Category: Tech
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Whatsapp में अब पुरानी चैट हो जाएगी Delete, Privacy बढ़ाने के लिए On करें ये Feature
टेक्नोलॉजी: व्हाट्सऐप में चैट करते समय यदि आप अपनी प्राइवेसी को और बढ़ाना चाहते हैं तो अब नया फीचर आ चुका है। इसके लिए आप डिसअप्पेयरिंग मैसेज फीचर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए जिस चैट में फीचर को चालू करना है उसको खोलें। इसके बाद प्रोफाइल पर टैप करें। इसके बाद Disappearing Messages चुनकर टाइम सेट कर दें। इसके बाद आपके नए मैसेज अपने आप हट जाएंगे। व्हाट्सऐप में 24 घंटे, 7 दिन और 90 दिनों का ऑप्शन मिलता है। अपनी जरुरत के हिसाब से कोई भी टाइम चुन सकते हैं। इसके बाद प्राइवेसी को और भी बढ़ा सकते हैं।टाइम के हिसाब से गायब होंगे मैसेज
यह फीचर चालू करने से पहले भेज गए मैसेज नहीं हटते हैं। सिर्फ फीचर चालू होने के बाद भेजे गए नए मैसेज चुन गए टाइम के अनुसार, टाइम के हिसाब से गायब हो जाएंगे।मैसेज गायब होने से बढ़ेगी प्राइवेसी
मैसेज गायब होने से प्राइवेसी बढ़ जाएगी परंतु फिर भी कोई स्क्रीनशॉट ले सकता है या दूसरे फोन से फोटो खींच सकता है। ग्रुप में यदि एडमिन ने सेटिंग नहीं बदली है। कोई भी मेंबर इसे चालू कर सकता है। कुछ ग्रूप में सिर्फ एडमिन को ही इसका एक्सेस होता है। मैसेज के साथ भेजी गई तस्वीर और वीडियो भी चैट से हट जाती है परंतु यदि वो पहले से डाउनलोड हो चुकी है तो फोन में सेव ही रहेगी। इस चैट में फीचर बंद करना है उसको खोलें। प्रोफाइल में जाएं और Disappearing Messages को ऑफ कर दें। इसके बाद नए मैसेज गायब नहीं होंगे। यदि पर्सनल या जरुरी बात करनी हो और चैट हमेशा के लिए नहीं रखना चाहते हैं तो यह फीचर काफी काम का है। इसकी मदद से प्राइवेट बातें ज्यादा सेफ तरीके से की जा सकती है।ऐसे लगेगा पता कि ऑन है या नहीं
यदि किसी चैट को 24 घंटे 1 दिन में डिलीट करना चाहते हैं तो आपको 24 Hours में क्लिक करना पड़ेगा। इसी हिसाब से आपको 7 Days, 90 Days और Off का चयन करना होगा। इसके बाद खुद ही चैट डिलीट होना शुरु हो जाएगी। इसे ऑन करने के बाद सामने वाले यूजर की Profile Picture के साथ एक साइन भी दिखने लगेगा। यही बताएगा कि चैट थोड़े समय बाद डिलीट हो जाएगी। -

क्या AI बन सकता है नया खतरा? नई स्टडी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
टेक्नोलॉजी: टेक्नोलॉजी काफी तेजी से विस्तार हो रहा है। आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने लोगों के काम करने के तरीकों को काफी आसान बनाया है परंतु अब कई देशों में एआई के लिए कई सख्त नियम बना दिए हैं परंतु अब हैरान करने वाली एक स्टडी सामने आई है। इसके अंतर्गत एआई पर ज्यादा सख्ती भी लोगों को भारी पड़ेगी।कंपनियों पर की जा रही है सख्ती
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ये स्टडी अमेरिका की कॉर्नल यूनिवर्सिटी और कार्नेगी मेलॉन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने किया है। उनका यह कहना है कि AI नियमों में जिम्मेदारी उन कंपनियों पर ज्यादा डाली जा रही है। वहीं जो एआई का इस्तेमाल करके ऐप्स या दूसरी जरुरी सर्विसेज बनाती है परंतु ऐसा नहीं होना चाहिए। दरअसल ज्यादा ध्यान उन कंपनियों पर देने की जरुरत है जो एआई मॉडल को तैयार कर रही है। इसके अलावा वैज्ञानिकों ने यह भी माना है कि यदि एआई बनाने वाली कंपनियों को ये पता चल जाता है कि प्रोडक्ट की सेफ्टी की जिम्मेदारी आखिरी में तय होगी। इसकी सेफ्टी पर कम ध्यान देने लगती हैं और इसे ज्यादा बिना टेस्ट के ही छोड़ देते हैं।आखिर क्या होगा नया खतरा?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस नई स्टडी में फ्री राइड़िंग का भी जिक्र किया गया है। इसका अर्थ है कि एक पक्ष ये मानकर चलता है कि दूसरा पक्ष पूरी जिम्मेदारी निभा लेगा। