Category: International

  • टोरंटो में अमेरिका वाणिज्य दूतावास पर गोलीबारी, जांच तेज

    टोरंटो में अमेरिका वाणिज्य दूतावास पर गोलीबारी, जांच तेज

    कनाडाः टोरंटो में अमेरिका वाणिज्य दूतावास को एक बार फिर निशाना बनाया गया है। जानकारी के अनुसार चार महीने में अमेरिका दूतावास पर दूसरी बार गोलीबारी की घटना सामने आई है। इसी जगह पर 10 मार्च को भी गोलीबारी हुई थी। उस घटना में कोई घायल नहीं हुआ था। बाद में RCMP ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला घोषित किया और व्यापक जांच के दौरान तीन लोगों को गिरफ्तार किया था।

    दूतावास के पास नियमित गश्त पर तैनात एक पुलिस अधिकारी ने सुबह करीब 4:45 बजे गोली चलने की आवाज सुनी। इसके कुछ ही देर बाद उसने बिना लाइसेंस प्लेट वाली एक सफेद कार को घटनास्थल से तेजी से भागते देखा। पुलिस ने डॉन वैली पार्कवे पर कार का पीछा किया, लेकिन पीछा करना रोक दिया गया क्योंकि गाड़ी 140 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से चल रही थी।

    टोरंटो पुलिस के डिप्टी चीफ फ्रैंक बैरेडो ने घटना को बेहद निंदनीय बताया। पुलिस ने पाया कि दूतावास के पास की इमारत के बाहरी हिस्से को भी नुकसान पहुंचा है। पुलिस अभी हमले के मकसद और कार में मौजूद लोगों की संख्या का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

    टोरंटो की मेयर ओलिविया चाउ ने कहा कि उन्होंने शहर में अवैध हथियारों और गोलीबारी पर रोक लगाने के उपायों के बारे में कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री गैरी आनंदसंगरी से चर्चा की है। उन्होंने हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को पकड़ने का वादा किया।

     

  • सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पत्नी की गोली मारकर हत्या, बच्चों के प्रति यौन आकर्षण का था आरोप

    सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पत्नी की गोली मारकर हत्या, बच्चों के प्रति यौन आकर्षण का था आरोप

    वॉशिंगटनः अमेरिका में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सारा गिलसन की पति द्वारा गोली मारकर हत्या करने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार सारा का पति उससे अलग रह रहा था। बीते दिनों सारा ने पति पर बच्चों के प्रति यौन आकर्षण का आरोप लगाया था, जिससे पति नाराज था।

    पुलिस ने बताया कि सारा गिलसन (43) और उनके अलग रह रहे पति 48 साल के जेरेमिया शॉन डफी वीरवार रात ओक्लाहोमा के तुलसा के पास कॉलिन्सविले में अपने घर पर मृत पाए गए। सारा को गोली लगी थी। जांच में सामने आया कि डफी ने खुदकुशी करने से पहले गिलसन को गोली मारी थी। मामले की जांच अभी चल रही है।

    सारा ने 10 जून को डफी को घर से दूर रखने के लिए सुरक्षा आदेश की मांग की थी। कोर्ट के रिकॉर्ड से पता चलता है कि उसी दिन एक और महिला ने भी सुरक्षा आदेश के लिए अर्जी दी। महिला का आरोप था कि डफी ने उसकी टीनएज बेटी के साथ गलत व्यवहार किया था।

    टीनएज ने अपनी मां को बताया कि डफी ने उसे गलत टेक्स्ट मैसेज भेजे थे, बास्केटबॉल ट्रिप के दौरान उसे अपने होटल के कमरे में बुलाया था और उसे चुप रहने के लिए पैसे दिए थे। इन आरोपों की सूचना ओवास्सो, ओक्लाहोमा में पुलिस को दी गई थी। गिलसन ने कोर्ट में अपनी अर्जी में डफी पर लगे आरोपों का जिक्र किया और यह भी दावा किया कि उसके पास हथियार थे, उसने आत्महत्या की धमकी दी थी और वह भाग गया था। एक महीने बाद 11 जुलाई को गिलसन ने अपने हजारों फॉलोअर्स के साथ एक टिकटॉक वीडियो शेयर किया।

