आज पूरे पंजाब से 882 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की है।”

    स्कूल प्रमुखों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए स हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “पिछले चार वर्षों से मेरा यही मानना रहा है कि विद्यार्थियों की सफलता प्राचार्य पर निर्भर करती है। एक अच्छा प्राचार्य किसी जर्जर भवन को भी शिक्षा के मंदिर में बदल सकता है। लेकिन शिक्षा के प्रति प्रेम और समर्पण के बिना सर्वोत्तम नीतियां भी असफल हो जाती हैं और वही स्कूल खंडहर में बदल जाता है।”

    उन्होंने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग ने जून 2026 में अमृतसर, बठिंडा, जालंधर और मोहाली में चार बड़े आवासीय कोचिंग शिविर आयोजित किए। इन शिविरों में शैक्षणिक सत्र, शंकाओं का समाधान, मॉक टेस्ट, मेंटरिंग तथा जेईई और नीट की विशेष तैयारी के माध्यम से 3,000 विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाया गया। प्राचार्यों को बधाई देते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “मुझे विश्वास है कि आप और आपका पूरा स्कूल स्टाफ इसी जुनून, समर्पण और दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ पंजाब शिक्षा क्रांति में योगदान देते रहेंगे और पंजाब का गौरव बढ़ाते रहेंगे।”

    जनसभा को संबोधित करते हुए दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री तथा ‘आप’ पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा, “केवल इमारत ही स्कूल नहीं होती। सरकार इमारतें बना सकती है, लेकिन शिक्षक ही स्कूल को सीखने और सपनों को साकार करने का स्थान बनाते हैं।”

    उन्होंने कहा कि पंजाब शिक्षा क्रांति केवल सरकारी स्कूलों में विश्वस्तरीय आधारभूत ढांचा विकसित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विशेषज्ञ कोचिंग, संरचित मार्गदर्शन, निरंतर मूल्यांकन तथा आवासीय कार्यक्रमों के माध्यम से शैक्षणिक सहयोग प्रदान करने पर भी केंद्रित है, जिससे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी जेईई, नीट तथा अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बन रहे हैं। मनीष सिसोदिया ने कहा, “लाखों विद्यार्थियों के लिए सरकारी स्कूल में शिक्षा प्राप्त करना अब कोई समझौता नहीं रह गया है। यह अब आईआईटी, एनआईटी, मेडिकल कॉलेजों और बेहतर भविष्य की ओर जाने का मार्ग बन गया है।” इस कार्यक्रम में पीडीसी सदस्य अनुराग कुंडू, स्कूल शिक्षा (माध्यमिक) के निदेशक एस.एस. बल्ल तथा स्कूल शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

  • संयुक्त निदेशक शिखा नेहरा 35 वर्षों की समर्पित सेवाओं के बाद सेवानिवृत्त

    संयुक्त निदेशक शिखा नेहरा 35 वर्षों की समर्पित सेवाओं के बाद सेवानिवृत्त

    चंडीगढ़: सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब की संयुक्त निदेशक शिखा नेहरा आज 35 वर्षों की उल्लेखनीय एवं समर्पित सरकारी सेवा पूरी करने के उपरांत सेवानिवृत्त हो गईं। उनके सम्मान में आयोजित विदाई समारोह के दौरान राज्य मीडिया प्रमुख बलतेज सिंह पन्नू ने उनके साथ अपने लंबे कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि शिखा नेहरा ने हमेशा निडरता, पूर्ण निष्ठा, व्यावसायिक दक्षता और प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। उन्होंने कहा कि वे विभाग की एक अमूल्य संपत्ति रही हैं और उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

    मुख्यमंत्री के मीडिया संबंधी ओएसडी अमनजोत सिंह ने शिखा नेहरा को युवा लोक संपर्क अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा नई पीढ़ी के लोक संपर्क पेशेवरों का मार्गदर्शन किया और हर कदम पर उनका उत्साहवर्धन किया।

    सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के विशेष सचिव-सह-निदेशक पुनीत गोयल ने उन्हें सेवानिवृत्ति के उपरांत जीवन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी व्यावसायिक कुशलता, मानवीय दृष्टिकोण और उत्कृष्ट सेवाओं को विभाग हमेशा सम्मानपूर्वक याद रखेगा।

