- पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी के विवादित बयान पर महिला आयोग ने एक दिन में जवाब मांगा।
- बीजेपी और आप ने बयान को महिलाओं और समुदायों का अपमान बताते हुए कार्रवाई की मांग की।
- महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
उन्होंने कहाकि अब गिद्दड़बाहा में अमृता के हक में प्रचार करने गए चन्नी ने महिलाओं को लेकर पडिंत समाज और जाट समुदाय को लेकर गलत टिप्पणी करते हुए उदाहरण दी है। उन्होंने कहा कि ऐसी सोच रखने वाले चन्नी किस तरीके से सीएम के पद पर रह चुके है। उन्होंने कहा कि जो शब्दावली का इस्तेमाल किया है, वह काफी निंदनीय है। महिला आयोग ने कहा कि अमृता वडिंग ने वोटों के कारण चन्नी द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी को सहन कर लिया। उन्होंने कहा कि महिला होने के नाते अमृता अगर चन्नी को रोकती तो सभी उनके तारीफ करते। महिला आयोग ने कहा कि पंजाब की प्रत्येक महिला को अमृता वडिंग की चुप्पी के खिलाफ और चन्नी द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि एनसीडब्लयू को भी चन्नी के खिलाफ एक्शन लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वह ऐसे शब्दों से क्या पंजाब की अमन शांति को भंग करना चाहते है। महिला आयोग ने कहा कि अगर महिलाएं चन्नी के खिलाफ सड़कों पर उतरती है तो वह उसके जिम्मेदार चन्नी साहिब और अमृता वडिंग होगी। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर शॉ कॉज नोटिस जारी किया जा रहा है और एक दिन के भीतर वह अपना जवाब दें। महिला आयोग ने कहा कि अगर सासंद चन्नी एक दिन के भीतर जवाब नहीं देते तो उनके खिलाफ सख्त एक्शन लेते हुए डीजीपी को चिट्ठी लिखी जाएंगी। ऐसे में जो भी कानूनी धाराएं बनती है सासंद चन्नी पर लगाई जाएगी।
दरअसल, गिद्दड़बाहा से आप उम्मीदवार हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों ने कहा कि चरणजीत ने महिलाओं पर तंज कसा है और महिला आयोग को इस पर एक्शन लेना चाहिए। आप उम्मीदवार हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों ने कहा है कि चरणजीत चन्नी एक महिला उम्मीदवार के सामने ऐसे गलत शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह पंजाब के सीएम रह चुके हैं और उन्होंने महिला को लेकर चुनावी रैली में गलत बयान दिया था। उन्होंने कहा कि चन्नी के खिलाफ महिला आयोग द्वारा कार्रवाई की जानी चाहिए।
वहीं भाजपा के आशुतोष तिवारी ने भी चरणजीत चन्नी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सिर्फ चन्नी की नहीं बल्कि पूरी कांग्रेस की मानसिकता है। उन्होंने पंजाब की महिलाओं, ब्राह्मणों और जाटों का अपमान किया है। भाजपा नेता ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह बयान उनके दिमाग में सांप्रदायिकता और जातिवाद के मूल्य को दर्शाता है।