    बारह दिन बाद वीरवार की रात लगभग 11:15 बजे पुलिस को कॉलिंसविले के एक घर से 911 पर कॉल आया। कॉल कटने से पहले डिस्पैचर ने एक महिला के चीखने की आवाज सुनी और उसके बाद गोली चलने जैसी आवाज सुनाई दी।

    पुलिस ने बताया कि कुछ ही देर बाद एक लड़के ने पड़ोसी के घर से 911 पर कॉल किया और डिस्पैचर को बताया कि उसके सौतेले पिता ने उसकी मां को गोली मार दी है। जब अधिकारी वहां पहुंचे तो उन्हें गिलसन और डफी मृत मिले। उनके सिर पर गोली लगने के निशान थे। अधिकारियों का मानना है कि यह हत्या और आत्महत्या का मामला है। हालांकि इसकी जांच अभी चल रही है।

  • Donald Trump ने इस वजह से रोका Iran से युद्ध, करने वाले थे बड़ा हमला

    Donald Trump ने इस वजह से रोका Iran से युद्ध, करने वाले थे बड़ा हमला

    नई दिल्ली: ईरान पर लगातार 13 दिनों तक सैन्य हमले करवाने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मूड अचानक बदल गया है। उन्होंने आगे की कार्रवाई रोकने का फैसला कर लिया है। यह फैसला उस समय पर आया है जब एक दिन पहले ही उन्होंने इशारा किया था कि अमेरिका पहले से भी बड़ा हमला करने की तैयारी कर रहा है। मीडिया से गुरुवार को बातचीत के दौरान ट्रंप ने यह कहा था कि ईरान को अभी तक ठीक तरह से नुकसान नहीं पहुंचा है। उन्होंने यह भी कहा था कि वह पहले से बड़े हमले पर विचार कर रहे हैं। फैसले लेने के बाद बहुत करीब हैं। इसके बाद अमेरिका ने लगातार 13 वीं रात भी ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं।

    ट्रंप ने दिए कार्रवाई रोकने के आदेश

    अगले ही दिन स्थिति बदल गई। वहीं पेंटागन ने 14वीं रात के लिए भी नए हमलों की योजना तैयार कर ली थी। ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई रोकने के आदेश दे दिया है। इससे सवाल उठने लग चुके हैं कि आखिर 24 घंटे के अंदर ऐसा क्या हुआ है जिसने अमेरिका के राष्ट्रपित का रुख बदल दिया है। इससे पहले जो रिपोर्टें सामने आई उसमें यह बताया गया है कि ट्रंप कूटनीतिक बातचीत के लिए ज्यादा अवसर देना चाहते थे। इसके अलावा अमेरिकी सेना को यह भी चिंता थी कि मिसाइल इंटरसेप्टर का स्टॉक तेजी से खत्म होता जा रहा है। अब एक नई रिपोर्ट में इस फैसले के पीछे की एक और महत्वपूर्ण वजह सामने आ चुकी है।

    सीमा तक पहुंचा सैन्य अभियान

    एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, मीडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना के टॉप कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने ट्रंप को यह सलाह दी ती कि मौजूदा सैन्य अभियान अपनी तय सीमा तक पहुंच गया है। इसे जारी रखने से खास फायदा नहीं मिलेगा। एडमिरन कपूर ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और उसके आस-पास के इलाकों में दो हफ्ते तक चले हमलों के कारण ईरान की समुद्री हमले करने की क्षमता काफी कमजोर हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा है कि आने वाले समय में सिर्फ बचे हुए टारगेट पर बड़े स्तर की सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरु की जा सकती है लेकिन मौजूदा स्थिति में उसी स्तर की बमबारी जारी रखने का कोई खास कारण नहीं दिखाता है।

    ट्रंप के अंतिम फैसले को किया प्रभावित

    एडमिरल कूल की सलाह में कई प्रमुख कारण शामिल थे जिन्होने ट्रंप के अंतिम फैसले को प्रभावित किया है। इसके बाद ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों में होने वाले नए हमलों पर रोक लगाने का आदेश दिया है। इसी बीच जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डैन केन ने भी ट्रंप और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी थी कि एयर डिफेंस इंटरसेप्टर मिसाइलों का तेजी से कम होता स्टॉक आने वाले समय में अमेरिकी सैनिकों और सहयोगी देशों की सुरक्षा के लिए समस्या पैदा कर सकता है।
  • Seattle में फूड फेस्टिवल में गोलीबारी, 2 लोगों की मौत, देखें वीडियो