    अपने संबोधन में शिखा नेहरा ने वर्ष 1991 में सहायक लोक संपर्क अधिकारी (एपीआरओ) के रूप में विभाग में अपनी नियुक्ति से लेकर आज तक की यात्रा को याद किया। उन्होंने कहा कि इस अवधि में विभाग ने विशेष रूप से तकनीक के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन और प्रगति देखी है। उन्होंने विभाग द्वारा दिए गए इस स्नेहपूर्ण एवं सम्मानजनक विदाई समारोह के लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।

    इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने शिखा नेहरा को उनकी 35 वर्षों की उत्कृष्ट एवं समर्पित सेवाओं के लिए सम्मानित किया। समारोह में उप सचिव दीपांकर गर्ग, अतिरिक्त निदेशक रणदीप सिंह आहलूवालिया, संयुक्त निदेशक प्रीत कंवल सिंह, ईश्वरिंदर सिंह ग्रेवाल तथा मनविंदर सिंह, उप निदेशक राशिम वर्मा, रुचि कालड़ा, नवदीप सिंह गिल, हाकम थापर, शेरजंग सिंह हुंदल और नरिंदर पाल सिंह जगदेओ सहित विभाग के समस्त पीआरओ, एपीआरओ, जिला लोक संपर्क अधिकारी (डीपीआरओ), अन्य अधिकारी-कर्मचारी तथा शिखा नेहरा के परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

     

  • अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने सात महीनों में 111 किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद की

    अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने सात महीनों में 111 किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद की

    चंडीगढ़/अमृतसर:पंजाब पुलिस ने नशों, गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ बहुआयामी अभियान को लगातार जारी रखते हुए, पुलिस कमिश्नरेट, अमृतसर बल की खुफिया-आधारित पुलिसिंग को सबसे महत्वपूर्ण उदाहरणों में से एक के रूप में प्रस्तुत किया है। पिछले लगभग सात महीनों के दौरान सीमावर्ती जिले ने सीमा पार से होने वाली नशा तस्करी, संगठित अपराध और सड़क अपराधों के खिलाफ बड़ी सफलताएं हासिल की हैं, जिससे पंजाब के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में से एक इस क्षेत्र में जन सुरक्षा और मजबूत हुई है।

    इस वर्ष जनवरी से अब तक कमिश्नरेट पुलिस ने 111.5 किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद की है, एनडीपीएस अधिनियम के तहत 1,137 मामले दर्ज किए हैं और विभिन्न कार्रवाइयों के दौरान 2,000 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सीमा पार से चल रहे ड्रग कार्टेल का भी भंडाफोड़ किया है, सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत किया है और भगवंत मान सरकार द्वारा नशों, गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों के तहत शहरी निगरानी प्रणाली को और मजबूत किया है।

    गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ‘गैंगस्टरों ते वार’ के तहत कमिश्नरेट पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत 63 मामले दर्ज कर 153 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस अभियान के दौरान 209 पिस्तौल/मौजर, दो रिवाल्वर, आठ राइफलें/बंदूकें, 221 मैगजीन, 536 जिंदा कारतूस और हवाला लेन-देन से जुड़ी 3.80 लाख रुपये की राशि बरामद की गई। गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी के अलावा पुलिस ने आपराधिक संगठनों से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ सफलतापूर्वक कार्रवाई भी की।

    जांच और अपराधों की पहचान करने की क्षमता को और मजबूत बनाने के लिए कमिश्नरेट पुलिस ने पारंपरिक पुलिसिंग के साथ-साथ आधुनिक प्रौद्योगिकी को भी शामिल किया है। पहचान की पुष्टि के लिए पंजाब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है, जबकि वाहन डेटाबेस के माध्यम से नाकों और तलाशी अभियानों के दौरान वाहनों की तुरंत जांच की जा रही है। मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल सबूतों की जांच के लिए एक डिजिटल फोरेंसिक प्रयोगशाला भी स्थापित की गई है। सीसीटीवी निगरानी और प्रौद्योगिकी-आधारित खुफिया प्रणाली ने पुलिस की कार्यक्षमता और जांच क्षमता को और प्रभावशाली बनाया है।

