Highlights:
- मुजफ्फरनगर और आगरा के कारीगर हर साल नवरात्रि से एक महीने पहले नंगल पहुंचकर पुतले बनाते हैं।
- दशहरे के अवसर पर रावण का वध करने का दृश्य रामलीला के अंतिम दिनों में प्रदर्शित किया जाता है।
- इस साल रावण के पुतले की लंबाई 45 फुट रखी गई है, जबकि मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले 30 फुट के होंगे।