    Seattle में फूड फेस्टिवल में गोलीबारी, 2 लोगों की मौत, देखें वीडियो

    वाशिंगटनः अमेरिका के सिएटल में फूड फेस्टिवल में एक अज्ञात ने अंधाधुंध फायरिंग करने का मामला सामने आया है। जिसकी सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल हो रही है। जानकारी के अनुसार इस घटना में 2 की मौत और कई लोग घायल हो गए। ये घटना रविवार को स्थानीय समयानुसार शाम 6 बजे सिएटल सेंटर आर्मरी बिल्डिंग के बाहर हुई, जहां सालाना बाइट ऑफ सिएटल फूड फेस्टिवल के लिए हजारों लोग जमा हुए थे। गोलीबारी के बाद भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। घटना की खबर मिलते ही पुलिस और आपातकालीन सेवाओं ने बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया। सिएटल पुलिस ने प्रभावित इलाके की घेराबंदी कर दी है और लोगों से उस इलाके से दूर रहने की अपील की है। गोलीबारी की जांच चल रही है। बाइट ऑफ सिएटल फेस्टिवल के दौरान आर्मरी के बाहर बैठी कायला कैरिस ने कहा कि गोलीबारी के बाद अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने कहा कि लोग अचानक चीखने-चिल्लाने लगे और सिएटल सेंटर आर्मरी बिल्डिंग की ओर भागने लगे। वहां भगदड़ जैसी स्थिति थी, हर कोई अपना सामान छोड़कर भाग रहा था।  
  • अमेरिका-ईरान तनाव कम होते कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट

    अमेरिका-ईरान तनाव कम होते कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट

    नई दिल्लीः अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत मिलते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई। ट्रंप के सैन्य कार्रवाई रोकने के फैसले से निवेशकों को राहत मिली और तेल बाजार में नरमी देखने को मिली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से फिलहाल आगे के सैन्य हमलों पर रोक लगाने और कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देने के संकेत मिलते ही बाजार की धारणा बदल गई। इसका सीधा असर ब्रेंट क्रूड पर दिखाई दिया, जिसकी कीमतों में करीब 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो हफ्ते से जारी सैन्य तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार लगातार दबाव और अनिश्चितता में था। सोमवार को शुरुआती कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड वायदा करीब 5 प्रतिशत टूटकर 91.89 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।

    कारोबार के दौरान ये कुछ समय के लिए 90 डॉलर प्रति बैरल के महत्वपूर्ण स्तर से भी नीचे फिसल गया। इसका सबसे बड़ा कारण निवेशकों की ये उम्मीद रही कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने पर वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित नहीं होगी। जब बाजार को लगता है कि तेल की सप्लाई सामान्य बनी रहेगी तो कीमतों पर दबाव कम हो जाता है। पिछले कुछ दिनों से युद्ध की आशंका के कारण तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई थी, लेकिन जैसे ही बातचीत की संभावना मजबूत हुई। होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्गों में गिना जाता है।

    श्विक स्तर पर बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और एलएनजी इसी रास्ते से विभिन्न देशों तक पहुंचता है। भारत, चीन, जापान और कई यूरोपीय देश भी इस मार्ग से आने वाले तेल पर काफी हद तक निर्भर हैं। अगर इस समुद्री मार्ग में किसी तरह की रुकावट आती है तो वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के कारण इस मार्ग की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। अब तनाव कम होने की उम्मीद के साथ यह संभावना भी बढ़ी है कि जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य हो सकती है, जिससे वैश्विक बाजार को राहत मिल सकती है।

    हालांकि तेल की कीमतों में गिरावट आई है, लेकिन विशेषज्ञ अभी भी पूरी तरह राहत की स्थिति नहीं मान रहे हैं। पश्चिम एशिया में हालात अब भी संवेदनशील बने हुए हैं। लाल सागर क्षेत्र में हूती विद्रोहियों की गतिविधियां और समुद्री जहाजों पर हमलों की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। अगर किसी भी समय क्षेत्र में नया सैन्य तनाव पैदा होता है या किसी अहम समुद्री मार्ग पर खतरा बढ़ता है तो तेल की कीमतें फिर से उछाल ले सकती हैं। यही वजह है कि निवेशक अभी भी हर नए राजनीतिक और सैन्य घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। बाजार का मानना है कि मौजूदा राहत स्थायी तभी होगी जब क्षेत्र में लंबे समय तक शांति बनी रहे।