    कमिश्नरेट पुलिस ने सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार पंजाब में हेरोइन की तस्करी करने वाले दुबई-आधारित नेटवर्क का भंडाफोड़ करके अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी को बड़ा झटका दिया है। अमृतसर पुलिस ने 30.045 किलोग्राम हेरोइन बरामद कर दो नाबालिगों सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    इस संबंध में पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “पंजाब पुलिस द्वारा राज्य भर में चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों को बड़ी सफलता मिली है। सीमावर्ती जिला होने के कारण अमृतसर में अधिक निगरानी की आवश्यकता होती है और पंजाब पुलिस बल मानव संसाधनों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभावशाली उपयोग करते हुए अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रहा है।”

    पुलिस आयुक्त (अमृतसर) गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कहा, “पिछले साल हमने पाकिस्तान और कनाडा से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल का भंडाफोड़ किया था, जिसके परिणामस्वरूप राजस्थान के बाड़मेर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास 60.302 किलोग्राम हेरोइन बरामद कर नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इस साल हमने दुबई-आधारित कार्टेल पर कार्रवाई की ओर विशेष ध्यान दिया है।”

    ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के तहत कमिश्नरेट पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी और उपयोग के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए एनडीपीएस अधिनियम के तहत 1,137 मामले दर्ज किए और 1,898 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जनवरी से अब तक पुलिस ने 111.559 किलोग्राम हेरोइन, 11.438 किलोग्राम आईईसी (मेथामफेटामाइन), 9.246 किलोग्राम अफीम, 2.245 किलोग्राम चरस, 238 ग्राम नारकोटिक पाउडर, एक किलोग्राम भुक्की और 26,945 नशीले कैप्सूल व गोलियाँ बरामद की हैं। इसके अलावा पुलिस ने नशे के कारोबार से जुड़ी 61.12 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की और तस्करी में उपयोग किए गए 38 वाहन भी जब्त किए हैं।

    पुलिस आयुक्त, अमृतसर ने कहा, “सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ नशा मुक्ति और पुनर्वास पर भी समान ध्यान दिया गया है। कमिश्नरेट पुलिस ने 1,553 व्यक्तियों को नशा मुक्ति केंद्रों में दाखिल करवाया, जबकि 2,443 व्यक्तियों को आउटपेशेंट ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमेंट केंद्रों में भेजा गया। इसके अलावा 281 व्यक्तियों को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 64-ए का लाभ भी प्रदान किया गया।”

    प्रभावशाली पुलिसिंग में लोगों की भागीदारी को महत्वपूर्ण मानते हुए कमिश्नरेट पुलिस ने पुलिस और समाज के बीच तालमेल को मजबूत करने और नशों के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट संपर्क के तहत 162 बैठकें और 83 नशा विरोधी जागरूकता शिविर-सह-सेमिनार करवाए गए।

    पुलिस आयुक्त अमृतसर ने कहा, “अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने चौबीसों घंटे जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय और खुफिया-आधारित पुलिसिंग मॉडल अपनाया है। लगातार गश्त और तत्काल प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए दो शिफ्टों में 181 पुलिस कर्मियों सहित 86 गश्ती वाहन और 25 पुलिस कर्मियों सहित 21 मोटरसाइकिल तैनात किए गए हैं। शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सभी प्रमुख प्रवेश और निकास मार्गों पर 81 पुलिस कर्मियों के नेतृत्व में रात के समय 19 विशेष नाके लगाए गए हैं, जहां बैरिकेडिंग, हथियारों और वरिष्ठ अधिकारियों की नियमित निगरानी की उचित व्यवस्था की गई है।”

    इस लगातार चलाए गए अभियान के परिणामस्वरूप 82,274 ट्रैफिक चालान किए गए, 5,400 वाहन जब्त किए गए और मौके पर ही 24,002 चालान जारी किए गए, जिसके चलते 44.48 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा, एहतियाती पुलिस कार्रवाई के तहत 1,609 निवारक कार्रवाइयां की गईं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए 2,950 व्यक्तियों को निवारक हिरासत में लिया गया।

     

  • लोकसभा में मीत हेयर ने धर्म और जाति के आधार पर राजनीति करने पर केंद्र सरकार को घेरा