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मामले में यदि देखें तो ये कहा जा सकता है कि एआई मॉडल बनाने वाली कंपनियां उसकी सेफ्टी की चिंता डेवलपर्स पर छो़ड सकती है। ऐसे में सेफ्टी को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आ सकती है। यह आगे आने वाले समय में एक बड़ा खतरा बन सकती है। ये स्टडी पूरी दुनिया में कंपनियों के लिए एक बड़ी चिंता बन चुका है। ऐसे में एआई पर ज्यादा सख्ती भी लोगों को नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसे में आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एआई को पूरे देश में ज्यादा से ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है परंतु इस पर लागू होने वाले नियमों पर भी ध्यान देने की जरुरत है। इससे यूजर्स की सेफ्टी का भी ध्यान रखा जा पाए। इसके साथ ही बता दें कि डेवलपर्स को सेफ्टी का इतना ध्यान रखा जा पाए। इसके साथ ही बता दें कि डेवलपर्स को सेफ्टी का इतना ध्यान नहीं रहता है। इसका फायदा कंपनियां उठा लेती है। -

Facebook-Instagram का Server हुआ Down, एक्स पर भड़के यूजर्स, Meta से पूछे सवाल
टेक्नोलॉजी: अगर आपका भी फेसबुक नहीं चल रहा है तो इसमें घबराने की जरुरत नहीं है क्योंकि इस समस्या से सिर्फ आप ही नहीं करोड़ों फेसबुक के यूजर्स भी जूझ रहे हैं। सोशल मीडिया पर भारी संख्या में लोगों को दिक्कतों का सामना कर रहा है। यूजर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करके भी बताया है कि उन्हें प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने में मुश्किलें आ रही है। इसके अलावा कुछ लोगों ने मेटा की ओर से सर्विस इंस्टाग्राम को लेकर भी परेशान जाहिर की है।एक्स पर यूजर्स ने किया पोस्ट
19 जुलाई को अचानक से फेसबुक से जुड़ी शिकायतों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज हुई है। कई यूजर्स ने एक्स समेत दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट शेयर करके बताया है कि फेसबुक की सेवाएं सामान्य तौर पर काम नहीं कर रही हैं।फेसबुक नहीं हो रही लॉग इन
यूजर्स के अनुसार, अलग-अलग लोगों को अलग-अलग तरह की परेशानियां हो रही हैं। कुछ लोगों को फेसबुक लॉग इन करने में मुश्किल आ रही है। इसके अलावा कुछ के लिए वेबसाइट या ऐप सही से लोड नहीं हो पा रही है। कई लोगों ने यह भी बताया कि News Feed भी अपडेट नहीं हो रही है हालांकि ज्यादातर यूजर्स ने यह कहा है कि उन्हें दिक्कत सिर्फ ऐप ही नहीं बल्कि वेब प्लेटफॉर्म पर भी आ रही है।डाउन डिटेक्टर के चलते बढ़ी मुश्किल
आउटेज ट्रैक करने वाली वेबसाइट Down Detector पर भी फेसबुक से जुड़ी शिकायतों में अचानक बढ़ोतरी दर्ज हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, समस्याओं की शुरुआत अमेरिकी समय के अनुसार, 3:34 AM ET के करीब हुई और भारत में दोपहर में 1:00 बजे के करीबन शुरु हुई है।मेटा ने नहीं दिया बयान
हालांकि अभी तक इस पर मेटा का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे मामलों में कंपनी आमतौर पर समस्या की जांच करने के बाद ही पूरी जानकारी शेयर करते हैं। -

भारत के प्राइवेट सेक्टर की बड़ी कामयाबी, Launch किया Vikram-1 Rocket, पीएम मोदी ने दी बधाई, देखें वीडियो
टेक्नोलॉजी: स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 रॉकेट को शनिवार सुबह 11:30 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया है। यह भारत में किसी निजी कंपनी के द्वारा बनाए गए ऑर्बिटल क्लास रॉकेट की पहली उड़ान होगी। इस मिशन को नाम दिया गया है मिशन आगमन। यह भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट भी शेयर किया है। इस पोस्ट के जरिए उन्होने बताया कि – ‘यह एक ऐतिहासिक शुरुआत है’।A historic new frontier for India’s space journey!