     

     

     

     

  • स्पेस नीडल के पास चली ताबड़तोड़ गोलियां, 2 की मौत, 5 घायल

    स्पेस नीडल के पास चली ताबड़तोड़ गोलियां, 2 की मौत, 5 घायल

    सिएटलः अमेरिका के सिएटल शहर में रविवार शाम आइकॉनिक स्पेस नीडल के पास स्थित सिएटल सेंटर में भीषण गोलीबारी हुई, जिसमें दो लोगों की मौके पर मौत हो गई और कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि घटना में घायल हुए लोगों में बच्चे भी शामिल हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने इलाके को खाली करवा लिया और घटना की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ये घटना रविवार शाम करीब 6 बजे ‘बाइट ऑफ सिएटल’ नामक वार्षिक फूड फेस्टिवल के दौरान हुई जो सिएटल सेंटर नीडल से महज एक ब्लॉक दूर है।

    इस फेस्टिवल में हजारों लोग शामिल होते हैं। सिएटल फायर डिपार्टमेंट ने बताया कि गोलीबारी की जानकारी मिलते ही इमरजेंसी टीमें मौके पर पहुंचीं। मौके पर पहुंची टीम ने बताया कि इस घटना में 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 5 लोग घायल हो गए हैं, जिनमें 2 साल का बच्चा भी शामिल है। घालयों में 3 महिलाएं, एक 23 वर्षीय युवक और एक अन्य व्यक्ति को हल्की चोट लगी है।

    इनमें से एक 56 वर्षीय महिला की हालत गंभीर बताया जा रही है। पुलिस ने इसे मास कैजुअल्टी घटना घोषित किया और पूरे इलाके को खाली करवा दिया। सिएटल पुलिस ने लोगों से अपील की कि वो उस क्षेत्र से दूर रहें, जांच जारी है। अभी तक किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी या उसकी पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कई एजेंसियों के अधिकारी, जिनमें FBI भी शामिल है, मौके पर मौजूद हैं।

  • Ukraine में नहीं थम रहे हमले, एक बार फिर हुआ भारतीय जहाज पर Attack, दूतावास ने दी जानकारी

    Ukraine में नहीं थम रहे हमले, एक बार फिर हुआ भारतीय जहाज पर Attack, दूतावास ने दी जानकारी

    नई दिल्ली: यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह में रविवार को 4 भारतीय नागरिकों को लेकर जा रहे एक व्यापारी जहाज पर हमला हुआ है। कीव में भारतीय दूतावास के एक ऑफिशियल बयान के अनुसार, चालक दल के 2 सदस्य सुरक्षित बताए जा रहे हैं। वहीं 2 के बारे में जानकारी अभी भी इंतजार है। दूतावास के बयान के अनुसार, यह घटना शनिवार को हुई है। जब ओडेसा बंदरगाह पर MV AGN Ragnar पर हमला हो गया है। ओडेसा यूक्रेन के अहम ब्लैक सी बंदरगाहों में से एक है। इस पर 2022 में रुस-यूक्रेन संघर्ष शुरु होने के बाद से कई बार हमले हुए हैं। भारतीय मिशन ने एक बयान में कहा गया है कि वह स्थिति पर बारीकी के साथ नजर रख रहे हैं। बता दें कि यह घटना ओडेसा बंदरगाह पर रुसी हमले में 4 भारतीय नाविकों की मौत के कुछ दिनों बाद हुई हैं।

    भारतीय नागरिकों की स्थिति पर रखी जा रही नजर

    यूक्रेन की राजधानी कीव स्थित भारतीय दूतावास ने रविवार को यह कहा कि जहाज पर मौजूद दो भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। वहीं बाकी के दो भारतीयों के बारे में जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। दूतावास ने कहा कि वह स्थानीय अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है तथा भारतीय नागरिकों की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। घटना को लेकर अब लोग आगे की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।