    लोकसभा में मीत हेयर ने धर्म और जाति के आधार पर राजनीति करने पर केंद्र सरकार को घेरा

    चंडीगढ़ : संगरूर से आम आदमी पार्टी के लोकसभा सदस्य गुरमीत सिंह मीत हेयर ने लोकसभा में प्रस्तुत जन सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पर चर्चा करते हुए देश के युवाओं के संघर्ष की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवाओं की शक्ति ने पिछले 12 वर्षों से धर्म और जाति के आधार पर समाज को बांटने की राजनीति करने वाली सरकार को आईना दिखा दिया है। उन्होंने कहा कि अब प्रचार के बजाय शिक्षा और बेरोजगारी जैसे वास्तविक मुद्दे मुख्यधारा में आ गए हैं।

    मीत हेयर ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा आधी रात को सेल्फी वीडियो जारी करना इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा और बेरोजगारी ही देश के वास्तविक मुद्दे हैं, जिनसे भाजपा बचना चाहती है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर आंदोलन ने भाजपा सरकार का वास्तविक चेहरा उजागर कर दिया और उसकी नफरत की राजनीति को करारा झटका दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के पास शिक्षा के मुद्दे पर कोई ठोस जवाब नहीं है।

    लोकसभा सदस्य ने कहा कि प्रधानमंत्री का आधी रात को सेल्फी वीडियो के माध्यम से स्पष्टीकरण देना केंद्र सरकार की घबराहट और बेचैनी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि संशोधन विधेयक को बड़े सुधार के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि जिन व्यवस्थाओं को सरकार नई उपलब्धि बता रही है, वे दुनिया के कई छोटे-छोटे देशों में पहले से लागू हैं।

    मीत हेयर ने कहा कि नए विधेयक में सजा बढ़ाने का प्रस्ताव है, जबकि सजा का प्रावधान पहले से ही मौजूद है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2024 से अब तक किसी भी दोषी को सजा नहीं मिली है। ऐसे में केवल सजा की अवधि बढ़ाने से कोई वास्तविक बदलाव नहीं आएगा।

  • भगवंत मान सरकार ने नहरी पानी खेतों तक पहुंचाकर पंजाब को बचाने का कार्य किया – Barinder Goyal

    भगवंत मान सरकार ने नहरी पानी खेतों तक पहुंचाकर पंजाब को बचाने का कार्य किया – Barinder Goyal

    जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल एवं विधायक गुरलाल घनौर ने 26.73 करोड़ रुपये की लागत से तैयार नहरी सिंचाई परियोजनाओं का किया उद्घाटन

