Home Chandigarh किसानों को लेकर Supreme Court का आया बड़ा बयान, डल्लेवाल की हालत नाजुक, Punjab सरकार से मांगा जवाब

किसानों को लेकर Supreme Court का आया बड़ा बयान, डल्लेवाल की हालत नाजुक, Punjab सरकार से मांगा जवाब

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किसानों को लेकर Supreme Court का आया बड़ा बयान, डल्लेवाल की हालत नाजुक, Punjab सरकार से मांगा जवाब

नई दिल्लीः किसान नेता जगजीत डल्लेवाल को आमरण अनशन पर बैठे आज 23वां दिन शुरू हो गया। डॉक्टरों के मुताबिक किसान नेता डल्लेवाल की हालत काफी नाजुक है, उन्हें साइलेंट अटैक आने का खतरा बढ़ गया है। वहीं किसान आंदोलन पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जहां सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसानों के लिए हमारे दरवाजे हमेशा खुले हैं। वे सीधे अपने सुझाव या मांगें लेकर हमारे पास आ सकते हैं या अपना प्रतिनिधि भेज सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की तबीयत पर भी पंजाब सरकार से जवाब मांगा।

पंजाब के अटॉर्नी जनरल गुरमिंदर सिंह ने कहा, “डल्लेवाल के साथ बातचीत हुई है। उन्होंने अपने मेडिकल टेस्ट करवाने से इनकार कर दिया है। उनके सभी जरूरी अंग सही तरह से काम कर रहे हैं।” सुप्रीम कोर्ट ने ऑर्डर में कहा, “राज्य सरकार को अच्छा नहीं होगा अगर डल्लेवाल को कुछ होता है और आरोप लगते हैं। उन्हें सभी मेडिकल सुविधाएं मिलती रहें, राज्य सरकार यह सुनिश्चित करे।”

पंजाब सरकार ने कहा कि डल्लेवाल को भर्ती करवाने को लेकर जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “उनसे भावनाएं जुड़ी हुई हैं। राज्य को कुछ करना चाहिए। ढिलाई नहीं बरती जा सकती है। आपको हालात संभालने होंगे।” सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “डल्लेवाल पब्लिक पर्सनैलिटी हैं। उनके साथ किसानों के हित जुड़े हुए हैं। वो कहते हैं कि 700 किसानों की जिंदगी उनके जीवन से ज्यादा महत्वपूर्ण है। इसलिए वो मेडिकल सहायता के लिए मना कर रहे हैं। सरकार के साथ उनके सैद्धांतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन प्रदर्शन के लिए डल्लेवाल का स्वस्थ रहना जरूरी है।”

“हम एक कमेटी का गठन कर रहे हैं, यह प्रक्रिया है। आप किसानों को भरोसा दे सकते हैं। उनकी जो भी उचित मांगें हैं, उन्हें लेकर हम संबंधित पक्षों से बातचीत करेंगे।” जब पंजाब सरकार ने कहा कि हमने बातचीत की कोशिश की थी, लेकिन किसानों ने बातचीत से मना कर दिया। इस पर अदालत ने कहा, “सरकार कह रही है कि किसानों को सीधे कोर्ट में अपनी बात रखने की इजाजत दी जाए। हमारे दरवाजे हमेशा खुले हुए हैं। वे यहां सीधे आकर सुझाव या मांगें पेश कर सकते हैं या फिर अपना प्रतिनिधि भेज सकते हैं।”

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