    4 भारतीय नाविकों की हो चुकी है मौत

    यूक्रेन के तट के पास एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले में 4 भारतीय नाविकों की मौत हो गई है। वहीं 1 अन्य भारतीय गंभीर तौर पर घायल हो गया है। इस घटना के बाद भारत ने रुस के प्रभारी राजदूत को तलब कर इस हमले पर कड़ा विरोध दर्ज करवाया था। विदेश मंत्रालय ने रुसी राजनयिक से साफ तौर पर कह दिया है कि जिस तरह एक व्यापारी जहाज पर हमला हुआ है। उसमें भारतीय नागरिकों की जान चली गई है वो पूरी तरह से अस्वीकार्य है।    
  • ‘MV गोल्डन लियो’ शिप पर हमला, 4 भारतीयों की मौत; देखें वीडियो

    ‘MV गोल्डन लियो’ शिप पर हमला, 4 भारतीयों की मौत; देखें वीडियो

    कीवः यूक्रेन के ओडेसा पोर्ट से रवाना कार्गो जहाज ‘MV गोल्डन लियो’ पर हमले का मामला सामने आया है, जिसमें 4 भारतीयों की मौत और एक भारतीय गंभीर घायल होने की सूचना है। जिस पर भारत सरकार ने हमले की निंदा करते कहा कि कारोबारी जहाजों पर हमला निंदनीय है। कारोबारी जहाजों और निर्दोष नागरिक क्रू को निशाना बनाना या समुद्री व्यापार और नेविगेशन की आजादी में बाधा डालना निंदनीय है और इससे बचा जाना चाहिए।
     
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    जहाजों में तैनात भारतीयों को मारना गलत है। वहीं सरकार ने रूस के राजदूत को भी तलब किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारतीय दूतावास लगातार यूक्रेनी अधिकारियों के संपर्क में है और प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद की जा रही है। उधर, यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक गोल्डन लियो जहाज ओडेसा से मक्का लेकर रवाना हुआ था। पोर्ट से निकलने के कुछ देर बाद उस पर तीन रूसी क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया। यूक्रेन की नौसेना ने कहा कि हमले के बाद जहाज में आग लग गई। विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक 19 जुलाई की शाम अफ्रीकी देश गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले इस जहाज पर हमला हुआ। उस समय जहाज पर कुल 17 क्रू मेंबर थे, जिनमें पांच भारतीय शामिल थे। विदेश मंत्रालय ने मारे गए भारतीयों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायल भारतीय के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। भारत ऐसे हमलों की निंदा करता है। कारोबारी जहाजों और निर्दोष नागरिक क्रू को निशाना बनाना या समुद्री व्यापार और नेविगेशन की आजादी में बाधा डालना निंदनीय है और इससे बचा जाना चाहिए। यूक्रेन के समुद्री बंदरगाह प्राधिकरण के मुताबिक घटना के बाद पूरी रात सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। हमले में 9 क्रू मेंबर और एक समुद्री पायलट की मौत हुई, जबकि 17 में से आठ क्रू मेंबर को सुरक्षित बचा लिया गया।  
  • यात्रियों से भरी Bus में लगी आग, 7 की मौत, देखें वीडियो

    यात्रियों से भरी Bus में लगी आग, 7 की मौत, देखें वीडियो

    हनोईः वियतनाम में एक बड़ा सड़क हादसा पेश आया है, जहां एक बस में आग लगने से 7 लोगों की मौत और 5 लोग घायल होने की खबर है। जानकारी के अनुसार बस लाम डोंग प्रांत से हो ची मिन्ह सिटी जा रही थी। वियतनाम के पब्लिक सिक्योरिटी मंत्रालय ने मामले की जानकारी देते कहा कि 24 सीटों वाली बस में आग लग गई। ये आग इतनी तेजी से फैली कि कई यात्री बस के अंदर फंस गए उन्हें भागने का मौका ही नहीं मिला।

    सोशल मीडिया पर हादसे के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। इसमें बस आग की लिपटों में घिरी हुई दिख रही है। हादसे में आग पूरी तरह जलकर खाक हो गई। पुलिस ने आग लगने के कारण का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।

