Tuesday, 2 Jun 2026
  • My Feed
  • My Interests
  • My Saves
  • History
Subscribe
Laptop World daily samvad logo
  • होम
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • देश
  • राजनीति
  • पंजाब
    • जालंधर
  • हरियाणा
  • हिमाचल प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • उत्तर प्रदेश
  • एजुकेशन
  • जम्मू-कश्मीर
Reading: Punjab: चंडीगढ़, पंजाब यूनिवर्सिटी, नदियों के पानी पर सिर्फ पंजाब का हक
Share
  • 🔥
  • पंजाब
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • देश
  • एजुकेशन
  • हरियाणा
  • जालंधर
  • उत्तर प्रदेश
  • राजनीति
  • हिमाचल प्रदेश
  • उत्तराखंड
Font ResizerAa
Laptop WorldLaptop World
  • My Saves
  • My Interests
  • My Feed
  • History
Search
  • होम
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • देश
  • राजनीति
  • पंजाब
    • जालंधर
  • हरियाणा
  • हिमाचल प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • उत्तर प्रदेश
  • एजुकेशन
  • जम्मू-कश्मीर
Have an existing account? Sign In
Follow US
पंजाब

Punjab: चंडीगढ़, पंजाब यूनिवर्सिटी, नदियों के पानी पर सिर्फ पंजाब का हक

Mahabir
Last updated: November 17, 2025 12:00 am
Mahabir
Share
SHARE

डेली संवाद, फरीदाबाद (हरियाणा)। Punjab: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज उत्तरी जोनल काउंसिल की 32वीं बैठक में चंडीगढ़, पंजाब यूनिवर्सिटी और नदियों के पानी पर जोरदार ढंग से दावा पेश किया तथा देश में वास्तविक अर्थों में संघीय ढांचे की वकालत की।

Contents
  • अधिकारों के केंद्रीकरण का रुझान हावी रहा
  • हर पंजाबी का दिल आहत हुआ
  • स्थापित परंपरा नहीं तोड़नी चाहिए
  • प्रस्ताव पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया
  • पैनल प्रस्तुत कर दिया
  • पंजाब को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा
  • कोई वैज्ञानिक गणना नहीं
  • पानी की उपलब्धता में काफी गिरावट आई
  • ऐसे कदम से सहमत नहीं
  • यमुना के पानी पर पंजाब का हक भी वैध
  • भारत सरकार ने अभी तक मंजूरी नहीं दी
  • हरिके बैराज को 1950 में राजस्थान फीडर की
  • जमीन भी अधिग्रहित की जा चुकी
  • यूनिवर्सिटी को वित्तीय सहायता दी
  • सख्ती से जांच की जरूरत
  • 20,000 रुपए का बाढ़ मुआवजा बांटा
  • मुफ्त चिकित्सा बीमा कवर दिया जा रहा
  • स्कूल ऑफ एमिनेंस में अपग्रेड किया
  • गृह मंत्रालय का दिल से धन्यवाद किया
  • भयानक प्राकृतिक आपदा का सामना किया
  • स्थापना के उद्देश्य पर चर्चा
  • जोनल काउंसिल एक उपयोगी मंच

अधिकारों के केंद्रीकरण का रुझान हावी रहा

ये मुद्दे उठाते हुए मुख्यमंत्री (Bhagwant Mann) ने कहा कि हमारे संविधान ने स्पष्ट रूप से उन क्षेत्रों की सीमाएं निर्धारित की हैं, जिनमें केंद्र और राज्य अपने-अपने अधिकारों का प्रयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि संघवाद हमारे संविधान के मूल सिद्धांतों में से एक है, लेकिन दुर्भाग्यवश पिछले 75 वर्षों में अधिकारों के केंद्रीकरण का रुझान हावी रहा है।

चंडीगढ़ को पंजाब को सौंपने की जोरदार वकालत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 1970 में हुए इंदिरा गांधी समझौते में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि “चंडीगढ़ का राजधानी प्रोजेक्ट क्षेत्र पूरी तरह पंजाब को जाएगा।” यह केंद्र सरकार की स्पष्ट प्रतिबद्धता थी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि 24 जुलाई 1985 को तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी और संत हरचंद सिंह लोंगोवाल के बीच हुए राजीव-लोंगोवाल समझौते में इसकी स्पष्ट पुष्टि की गई थी कि चंडीगढ़ पंजाब को सौंप दिया जाएगा।