At 11:30 AM today, Skyroot Aerospace will undertake the maiden orbital launch of Vikram-1, India’s first privately developed launch vehicle. This four-stage rocket is designed to provide rapid and on-demand launch services.… pic.twitter.com/1qFVTwNOuZ — Narendra Modi (@narendramodi) July 18, 2026असली उड़ान में रॉकेट का प्रदर्शन देखना बाकी है
बता दें कि हैदराबाद की कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने कई सालों की टेस्टिंग और तैयारी के बाद इस रॉकेट को लॉन्च पैड पर तैयार किया गया है। सात मंजिल जितनी ऊंचाई वाले इस रॉकेट की सभी जरुरी जांच पूरी कर ली गई है। इंजीनियरों ने वाहन की टेस्टिंग, टेलीमेट्री जांच और रडार ट्रैकिंग जैसी सभी प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। स्काईरुट के सह संस्थापक और सीईओ पवन कुमार चंदना ने कहा है कि जमीन पर जो भी टेस्टिंग हो सकती थी वो पूरी कर ली गई है। अब असली उड़ान में रॉकेट का प्रदर्शन देखना बाकी है।3डी प्रिंटेड इंजन है शामिल
विक्रम-1 रॉकेट कई तकनीकी उपकरणों को धरती से 450 किलोमीटर ऊपर एक खास कक्षा में स्थापित करने की कोशिश करेगा। इस रॉकेट का वजन करीबन 350 किलोग्राम तक का होगा। इसको कार्बन कंपोजिट से बनाया गया है। इसमें कंपनी के बनाए हुए इंजन लगे हुए हैं। इसके अलावा इसमें 3डी प्रिंटेज इंजन भी शामिल हैं।ऐसा है विक्रम-1 रॉकेट
विक्रम-1 चार चरणों वाला रॉकेट है। इसके पहले तीन चरणों में ठोस ईंधन का इस्तेमाल हुआ है। चौथे चरण में इसके लिक्विड फ्यूल इंजन लगा हुआ है। इसको जरुरत पड़ने पर दोबारा शुरु किया जा सकता है। इसके जरिए सैटेलाइट को उसकी तय ऑर्बिट में ज्यादा सही जगह पर पहुंचाने में भी मदद मिलेगी। यह रॉकेट खासतौर पर छोटे सैटेलाइट को लॉन्च करने के लिए बनाया गया है।ऐसे हुई थी स्काईरुट की शुरुआत
स्काईरुट एयरोस्पेस की शुरुआत 2018 में इसरो के पूर्व इंजीनियर पवन कुमार चंदाना और नागा भरत डाका ने की थी। 2020 में स्पेस सेक्टर खुलने के बाद कंपनी ने ऑर्बिटल रॉकेट बनाने पर तेजी के साथ काम किया था। अब विक्रम-1 उसी सफर का एक सबसे बड़ा पड़ाव है। यदि यह मिशन सफल रहेगा तो भारत के प्राइवेट स्पेस सेक्टर को मजबूती मिलेगी। भविष्य में देश से ज्यादा कमर्शियल सैटेलाइट भी लॉन्च किए जाएंगे। इस लॉन्च पर इस समय पूरे देश की नजर है ऐसा इसलिए क्योंकि यह भारत के प्राइवेट स्पेस सेक्टर की अब तक की सबसे बड़ी परीक्षा मानी जा रही है। -

अब Whatsapp पर आपके साथ नहीं होगा Scam, ये Features रखेंगे आपको Alert
टेक्नोलॉजी: ऑनलाइन स्कैम का खतरा इन दिनों लगातार बढ़ रहा है। KYC स्कैम से लेकर डिजिटल अरेस्ट समेत न जाने कितने तरीकों से साइबर अपराधी लोगों की मेहनत की कमाई को लूट लेते हैं। वहीं भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप का भी साइबर अपराधी स्कैम के लिए इस्तेमाल करते हैं। इसे देखते हुए व्हाट्सऐप ने अपने प्लेटफॉर्म पर कुछ ऐसे फीचर्स जोड़ दिए हैं। वहीं साइबर अपराधियों के जाल में फंसने से बचा सकते हैं।नंबर वाली कॉल्स होंगी साइलेंट (Silent Unknown Callers)