    अधिकारियों के मुताबिक ये बस तड़के करीब 2:30 बजे हंग थिन्ह कम्यून से गुजर रही है। इस दौरान बस रास्ते से भटक गई और हाईवे के किनारे बने एक ऊंचे हिस्से से टकरा गई। इस टक्कर के बावजूद गाड़ी चलती रही और फिर दूसरी बार किसी जगह टकरा गई।

    दूसरी टक्कर के तुरंत बाद बस के नीचे से आग की लपटें उठने लगीं और पूरा पैसेंजर केबिन आग की चपेट में आ गया। ड्राइवर ने लोगों को जल्दी से बाहर निकलने के लिए कहा लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थी कि कई लोग अंदर ही फंसे रह गए।

    इमरजेंसी टीमों को आग पर काबू पाने में करीब 30 मिनट लग गए। बाद में बस के जले मलबे से 7 लोगों के शव बरामद किए गए। घायलों में से एक को मामूली चोट आई थी, जिसे बाद में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

     

     

     

     

  • सुन्नी धर्मगुरु मोहम्मद अनवर रीगी का गोलियां मारकर कत्ल, सांप्रदायिक तनाव भड़कने की आशंका

    सुन्नी धर्मगुरु मोहम्मद अनवर रीगी का गोलियां मारकर कत्ल, सांप्रदायिक तनाव भड़कने की आशंका

    मिर्जावेहः पाकिस्तान के बॉर्डर से लगने वाले ईरान के दक्षिण-पूर्वी शहर मिर्जावेह मिर्जावेह शहर में अज्ञात बंदूकधारियों ने दिग्गज सुन्नी समुदाय के नेता मौलवी मोहम्मद अनवर रीगी का गोलियां मारकर कत्ल कर दिया। घटना के दौरान मौलवी अनवर शहर में हर शुक्रवार को होने वाली नमाज के इमाम थे। यह शहर सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में है और पाकिस्तान बॉर्डर से सटा हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार सिस्तान प्रांत के नजदीक मिर्जावेह शहर में कुछ अज्ञात हमलावरों ने जुमे की नमाज के दौरान सुबह 4 बजे मस्जिद में घुसकर मौलवी पर गोलीबारी की।

    यह क्षेत्र लंबे समय से सुन्नी उग्रवादियों और ईरान के सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष का केंद्र रहा है। स्थानीय अधिकारियों का हवाला देते हुए सरकारी मीडिया ने इस हत्या की पुष्टि की है। सिस्तान और बलूचिस्तान को ईरान के सबसे अशांत प्रांतों में से एक माना जाता है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि जांच चल रही है। उन्होंने यहां के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। ​​उन्होंने कहा कि इस हमले का मकसद सुरक्षा को कमजोर करना और प्रांत में सांप्रदायिक मतभेद भड़काना है। ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के स्थानीय प्रशासन ने इस हमले को पूरी तरह से आतंकी साजिश करार दिया है। जिसका मुख्य उद्देश्य पहले से ही बाहरी हमलों से जूझ रहे ईरान में शिया-सुन्नी सांप्रदायिक विभाजन को भड़काना है। हालांकि सुरक्षा बलों ने घटना के बाद स्थानीय नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।

    सूत्रों के अनुसार सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत आर्थिक रूप से बेहद गरीब और संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र है जहां बड़े पैमाने पर सुन्नी बलूच आबादी रहती है। अमेरिकी हमलों के बीच सुन्नी मौलवी मोहम्मद अनवर रीगी की हत्या की घटना से ईरान के सामने अब बाहरी युद्ध के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा और चरमपंथी ताकतों से निपटने की दोहरी चुनौती का सामना करने की स्थिति खड़ी हो गई है। ईरानी सरकार के खिलाफ अपने आलोचनात्मक रुख के कारण ईरानी खुफिया एजेंसियों ने सुन्नी धर्मगुरू मोहम्मद अनवर रीगी को कई बार पूछताछ के लिए बुलाया था। धर्मगुरु खुफिया एजेंसियों के निशाने पर रहे थे। हालांकि स्थानीय प्रशासन ने धर्मगुरु की हत्या को आंतकी साजिश करार दिया है। रीगी बलूच समुदाय के एक मौलवी थे। ईरान में सुन्नी आबादी वाले क्षेत्रों खासकर बलूचिस्तान में वे स्थानीय स्तर पर धार्मिक गतिविधियों से जुड़े रहे।