हर पंजाबी का दिल आहत हुआ

भगवंत सिंह मान ने दुख के साथ कहा कि वादे पर वादे करने के बावजूद चंडीगढ़ पंजाब के हवाले नहीं किया गया, जिससे हर पंजाबी का दिल आहत हुआ है। केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के कामकाज में पंजाब और हरियाणा के सेवा कर्मचारियों की भर्ती में 60:40 अनुपात बनाए रखने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समय की बड़ी जरूरत है।

उत्तर क्षेत्रीय परिषद की 32वीं बैठक
उत्तर क्षेत्रीय परिषद की 32वीं बैठक

उन्होंने कहा कि यह बहुत दुख की बात है कि आई.ए.एस. और पी.सी.एस. अधिकारियों को प्रशासन में मुख्य पदों से बाहर रखा जा रहा है। आबकारी, शिक्षा, वित्त और स्वास्थ्य जैसे विभागों में ये पद स्टेट यूटी कैडर (डैनिक्स) जैसे कैडरों के लिए खोल दिए जा रहे हैं, जिससे यूटी प्रशासन के प्रभावी कामकाज में पंजाब राज्य की भूमिका पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।

स्थापित परंपरा नहीं तोड़नी चाहिए

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब कैडर के अधिकारियों को जनरल मैनेजर एफ.सी.आई. (पंजाब) के पद पर तैनात करने का एक और मुद्दा उठाते हुए, केंद्र के अनाज पूल में पंजाब के सबसे अधिक योगदान को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार को पंजाब कैडर के आई.ए.एस. अधिकारी को एफ.सी.आई. के क्षेत्रीय कार्यालय में तैनात करने की स्थापित परंपरा नहीं तोड़नी चाहिए।

यह भी पढ़ें: जालंधर के अरमान अस्पताल में इलाज के दौरान मृत हुई टीचर के परिजनों को इंसाफ की दरकार

पानी संबंधी मुद्दे का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंधु जल संधि रद्द होने के परिप्रेक्ष्य में संबंधित राज्यों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी को देखते हुए यह पानी संबंधी मुद्दों के समाधान के लिए एक शानदार अवसर है। उन्होंने कहा कि चेनाब नदी को रावी और ब्यास नदियों से जोड़ने की संभावना है, जिसके लिए हमारे पास पहले से ही पानी के प्रवाह को नियंत्रित करने वाले बांध मौजूद हैं।

प्रस्ताव पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया

भगवंत सिंह मान ने कहा कि चेनाब को रावी और ब्यास से जोड़ने पर अतिरिक्त पानी के प्रवाह को निचले राज्यों द्वारा बिजली उत्पादन और सिंचाई दोनों उद्देश्यों के लिए लाभकारी ढंग से इस्तेमाल किया जा सकता है।

CM Bhagwant Mann
CM Bhagwant Mann

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान से BBMB में सदस्य नियुक्ति के बारे में पंजाब का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि BBMB में राजस्थान से स्थायी सदस्य नियुक्ति के प्रस्ताव पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि BBMB पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के तहत गठित संस्था है, जो केवल उत्तराधिकारी राज्यों पंजाब और हरियाणा से संबंधित है।

पैनल प्रस्तुत कर दिया

भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने पहले ही सदस्यों की नियुक्ति के लिए एक पैनल प्रस्तुत कर दिया है और भारत सरकार को पंजाब और हरियाणा से एक-एक सदस्य की मूल व्यवस्था को जारी रखना चाहिए। मुख्यमंत्री ने पंजाब के भाखड़ा और पौंग बांधों के पूर्ण जल भंडारण स्तर (एफआरएल) को बढ़ाने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया।