    चंडीगढ़/घनौर: पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल तथा विधायक गुरलाल घनौर ने आज गांव कोल्हेमाजरा में 26.73 करोड़ रुपये की लागत से तैयार लिफ्ट सिस्टम आधारित नहरी सिंचाई परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए विधानसभा क्षेत्र के 42 गांवों के किसानों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने इस क्षेत्र के किसानों की आजादी से पहले से चली आ रही लंबे समय की मांग को पूरा कर अपना वादा निभाया है। बरिंदर गोयल, जिनके पास खनन एवं भू-विज्ञान तथा भूमि एवं जल संरक्षण विभागों का भी प्रभार है, ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने पहली बार भूजल संरक्षण का संकल्प लेते हुए व्यर्थ बह जाने वाले नहरी पानी का बड़े स्तर पर सिंचाई के लिए उपयोग किया है। उन्होंने कहा कि नहरी पानी को खेतों तक पहुंचाकर पंजाब के भूजल को बचाने के अभियान को मजबूती दी गई है। बरिंदर गोयल ने कहा कि पंजाब की समस्याओं के समाधान के लिए नहरी पानी को टेल एंड (अंतिम छोर) तक पहुंचाने का वादा किया गया था, जिसे अब पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि घनौर विधानसभा क्षेत्र के निकट नहर होने के बावजूद कई गांव नहरी पानी से वंचित थे, लेकिन भगवंत मान सरकार ने अब उन खेतों तक भी पानी पहुंचा दिया है। कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल ने बताया कि विधायक गुरलाल घनौर की पहल पर विधानसभा क्षेत्र घनौर में 22.23 करोड़ रुपये की लागत से वाटर लिफ्टिंग सिस्टम (पूर्व नाम राजखांट, बनूड़ कैनाल) के माध्यम से 36.39 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाकर 38 गांवों को नहरी पानी का लाभ पहुंचाया गया है। इससे 15,129 एकड़ भूमि पहली बार नहरी सिंचाई के दायरे में आई है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त घनौर विधानसभा क्षेत्र में स्थित घड़ाम रजबाहा के 2.44 किलोमीटर हिस्से को 4.50 करोड़ रुपये की लागत से कंक्रीट लाइनिंग कर पक्का किया गया है। इससे लाभान्वित होने वाले 4 गांवों की 1,803 एकड़ भूमि को सिंचाई के लिए नहरी पानी उपलब्ध होगा। पत्रकारों से बातचीत करते हुए कैबिनेट मंत्री गोयल ने बताया कि पंजाब सरकार ने बाढ़ से बचाव के लिए पूरे राज्य में 450 करोड़ रुपये खर्च किए हैं तथा पिछले पचास वर्षों में पहली बार इतने बड़े स्तर पर कार्य किए गए हैं। उन्होंने बताया कि केवल घनौर विधानसभा क्षेत्र में ही घग्गर नदी पर बाढ़ से सुरक्षा के लिए 13 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल का स्वागत करते हुए विधायक गुरलाल घनौर ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में पंजाब सरकार ने घनौर विधानसभा क्षेत्र में ऐतिहासिक विकास कार्य करवाए हैं। गुरलाल घनौर ने कहा कि लिफ्ट सिस्टम शुरू होने से जहां भूजल संरक्षण होगा, वहीं किसानों की खेती की लागत भी कम होगी। इस दौरान क्षेत्र के किसानों ने कैबिनेट मंत्री तथा विधायक गुरलाल घनौर का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी वर्षों पुरानी मांग केवल भगवंत मान सरकार ने ही पूरी की है। इससे अब उनके खेतों को सिंचाई के लिए नियमित रूप से नहरी पानी उपलब्ध होगा। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री एवं विधायक का सम्मान भी किया गया। इस अवसर पर सिंचाई विभाग के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर रमणदीप सिंह बैंस, ट्यूबवेल कॉर्पोरेशन के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर मनिंदर सिंह, कार्यकारी अभियंता गुरशरण सिंह विरक, एस.डी.ओ. कुमार धवन, जिला परिषद सदस्य गुरमेल सिंह, सहजपाल सिंह लाडा, कप्तान सिंह, नरेंद्र सिंह, ब्लॉक समिति शंभू के उपाध्यक्ष भूपिंदर सिंह, गुरताज सिंह, डी.एस.पी. दलजीत सिंह विरक, नायब तहसीलदार हरीश कुमार सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।  
  • पंजाब कर विभाग ने वैट बकाया वसूली अभियान में लाई तेजी: Harpal Singh Cheema

