Home Chandigarh Border पर बैठे किसान नेताओं ने किया बड़ा ऐलान

Border पर बैठे किसान नेताओं ने किया बड़ा ऐलान

0
Border पर बैठे किसान नेताओं ने किया बड़ा ऐलान
चंडीगढ़ः देशभर के जिला मुख्यालयों में मजदूरों और किसानों की ओर से 26 नवंबर 2024 को एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। ये प्रदर्शन 4 साल पहले शुरू हुए किसानों के संघर्ष की चौथी वर्षगांठ के रूप में मनाया जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार किसान संगठनों ने केंद्र और राज्य सरकार के नेताओं पर मांगें मनवाने का दबाव बढ़ाने के लिए 26 नवम्बर से खनौरी बॉर्डर पर मरणव्रत शुरू करने का ऐलान किया है। इससे पहले किसान संगठनों ने खनौरी बॉर्डर पर श्री गुरु नानक देव जी के 550वें जन्मदिवस पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पाठों का आरंभ कर दिया है और 17 नवम्बर को पाठों के भोग डाले जाएंगे। इस धार्मिक कार्यक्रम में राज्य भर के किसानों को शामिल होने का आह्वान किसान नेताओं की ओर से किया गया है। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि उन्हें खुशी है कि एम.एस.पी. की कानूनी गारंटी का मुद्दा देश की संसद तक पहुंच चुका है। किसान आंदोलन इस समय इतना आगे जा चुका है कि बिना मांगें पूरा करवाए अब यह संघर्ष समाप्त होने वाला नहीं है। डल्लेवाल ने कहा कि जिन किसान नेताओं ने अभी तक इस किसान आंदोलन का नेतृत्व किया है, वे नेता बारी-बारी से अब आंदोलन के लिए कुर्बानी देंगे। किसान नेता के अनुसार 26 नवम्बर से खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता मरणव्रत पर बैठेंगे। यदि इस दौरान किसान नेता की मौत होती है तो उसके शव को आंदोलन वाले स्थान पर ही रखा जाएगा और दूसरा किसान नेता मरणव्रत को जारी रखेगा। यह सिलसिला किसानों की मांगें मनवाने तक लगातार जारी रखा जाएगा। 26 नवंबर को कृषि कानूनों और श्रम संहिताओं के खिलाफ मजदूरों की देशव्यापी हड़ताल हुई थी। अब किसानों के साथ मिलकर मजदूर अपनी प्रमुख मांगों के लिए आवाज उठाएंगे। संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि ये विरोध प्रदर्शन 12 प्रमुख मांगों के तहत किया जाएगा। इनमें 24 अगस्त 2023 को स्वीकृत किए गए मजदूरों और किसानों के मांग पत्र के समाधान न होने का कारण शामिल है। किसानों का कहना है कि उनकी मांगों का समाधान अभी तक नहीं किया गया और इसी कारण ये विरोध किया जा रहा है।

प्रमुख मांगें जो उठाई जाएंगी

  • सभी फसलों के लिए कानूनी रूप से गारंटीकृत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की घोषणा।
  • 4 श्रम संहिताओं को निरस्त किया जाए और ठेकाकरण पर रोक लगे।
  • संगठित और असंगठित सभी मजदूरों के लिए न्यूनतम वेतन 26,000 रुपए प्रति माह और पेंशन की सुविधा लागू हो।
  • किसानों और खेत मजदूरों के लिए सर्वसमावेशी ऋण माफी और कम ब्याज दरों पर ऋण की व्यवस्था।
  • सार्वजनिक सेवाओं और उपक्रमों के निजीकरण पर रोक लगे. साथ ही कृषि पंपों के लिए मुफ्त बिजली की व्यवस्था हो।
  • कृषि के निगमीकरण को रोकने के लिए बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ समझौते समाप्त किए जाएं।
  • भूमि अधिग्रहण पर रोक और रोजगार की गारंटी के लिए कानून बनाए जाएं।
  • महंगाई पर नियंत्रण, सार्वजनिक वितरण प्रणाली का सुधार और गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य और शिक्षा सुनिश्चित हो।
  • समाज में सांप्रदायिकता और जातिवाद को समाप्त करने के लिए सख्त कानून बनाए जाएं।
  • महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा को समाप्त करने के लिए फास्ट ट्रैक न्यायिक प्रणाली बनाई जाए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here