उन्होंने कहा कि 1988 के भयानक बाढ़ के बाद पंजाब में जान-माल की रक्षा के हित में एफआरएल को कम कर दिया गया था, क्योंकि ये बाढ़ का पानी केवल पंजाब को ही प्रभावित करता है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि 2019, 2023 और 2025 के भयानक बाढ़ों ने हमारे इस चिंता की पुष्टि की है कि मौजूदा एफआरएल को ही बनाए रखना सही है।

पंजाब को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल पंजाब को लगभग 13,500 करोड़ रुपए का भारी नुकसान हुआ था जबकि राजस्थान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। उन्होंने कहा कि राजस्थान ने खुद कहा है कि वह बाढ़ के दौरान कोई अतिरिक्त पानी नहीं ले सकता। बढ़ते सिल्ट और संरचनात्मक तनाव के संकेतों को देखते हुए एफआरएल बढ़ाने से आपातकालीन पानी निकासी के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिससे पंजाब में नीचे बसी आबादी को खतरा पैदा होगा।

इसलिए सही समाधान निकासी है, एफआरएल स्तर बढ़ाना नहीं, और पंजाब अनुरोध करता है कि बी.बी.एम.बी. को मौजूदा स्तर बनाए रखने के निर्देश दिए जाएं। पिछले कई वर्षों से बाढ़ों के कारण पंजाब को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह जरूरी है कि सहभागी राज्य भी उसी अनुपात में नुकसान साझा करें, जिस अनुपात में वे सूखे मौसम में पानी साझा करते हैं।

कोई वैज्ञानिक गणना नहीं

यह दोहराते हुए कि प्रदेश के पास एसवाईएल के माध्यम से देने के लिए कोई अतिरिक्त पानी नहीं है, मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी की उपलब्धता के बारे में कोई वैज्ञानिक गणना नहीं है और न ही यह 1976, 1981 में थी जब भारत सरकार ने एकतरफा तरीके से राज्यों में बांटे जाने वाले पानी के अनुपात का फैसला किया था।

उन्होंने कहा कि पंजाब 1981 से ही 17.17 एमएएफ पानी की उपलब्धता पर विवाद कर रहा है, खासकर जब सभी अंतरराष्ट्रीय जल समझौतों में उल्लेख है कि पानी की उपलब्धता का हर 25 साल बाद पुनर्मूल्यांकन करना आवश्यक है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि 1981 में पानी की उपलब्धता को 1921-1960 की प्रवाह श्रृंखला के आधार पर लिया गया था यानी पहले से ही 20 साल से अधिक पुराना डेटा था।

पानी की उपलब्धता में काफी गिरावट आई

मुख्यमंत्री ने कहा कि रावी-ब्यास के पानी की उपलब्धता में काफी गिरावट आई है, पंजाब के 75% ब्लॉकों में भूजल स्तर खतरे के निशान से काफी नीचे चला गया है और यह मामला रावी-ब्यास ट्रिब्यूनल के समक्ष विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि इसलिए एसवाईएल पर सभी कार्यवाहियां तब तक स्थगित रखी जानी चाहिए जब तक ट्रिब्यूनल अपना अंतिम फैसला नहीं सुना देता।

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब पहले ही बता चुका है कि इस संबंध में भविष्य में विचार-विमर्श केवल नए, वैज्ञानिक तरीके से पानी की उपलब्धता के पुनर्मूल्यांकन के बाद और पंजाब की आवश्यक जरूरतों को पूरी तरह ध्यान में रखने के बाद ही संभव हो सकता है। सिंधु जल संधि की समाप्ति के संदर्भ में भगवंत सिंह मान ने कहा कि अब समय आ गया है कि भारत सरकार सभी पश्चिमी नदियों के पानी को भारत की ओर मोड़ने की संभावना तलाशे।

ऐसे कदम से सहमत नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक यह अध्ययन नहीं किया जाता, रावी-ब्यास के पानी की बंटवारे संबंधी कोई भी फैसला स्थगित रखा जाना चाहिए क्योंकि पंजाब किसी भी ऐसे कदम से सहमत नहीं हो सकता जो उसकी कृषि, भूजल सुरक्षा और दीर्घकालिक स्थिरता को खतरे में डाले।