    पंजाब कर विभाग ने वैट बकाया वसूली अभियान में लाई तेजी: Harpal Singh Cheema

    संपत्ति की नीलामी से 1.21 करोड़ रुपये की वसूली

    चंडीगढ़: पंजाब कर विभाग ने पटियाला जिले में संपत्तियों की नीलामी के माध्यम से वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) के बकाया की वसूली अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 1.21 करोड़ रुपये की वसूली की है। इसके साथ ही एकमुश्त निपटान (ओ.टी.एस.) योजना के तहत 18.46 लाख रुपये तत्काल जमा करवाए गए। इन हालिया उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए पंजाब के वित्त, कर एवं आबकारी मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज राज्यभर के सभी पात्र बकायेदार डीलरों से अपील की कि वे 31 जुलाई की अंतिम तिथि से पहले ओ.टी.एस. योजना के तहत अपने लंबे समय से लंबित बकाया का निपटारा कर लें, अन्यथा उन्हें संपत्ति कुर्की और सार्वजनिक नीलामी जैसी सख्त वसूली कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। जारी प्रेस बयान में सफल वसूली मामलों का विवरण देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया, “पटियाला जिले में मैसर्स गुरुजी फीड्स, राजपुरा, पर कुल 57.78 लाख रुपये का कर बकाया था। इसकी संपत्ति की नीलामी 27 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई थी। नीलामी प्रक्रिया शुरू होने के बाद डीलर ने ओ.टी.एस. योजना के लाभकारी प्रावधानों का लाभ उठाते हुए मामले के निपटारे के लिए 18.46 लाख रुपये जमा करवा दिए।” उन्होंने कहा कि यह मामला इस योजना के तहत पात्र बकायेदारों को मिलने वाली बड़ी राहत को दर्शाता है और यह साबित करता है कि समय पर निपटारा करने से कारोबारी अपनी संपत्तियों की कुर्की और जबरन बिक्री से बच सकते हैं। एक अन्य बड़ी कार्रवाई का उल्लेख करते हुए आबकारी एवं कर मंत्री ने बताया कि विभाग ने मैसर्स समाना रोलर फ्लोर मिल लिमिटेड की संपत्ति की सफलतापूर्वक 1.21 करोड़ रुपये में नीलामी की, जो इसकी 74.31 लाख रुपये की आरक्षित कीमत से लगभग 46.69 लाख रुपये अधिक है। उन्होंने कहा, “नीलामी की निर्धारित प्रक्रिया का पूरी सख्ती से पालन करते हुए नीलामी वाले दिन ही सबसे अधिक बोली लगाने वाले से सफल बोली का 25 प्रतिशत अर्थात 30.25 लाख रुपये तत्काल वसूल कर लिए गए।” कर विभाग के अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि ये दोनों मामले राज्य के सभी वैट बकायेदारों के लिए स्पष्ट संदेश हैं। उन्होंने कहा, “जहां ओ.टी.एस. योजना बेहद लाभकारी शर्तों पर बकाया निपटाने का सुनहरा अवसर प्रदान करती है, वहीं इस अवसर का लाभ नहीं उठाने वालों के खिलाफ सख्त वसूली कार्रवाई की जाएगी। नीलामी प्रक्रिया के दौरान मैसर्स गुरुजी फीड्स द्वारा किया गया निपटारा इस बात का प्रमाण है कि यह योजना व्यवहारिक समाधान उपलब्ध कराती है। पात्र डीलरों को सरकार की सख्त कार्रवाई का इंतजार करने के बजाय स्वयं आगे आना चाहिए।” आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 31 जुलाई 2026 को ओ.टी.एस. योजना की अवधि समाप्त होने से पहले सभी पात्र बकाया मामलों का निपटारा करने की जोरदार अपील की। उन्होंने चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी प्रकार की कोई राहत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, “जो बकायेदार निर्धारित तिथि तक योजना के तहत अपना बकाया जमा नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध बिना किसी समझौते के कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें उनकी चल एवं अचल संपत्तियों की तत्काल कुर्की और नीलामी भी शामिल होगी।” वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दोहराया कि कर विभाग सरकारी राजस्व की सुरक्षा के लिए पूरी पारदर्शिता, दृढ़ता और निष्पक्षता के साथ राज्यव्यापी वसूली अभियान जारी रखेगा।  
  • शिक्षा और बिजली विभागों को कर्मचारियों की मांगों के समाधान की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए: हरपाल सिंह चीमा

    शिक्षा और बिजली विभागों को कर्मचारियों की मांगों के समाधान की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए: हरपाल सिंह चीमा

    चंडीगढ़: पंजाब के वित्त मंत्री तथा कर्मचारियों के मुद्दों के समाधान के लिए गठित कैबिनेट उप-कमेटी के चेयरमैन हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां शिक्षा विभाग की सात तथा बिजली विभाग की दो यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बैठकें कीं। इस दौरान उन्होंने शिक्षा और बिजली विभागों को व्यापक निर्देश जारी करते हुए कहा कि अधिकारियों की गठित समिति के माध्यम से सेवा संबंधी मामलों तथा वित्त कमेटी के माध्यम से वित्तीय मुद्दों की समीक्षा में तेजी लाई जाए, ताकि जल्द से जल्द ठोस और क्रियान्वयन योग्य प्रस्ताव प्रस्तुत किए जा सकें।