अगर आपको किसी अनजान नंबरों से कॉल आती है तो यह फीचर आपके काम आ सकता है। इसमें अनजान नंबर से आने वाली कॉल्स साइलेंट हो जाएंगी। इससे यह फायदा होगा कि ये कॉल्स आपको कॉल टैब और नोटिफिकेशन में तो दिखेगी पर इससे आप डिस्टर्ब नहीं होंगे।स्क्रीनशेयर करने से जुड़ी वॉर्निंग्स (Screenshare Warning)
व्हाट्सऐप पर वीडियो कॉल के जरिए आपको स्क्रीन शेयर करने का ऑप्शन भी मिलता है। यह बहुत ही काम का फीचर है परंतु कई बार साइबर क्रिमिनल्स इसकी मदद से ही आपका सेंसिटिव डेटा चुरा लेते हैं। इसको देखते हुए कंपनी ने अब स्क्रीनशेयर वॉर्निंग भी दिखाना शुरु कर दी है। यदि आप किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी स्क्रीन शेयर कर रहे हैं तो ऐसे में किसी भी खतरे से जुड़ा आपको अलर्ट आ जाएगा।अकाउंट नहीं होगा हैक (Two Step Verification)
ऑनलाइन दुनिया में सुरक्षा के लिए यह एक जरुरी फीचर्स है। इसमें अकाउंट रिसेट या वेरिफाई करने के लिए एक से ज्यादा वेरिफिकेशन की जरुरत पड़ती है। इसका मतलब है कि सिर्फ पासवर्ड से अकाउंट को रिसेट या वेरिफाई भी नहीं किया जा सकता है। वेरिफिकेशन के लिए आपको एक और एडिशनल तरीके की जरुरत पड़ सकती है। इससे आपका अकाउंट हैक नहीं होगा।नहीं हो पाएगा व्हाट्सऐप लिंक (Device Linking Alert)
कई बार फ्रॉड करने वाले यूजर्स बातों में फुसलाकर उसके व्हाट्सऐप अकाउंट को दूसरे डिवाइस से लिंक कर लेते हैं। फिर वो यूजर के अकाउंट को अपनी मर्जी से कैसे भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे बचने के लिए व्हाट्सऐप अब सस्पिशियस रिक्वेस्ट आने वार्निंग अलर्ट देती है। -

Whatsapp के Username को लेकर मचा बवाल, भारत सरकार ने कंपनी को भेजा नोटिस
टेक्नोलॉजी: व्हाट्सऐप के यूजरनेम फीचर पर इस समय बवाल मच चुका है। आम लोगों के बीच में इस फीचर को लेकर काफी कंफ्यूजन पैदा हो चुकी है। भारत सरकार ने बुधवार को कंपनी को नोटिस भेजा और तीन दिनों के अंदर जवाब देने को कहा कि – ‘साथ ही अभी यूजरनेम फीचर को होल्ड करने का कहा है’। अब सवाल यहां पर यह आता है कि क्या यूजरनेम फीचर को लेना जरुरी है या फिर- नहीं है। व्हाट्सऐप ने अपने एक्स प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करके कुछ जरुरी सवालों पर जवाब दिए हैं। व्हाट्सऐप ने एक्स करके सबसे पहला सवाल ये है कि क्या व्हाट्सऐप यूजरनेम लेना जरुरी है? इसके जवाब में खुद व्हाट्सऐप ने जवाब दिया है कि नहीं है। यह सर्विस पूरी तरह से ऑप्शन्ल है। इसको लेना या फिर ना लेना पूरी तरह से यूजर के विवेक के ऊपर होता है।Username reservations are here, as more and more people claim theirs, here’s answers to the top questions you’re asking ⬇️
Q: Are usernames mandatory? A: Nope, they are optional. Q: What if the username I want isn’t available? A: There’s a few reasons you might not be able to… — WhatsApp (@WhatsApp) July 1, 2026यूजरनेम की मदद से मैसेज भेजने की सुविधा नहीं है उपलब्ध
व्हाट्सऐप ने आगे जवाब दिया है कि फिलहाल यूजरनेम की मदद से मैसेज भेजने की सुविधा उपलब्ध नहीं है। यह फीचर आएगा और नया शख्स मैसेज भेजेगा तो मैसेज भेजने वाले के देश की जानकारी दी जाएगी। पहली बार मैसेज भेजने वाले पर अलर्ट भी दिखाया जाएगा।अभी नहीं किया यूजरनेम फीचर को लॉन्च
