Jalandhar से पारिवारिक सदस्यों को ढूंढने के लिए Russia रवाना हुए 3 सदस्य, देखें वीडियो

राज्यसभा सासंद संत सींचेवाल ने मुहैया करवाई रशिया के लिए टिकटें

जालंधर, ENS: रूस और यूक्रेन में चल रहे युद्ध में कई भारतीय लोगों सहित पंजाब के लोग रूस में फंसे हुए है। जिसको लेकर परिवार के सदस्य कई बार अपने राज्यों के साथ-साथ केंद्र विभाग के मुलाकात करके उन्हें वापिस लाने के लिए पिछले डेढ साल से अधिक समय से गुहार लगा चुके है। जिसके बाद आज रूस में फंसे भाई को ढूढने के लिए आज देहात का रहने वाला जगदीप रशिया के लिए रवाना हो गया। इस दौरान जगदीप के साथ 2 अन्य परिवार के सदस्य भी शामिल है, जिनके परिवारिक सदस्य रशिया में फंसे हुए है। मीडिया से बात करते हुए जगदीप ने बताया कि वह रशिया में भाई को ढूंढने की कोशिश के लिए जा रहा है। दरअसल, यहां बैठकर उसे डेढ साल से अधिक समय हो गया है। लेकिन अभी तक भाई का ना तो कोई फोन आया है और ना ही उसके बारे में कुछ पता चल पाया है। जगदीप ने कहा कि प्रशासन द्वारा की जा रही ढीली कार्रगुजारी के कारण आज वह खुद भाई को ढूंढने के लिए रशिया के लिए रवाना हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब भी एबेंसी में बात करता है तो यही मैसेज मिलता हैकि अभी आपका भाई लापता है। जिसके बाद परेशान होकर उसने खुद ही रशिया जाने का फैसला किया है। जगदीप ने बताया कि उसकी सुबह 5 बजे की फ्लाईट है। ऐसे में वहां जाकर खुद ही उन्हें मैनेज करना है। इस दौरान आज वह ट्रेन के जरिए दिल्ली के लिए रवाना हो रहा है। जगदीप ने बताया कि राज्यसभा सासंद संत बलबीर सींचेवाल ने उनकी 2 टिकटे करवा कर दी है और एक टिकट उन्होंने खुद करवा ली है। ऐसे में संत सींचेवाल ने जितनी मदद करनी थी वह उन्होंने हमारी की है। इस दौरान रशिया में रहने को लेकर प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं की जा रही। जगदीप ने कहाकि केंद्र की ओर से जब रशिया जाने को लेकर बात की गई थी तो उन्होंने कहा कि वह ट्रांसलेटर मुहैया करवा कर दे सकते है, लेकिन वहां जाने में इससे अधिक ओर मदद उनके द्वारा नहीं की जा सकती। वहीं दुबई से आए दूसरे परिवारिक सदस्य आजीमुद्दीन ने बताया कि वह आजमगढ़ से आया है और वह भी भाई को ढूंढने के लिए जगदीप के साथ रशिया जा रहा है। पिछले एक साल भाई की तालाश के लिए प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहा है, लेकिन उसकी कोई मदद प्रशासन की ओर से नहीं की गई। आजीमुद्दीन ने कहा कि पहले वह दुबई से ही रशिया को जाने वाले थे लेकिन दस्तावेजों को लेकर आ रही परेशानी के चलते वह भारत आए और आज यहां से रशिया के लिए रवाना हो रहे है। वह दुबई में अपनी नौकरी छोड़कर भाई को ढूंढने के लिए आज रशिया जा रहे है। वहां पर उनकी किसी प्रकार की मदद भारत सरकार की ओर से नहीं की गई। जिसके बाद अब परेशान होकर वह खुद भाई को ढूंढने के लिए जा रहे है। आजमगढ़ से तीसरे परिवारिक सदस्य अजय ने बताया कि उसके मामा पिछले एक साल से रूस में फंसे हुए है। भारत सरकार से बात कई बार उनको लेकर बात की गई, लेकिन एंबेसी की ओर से कहा जा रहा है कि वह लापता है। जिसके बाद एक साल से परेशान होने के बाद आज वह रशिया में मामा को ढूंढने के लिए जा रहा है। अजय ने बताया कि संत सीचेंवाल के जरिए उन्हें रशिया की टिकट मिली है। जिसके बाद अब वह रशिया जाकर वहां की सरकार से मामा को ढूंढने के लिए मदद की गुहार लगाएंगे।

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