    शिक्षा क्षेत्र की यूनियनों के साथ हुई बैठकों में, जिनमें शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस भी शामिल हुए, 3704 अध्यापक यूनियन की मांगों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 9 जुलाई को गठित उच्च स्तरीय समिति—जिसमें वित्त विभाग, कार्मिक विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, महाधिवक्ता कार्यालय के अधिकारी तथा यूनियन के प्रतिनिधि शामिल हैं—को अपनी औपचारिक सिफारिशें शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

    ईटीटी टैट पास टीचर्स एसोसिएशन द्वारा उठाई गई वित्तीय चिंताओं पर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने वित्त तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे यूनियन नेताओं के साथ तुरंत संयुक्त बैठक करें, ताकि सभी जायज शिकायतों के समाधान के लिए उपयुक्त प्रस्ताव तैयार किए जा सकें।

    शिक्षा कर्मियों के साथ संवाद को और मजबूत करते हुए कैबिनेट मंत्री ने यूनाइटेड फिजिकल एजुकेशन यूनियन तथा पुनर्बहाल कच्चे अध्यापक यूनियन के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की और स्कूल शिक्षा विभाग को उनकी जायज मांगों के समाधान के लिए प्रशासनिक कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए।

    आर्ट एंड क्राफ्ट अध्यापकों के 250 पदों पर भर्ती संबंधी चिंताओं पर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “पंजाब सरकार इसका प्रभावी समाधान निकालने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।” उन्होंने यूनियन नेतृत्व से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट मांगपत्र सौंपने की अपील भी की, ताकि शीघ्र, निष्पक्ष और निर्णायक समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

    इसके बाद पावरकॉम और ट्रांसको के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की समन्वय समिति के साथ हुई बैठक में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे विभागीय अनुबंधों के तहत लाने की सरकार की चल रही पहल से आपकी अधिकांश समस्याएं स्वतः ही हल हो जाएंगी।”

    पावरकॉम आउटसोर्स स्पॉट बिलिंग मीटर रीडर यूनियन के साथ बैठक करते हुए वित्त मंत्री ने पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के अधिकारियों को उनकी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने तथा आवश्यक आधिकारिक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए।

    इन व्यापक बैठकों में विभिन्न कैडरों का प्रतिनिधित्व करने वाले यूनियन प्रतिनिधिमंडलों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 3704 अध्यापक यूनियन की ओर से हरजिंदर सिंह, राजेश्वर राय, जगजीवनजोत सिंह और राजन सैनी शामिल हुए। ईटीटी टेट पास टीचर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल में कमल ठाकुर, सोहन सिंह, गुरप्रीत सिंह, गौरव कांत और गुरमुख सिंह शामिल थे। लखवीर सिंह और मनदीप सिंह ने यूनाइटेड फिजिकल एजुकेशन यूनियन का प्रतिनिधित्व किया, जबकि विकास साहनी, लखविंदर कौर, अमनदीप कौर, गुरप्रीत सिंह और जसविंदर कौर ने पुनर्बहाल कच्चे अध्यापक यूनियन की ओर से अपने मुद्दे रखे।

    आर्ट एंड क्राफ्ट वर्ग का प्रतिनिधित्व रोजगार ड्राइंग मास्टर संघर्ष कमेटी से संदीप सिंह, बी.एड. पीएसटेट-2 पास आर्ट एंड क्राफ्ट बेरोजगार अध्यापक यूनियन से रणजीत सिंह, आर्ट एंड क्राफ्ट टेट पास बेरोजगार अध्यापक यूनियन से हरजिंदर सिंह तथा बेरोजगार पीएस टैट पास आर्ट एंड क्राफ्ट संघर्ष यूनियन से राकेश कुमार ने किया।

    बिजली क्षेत्र के प्रतिनिधिमंडलों में पीएसपीसीएल और पीएसटीसीएल कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स कोऑर्डिनेशन कमेटी की ओर से बलिहार सिंह, गुरविंदर सिंह, जगरूप सिंह, हरजीत सिंह और गुरप्रीत सिंह शामिल हुए, जबकि लखविंदर सिंह तथा गुरविंदर सिंह काहलों ने पावरकॉम आउटसोर्स स्पॉट बिलिंग मीटर रीडर यूनियन का प्रतिनिधित्व किया।