व्हाट्सऐप ने अपने पोस्ट में यह साफ कर दिया है कि अभी इस यूजरनेम फीचर को लॉन्च नहीं किया गया है। व्हाट्सऐप ने यूजरनेम फीचर के ऑफिशियल लॉन्च से पहले ही रिजर्वेशन की सुविधा शुरु कर दी है। इसके पीछे तर्क दिया है कि कंपनी का यह मानना है कि लोग अपने पसंदीदा यूजरनेम को लेकर काफी गंभीर है।साल के अंतर तक होगा लॉन्चिंग
व्हाट्सऐप ने बताया है कि वह इस फीचर को जल्दबाजी में लॉन्च नहीं करना चाहते हैं। वह यूजर्स को फीडबैक लेकर इस साल के अंत में फीचर को सही तरीक से लॉन्चिंग करने की योजना बना रहे हैं। अभी इसको सिर्फ रिजर्वेशन के लिए जारी किया है। -

Elon Musk की संपत्ति में आई गिरावट, मुकेश अंबानी की नेटवर्थ से भी हुए पीछे
नई दिल्ली: एलन मस्क की संपत्ति में अब बड़ी गिरावट आई है। एक ही दिन में मुकेश अंबानी से दोगुऩी संपत्ति साफ हो गई है। एलन की संपत्ति में इतनी बड़ी गिरावट तब आई है। जब सोमवार को अमेरिकी बाजार में स्पेस एक्स के शेयरों में भारी गिरावट आई है। स्पेसएक्स के शेयर करीब 17 फीसदी टूटकर बंद हुए है। कुछ ही दिन पहले स्पेस एक्स की मार्केट में एंट्री हुई थी जिसे लेकर निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया था। स्पेसएक्स के शेयरों की भी अच्छी प्रीमियम पर लिस्टिंग हुई थी। जिससे निवेशकों को मोटा मुनाफा हुआ था लेकिन सोमवार को अचानक ये शेयर 17 फीसदी तक टूट गया है और 154.60 डॉलर आ गया था। यह शेयर अपने लिस्टिंग प्राइस से भी 4 फीसदी नीचे आ चुका है। लिस्टिंग के बाद से ही बहुत से एक्सपर्ट इस शेयर पर गिरावट की संभावना जता रहे थे। उनका मानना है कि अभी ये शेयर काफी होभुर वैल्यूड हो चुका है। साथ ही कंपनी बहुत अच्छी ग्रोथ नहीं दिख रहा है। ऐसे में इसमें गिरावट आना लाजमी है। कई एक्सपर्ट इसमें प्रॉफिट बुकिंग की भी राय दे रहे थे।कितनी गिरी एलॉन मस्क की दौलत
सोमवार को हुए भारी गिरावट का एक बड़ा कारण निवेशकों द्वारा प्रॉफिट बुकिंग शामिल था। इसका कारण एलन मस्क की नेटवर्थ में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। एक ही दिन में एलन मस्क की संपत्ति 152 अरब डॉलर कम हुई है हालांकि अभी भी मस्क की नेटवर्थ 1 ट्रिलियन से ज्यादा है।मुकेश अंबानी की नेटवर्थ
वहीं सोमवार को भारत को दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी की दौलत में 429 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। मुकेश अंबानी की कुल संपत्ति 88.3 अरब डॉलर है। इसका मतलब है कि मस्क को लगभग मुकेश अंबानी की कुल संपत्ति से लगभग दोगुना एक दिन में ही हुआ है।स्पेसएक्स को 600 अरब डॉलर का नुकसान
इतिहास का सबसे वैल्यूवेबल आईपीओ बनने के दो हफ्ते बनने के दो हफ्ते से कम समय के अंदर, एलन मस्क की स्पेसएक्स को वास्तविकता का सामना करना पड़ा है। कंपनी ने तीन कारोबारी सत्रों में अपने मार्केट कैप में लगभग 600 अरब डॉलर का नुकसान उठाया है। इससे शेयर बाजार में शानदार शुरुआत के बाद हुए लाभ का एक बड़ा हिस्सा खत्म हो गया है। यह नुकसान भारत के दो सबसे अमीर व्यापारियों रिलांयस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी की संयुक्त संपत्ति की लगभग तीन गुना है। -

अब Chatgpt-Gemini से पूछकर लोग भर रहे हैं ITR, क्या AI आने वाले समय में करेगा राज?
