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Punjab News: Punjab Roadways के कच्चे कर्मचारियों ने लगाया धरना, जताया रोष, देखें वीडियो
पठानकोट/अमृतसर: भारत बंद की कॉल के कारण आज पूरे देश में अलग-अलग संगठनों की ओर से देशव्यापी हड़ताल चल रही है। पठानकोट में भी इसी हड़ताल का मिला-जुला असर देखने को मिला है। शहर में पंजाब रोडवेज के कच्चे कर्मचारियों की ओर से भारत बंद की इस काल को समर्थन दिया है। इसके चलते आज पठानकोट बस स्टैंड के अंदर भी रोष प्रदर्षन किया गया। इस बारे में जानकारी देते हुए पंजाब रोडवेज कच्चे कर्मचारियों के नेता ने बताया कि उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। ऐसे में आज उनकी ओर से भारत बंद का समर्थन किया गया है। उन्होंने बताया कि इस बंद को असफल बनाने के लिए कुछ कर्मचारी नेताओं को हिरासत में भी ले लिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक संघर्ष ऐसे ही चलता रहेगा। इसके साथ ही अमृतसर में भी पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन डिपो वन की ओर से आज अपने साथियों की रिहाई और विभागीय समस्याओं का समाधान करने के लिए राज्य स्तर पर चक्का जाम किया गया। इस दौरान उन्होंने सरकार से मांग रखी कि उनके यूनियन के साथियों की रिहाई की जाए। चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो वह लंबे समय के लिए हड़ताल पर चले जाएंगे। -

Punjab News: Ceasefire के बाद स्कूलों में लौटे बच्चे, दिखा खुशी का माहौल, देखें वीडियो
अमृतसर/पठानकोटः पिछले कुछ दिनों से भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के चलते 7 मई से सीमावर्ती इलाकों के सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेज बंद करने के प्रशासन द्वारा आदेश जारी किए गए थे जिसके बाद बच्चों को घर पर ही ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जा रही थी, वहीं अब भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के बाद आज 14 मई को सुबह 10:30 से दोपहर 2:30 बजे तक स्कूल खोलने की अनुमति मिल गई है जिसके चलते बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं स्कूलों में पहुंच रहे हैं और छात्रों के मन में भी स्कूल खुलने की एक अलग इच्छा देखी गई।
अमृतसर में विद्यार्थियों ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वे घर बैठे भी ऑनलाइन पढ़ाई करते थे, लेकिन स्कूल आने की खुशी ही अलग है, क्योंकि फ्रेंड्स के साथ पढ़ने की खुशी अगल ही होती है। वहीं शिक्षकों ने कहा कि बच्चों को घर बैठे ही ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जा रही थी, लेकिन स्कूल में जो शिक्षा दी जाती है, वह घर पर कभी नहीं दी जा सकती। स्कूल में बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ प्रैक्टिकल भी कराया जाता है और बच्चों की हर समस्या का समाधान किया जाता है।
वहीं जिला पठानकोट में भी स्कूल स्कूल खुले तो बच्चों में खुशी की लहर दौड़ गई और वह खुशी-खुशी स्कूल जाते नजर आए। विद्यार्थी प्रीति, शारदा, रेणु, राजन सिंह ने बताया कि वे पिछले एक सप्ताह से घर पर ही रहकर पढ़ाई कर रहे थे लेकिन अब स्कूल खुलने से वे खुश हैं क्योंकि ऑनलाइन पढ़ाई में उन्हें वह बातें समझ में नहीं आती जो स्कूल आने के बाद अध्यापकों से समझ में आती हैं और उन्होंने प्रशासन द्वारा लिए गए इस निर्णय की सराहना की।
प्रिंसिपल मीनम शिखा ने कहा कि भारत-पाकिस्तान युद्ध के बीच पिछले एक सप्ताह से स्कूल बंद थे, जिसके चलते बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे थे और अब जब हालात सुधर गए हैं तो प्रशासन ने स्कूल खोलने का फैसला लिया है, जो सराहनीय है। इससे बच्चों की शिक्षा और मनोबल में सुधार होगा और बच्चे बेहतर तरीके से पढ़ाई कर सकेंगे।