Home National खाने से पहले हो जाएं सावधान ! इस जगह से मिली 800kg नकली Tomato Sauce

खाने से पहले हो जाएं सावधान ! इस जगह से मिली 800kg नकली Tomato Sauce

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खाने से पहले हो जाएं सावधान ! इस जगह से मिली 800kg नकली Tomato Sauce

सहारनपुरः बच्चे हों या बड़े, हर कोई टोमैटो सॉस को खूब चाव से खाता है। यह फास्ट फूड के स्वाद को बढ़ा देता है। लेकिन जिस सॉस को आप स्वाद बढ़ाने के लिए अपने खाने में डाल रहे हैं, अगर वह नकली है तो उसमें खतरनाक केमिकल्स भी हो सकते हैं। वहीं उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में पिछले दिनों प्रदेश के खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक नकली टोमैटो सॉस बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। टीम ने इस फैक्ट्री से करीब 800 किलो नकली टोमैटो सॉस जब्त किया। खाद्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस फैक्ट्री में जो सॉस तैयार किया जा रहा था, उसमें टमाटर था ही नहीं, बल्कि टमाटर की जगह सिंथेटिक कलर, मकई का आटा और अरारोट मिलाया जा रहा था।

आमतौर पर लोग टोमैटो सॉस का इस्तेमाल खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए करते हैं। चाऊमीन, पेटीज, बर्गर, सैंडविच जैसे जंकफूड और फास्ट फूड आइटम्स में टोमैटो सॉस का खूब इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन नकली टोमैटो सॉस स्वाद के साथ आपकी सेहत बिगाड़ सकता है। लंबे समय तक इसका सेवन करने से किडनी या लिवर से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। मिली जानकारी के अनुसार आमतौर पर ब्रांडेड और अच्छी क्वालिटी के टोमैटो सॉस की कीमत 100 रुपए प्रति किलो के करीब होती है, जबकि नकली टोमैटो सॉस 20 से 30 रुपए प्रति किलो के रेट से मिल जाता है। सड़कों के आसपास लगने वाले फास्टफूड कॉर्नर्स, छोटे रेस्टोरेंट, ढाबे और होलसेल दुकानदार सस्ते दामों में सॉस खरीदना चाहते हैं। मिलावटखोर इसी का फायदा उठाकर खराब क्वालिटी के सॉस ऐसी जगहों पर सप्लाई करते हैं, जिससे आसानी से इसकी पहचान कर पाना मुश्किल होता है।

ज्यादातर जब हम किसी रेस्टोरेंट में जाकर टोमैटो सॉस मांगते हैं तो वह एक लाल रंग की प्लास्टिक की बोतल लाकर रख दे देता है, जिसमें सॉस होता है। उस बोतल पर मैन्युफैक्चरर कंपनी का नाम, एक्सपायरी डेट और ब्रांड का नाम जैसी चीजें नहीं होती हैं। ज्यादातर जगहों पर इस तरह की बोतलों में नकली टोमैटो सॉस होता है। इसे असली जैसा रंग देने के लिए आर्टिफिशियल कलर्स डाले जाते हैं, जिससे बच्चों में अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) जैसी हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। यह बीमारी मानसिक विकारों में से एक है, जिसमें एकाग्रता की कमी, व्यवहार में बदलाव हो सकता है। नकली टोमैटो सॉस में मिलाए जाने वाले आर्टिफिशियल स्वीटनर से मेटाबॉलिज्म डिस्टर्ब हो सकता है, जिससे हाई ब्लड शुगर लेवल और मेटाबॉलिज्म सिंड्रोम हो सकता है। इसके अलावा नकली टोमैटो सॉस से कुछ और हेल्थ प्रॉब्लम्स भी हो सकती हैं।

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