टेक्नोलॉजी: ITR फाइलिंग सीजन के बीच बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स Chatgpt, Claude और Gemini और AI टूल्स की मदद ले रहे हैं। कोई टैक्स कैलकुलेशन करवा रहा है तो कोई डिडक्शन का हिसाब पूछ रहा है लेकिन यदि आप एआई भी भरोसे इनकम टैक्स रिटर्न भर रहे हैं तो थोड़ा सावधान हो जाएं। वजह है कि अब इनकम टैक्स विभाग भी एआई की मदद से रिटर्न की जांच कर रहा है और छोटी-छोटी गड़बड़ियां भी आसानी से पकड़ी जा रही है।आईटीआर में दी गई जानकारी
टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि आयकर विभाग ने एडवांस डेटा एनालिटिक्स और एआई आधारित सिस्टम तैनात किए हैं। आईटीआर में दी गई जानकारी को एआईएस, टीआईएस, फॉर्म-16, बैंकिंग रिकॉर्ड, ब्रोकरेज डेटा एनालिटिक्स और एआई आधारित सिस्टम तैनात किए हैं जो आईटीआर में दी गई है। जानकारी को एआईएस, टीआईएस, फॉर्म-16, बैंकिंग रिकॉर्ड, ब्रोकरेज डेटा और दूसरे थर्ड पार्टी सोर्स से मिलाकर देखते हैं। अगर किसी भी जानकारी में अंतर मिलता है। मामला तुरंत फ्लैग हो सकता है। इसका असर रिफंड पर पड़ सकता है और टैक्सपेयर्स को नोटिस भी मिल सकता है।एआई से आईटीआर भरना कितनी सुरक्षित है
हाल के महीनों में चैटजीपीटी और दूसरे एआई टूल्स का इस्तेमाल टैक्स प्लानिंग और आईटीआर फाइलिंग में तेजी से बढ़ा है। इसकी सबसे बड़ी कारण है कि ये जटिल टैक्स नियमों को आसान भाषा में समझा देते हैं। टैक्स स्लैब, डिडक्शन और निवेश से जुड़े सवालों के जवाब भी कुछ सैकेंड में मिल जाते हैं। कई लोग शुरुआती टैक्स कैलकुलेशन और डॉक्यूमेंट्स को ठीक करने के लिए भी इन टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं हालांकि जानकारी चेतावनी देते हैं कि एआई को भरोसेमंद सलाहाकार नहीं माना जा सकता है। कई बार एआई पुराने टैक्स नियमों या गलत जानकारी के आधार पर जवाब दे सकता है। तकनीकी भाषा में हैलुसिनेशन कहते हैं। ऐसे में एआई की दी गई जानकारी पर आंख बंद करके भरोसा करके मंहगा पड़ सकता है।डेटा शेयर करने से पहले सोचें कई बार
एक और बड़ी चिंता डेटा प्राइवेसी को लेकर हैं। कई टैक्सपेयर्स अपने फॉर्म-16, बैंक स्टेटमेंट, PAN या दूसरी वित्तीय जानकारी सीधे एआई चैटबॉट पर अपलोड कर देते हैं। जानकारों का कहना है कि संवेदनशील डॉक्यूमेंट किसी भी पब्लिक एआई प्लेटफॉर्म पर साझा करने से बचना चाहिए। टैक्स एक्सपर्ट्स की सलाह है कि एआई का इस्तेमाल जानकारी समझने और शुरुआती कैलकुलेशन तक सीमित रखना चाहिए। रिटर्न फाइल करने से पहले सभी आंकड़ों को आयकर विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड से जरुर मिलाएं। यदि आय के कई स्त्रोत हैं। कैपिटल गेन है या टैक्स स्ट्रक्चर जटिल है तो किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट या टैक्स प्रोफेशनल की सलाह लेना बेहतर ऑप्शन हो सकता है। आखिरकार आईटीआर में दी गई हर जानकारी एआई टूल की नहीं जाती है। ये सिर्फ और सिर्फ टेक्सपेयर की होती है इसलिए एआई की मदद लें लेकिन आखिरी फैसला तथ्यों की जांच के बाद ही करना चाहिए। -

Telegram से इस वजह से हटाया बैन, आखिर क्या होगा User के पास Option
टेक्नोलॉजी: भारत में टेलीग्राम पर लगा हुआ टेंपररी बैन हट गया है। अब यूजर इसमें पहले की तरह मैसेज सेंड और रिसीव भी कर पा रहे हैं। इसके साथ ही यह ऐप गूगल प्ले स्टोर और ऐप्पल ऐप स्टोर पर लौट आई है। इसका अर्थ है कि इसे अब फिर से इंस्टॉल किया जा सकता है लेकिन इस ऐप को एक फीचर अब भी काम नहीं कर रहा है। इसके लिए यूजर को लगभग एक हफ्ते तक और इंतजार करना पड़ेगा। बैन लगाने के साथ ही सरकार ने इस फीचर को डिसेबल रखने का भी आदेश दिया था।इस वजह से लगा था टेलीग्राम पर बैन
सबसे पहले यह जानना जरुरी है कि टेलीग्राम पर बैन आखिर लगा क्यों लगा था। दरअसल 21 जून को देश में NEET की परीक्षा दोबारा हुई थी। पेपर लीक के चलते पहली परीक्षा को ही रद्द कर दिया गया था। जांच के दौरान यह पता चला था कि क्वेश्चन पेपर को लीकर करने में टेलीग्राम की मदद ली गई थी। दोबारा ऐसी गलती होने से रोकने के लिए सरकार ने टेलीग्राम पर टेंपरेरी बैन लगाया था। 22 जून को हट गया है। अब यह ऐप पहले की तरह काम कर रही है।मैसेज एडिटिंग फीचर नहीं कर रहा काम
सरकार ने टेलीग्राम को बैन करने के साथ इसके मैसेज एडिटिंग फीचर को 30 जून तक डिसेबल रखने का आदेश दिया था। अब टेलीग्राम की सर्विस बहाल होने के बाद भी इसका मैसेज एडिटिंग फीचर काम नहीं कर रहा है। यह 30 जून तक डिसेबल ही रहेगा। 30 जून के बाद इस पर लगी रोक हटेगी। बता दें कि यह टेलीग्राम के सबसे ज्यादा यूज होने वाली फीचर्स में एक है। इसकी मदद से यूजर मैसेज को डिलीट या दोबारा भेजने की जगह पहले भेजे हुए मैसेज को ही एडिट कर सकते हैं। पर्सनल चैट, ग्रुप्स और चैनल्स में भी यह फीचर मिलता है।यूजर के पास अब क्या ऑप्शन
अब यूजर के पास मैसेज एडिट करने का कोई ऑप्शन नहीं है। ऐसे में यदि किसी मैसेज में टाइपोज या कोई दूसरी गलती होती है तो उसे डिलीट ही करना पड़ेगा। यह एक लंबी प्रोसेस है और इसमें कई बार लंबे मैसेज भी दोबारा टाइप करने पड़ सकते हैं लेकिन 30 जून से पहले यही एकमात्र ऑप्शन हैं। अभी तक ऐसी कोई जानकारी नहीं है। इसके अनुसार, 30 जून के बाद भी इस फीचर को डिसेबल रखा जा सकता है इसलिए यूजर्स को 30 जून तक का इंतजार करना पड़ेगा।