भगवंत सिंह मान ने रोपड़, हरिके और फिरोजपुर हेडवर्क्स का नियंत्रण बीबीएमबी को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि ये हेडवर्क्स पूरी तरह पंजाब के अंदर स्थित हैं और हमेशा राज्य द्वारा ही संचालित एवं रखरखाव किए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत में कहीं भी किसी राज्य के हेडवर्क्स किसी बाहरी एजेंसी द्वारा नहीं चलाए जाते और हरियाणा भी यमुना पर हथनीकुंड को खुद संभालता है।

यमुना के पानी पर पंजाब का हक भी वैध

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को हमेशा बीबीएमबी और उसके नौकरशाहों की रहमत पर छोड़ा गया है और कहा कि यदि हेडवर्क्स का नियंत्रण भी पंजाब से छीन लिया गया तो पंजाब को बाढ़ नियंत्रण में भारी मुश्किलें आएंगी। यमुना के पानी की बंटवारे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि हरियाणा रावी-ब्यास के पानी का उत्तराधिकारी है तो यमुना के पानी पर पंजाब का हक भी वैध है।

yamuna river
yamuna river

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब तो रावी-ब्यास का पानी हरियाणा के साथ साझा करता है, लेकिन पंजाब को यमुना के पानी से 1994 के समझौते में बिना किसी वैध कारण के बाहर रखा गया था। भगवंत सिंह मान ने कहा कि अविभाजित पंजाब और उत्तर प्रदेश के बीच 1954 के समझौते ने पंजाब को यमुना के पानी का दो-तिहाई हिस्सा देने का हकदार बनाया था और 1972 के सिंचाई आयोग ने पंजाब को यमुना बेसिन का हिस्सा माना था।

भारत सरकार ने अभी तक मंजूरी नहीं दी

मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना के जरिए बंगाल की खाड़ी में जाने वाले किसी भी बाढ़ के पानी को रोकने के लिए केंद्र और संबंधित राज्यों को गंभीर प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में समझौते की 2025 के बाद समीक्षा निर्धारित है, जिसके लिए वे मांग करते हैं कि निष्पक्षता और समानता सुनिश्चित करने के लिए पंजाब के दावे पर विचार किया जाए।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब पहले ही केंद्र सरकार से यमुना और शारदा-यमुना लिंक परियोजनाओं में राज्य को लाभार्थी बनाने की गुजारिश कर चुका है, लेकिन हमारी गुजारिश पर अब तक विचार नहीं किया गया। बीएसएफ और सेना की सीमा चौकियों (बीओपी) पर बाढ़ सुरक्षा कार्यों को मजबूत करने के लिए वित्तीय सहायता देने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रस्ताव को भारत सरकार ने अभी तक मंजूरी नहीं दी है। उन्होंने भारत सरकार से बिना किसी शर्त के पूरे फंड जारी करने की अपील की क्योंकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में है।

हरिके बैराज को 1950 में राजस्थान फीडर की

भगवंत सिंह मान ने कहा कि हरिके बैराज को 1950 में राजस्थान फीडर की ओर पानी मोड़ने के उद्देश्य से बनाया गया था ताकि राजस्थान के क्षेत्रों में पानी की मांग पूरी की जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें गार न निकालने के कारण कपूरथला और जालंधर जिलों तक ऊपरी इलाकों में बाढ़ आती है।

उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह इस कार्य के लिए राज्य सरकार को वित्तीय सहायता देने के साथ-साथ पर्यावरण संबंधी मंजूरियों में सहयोग करे। घग्गर नदी से हुई तबाही पर भगवंत सिंह मान ने जिला संगरूर में मकरौड़ साहिब से कड़ैल तक लगभग 17 किलोमीटर के हिस्से का मुद्दा उठाया, जहां नदी की चौड़ाई पानी ले जाने के लिए बहुत कम है।

जमीन भी अधिग्रहित की जा चुकी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लंबे समय से इस मुद्दे को उठा रही है और इसके लिए निकटवर्ती क्षेत्रों में जमीन भी अधिग्रहित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि हालांकि हरियाणा के उठाए गए ऐतराजों के कारण क्रॉस सेक्शन को अभी तक चौड़ा नहीं किया जा सका। भगवंत सिंह मान ने भारत सरकार से अपील की कि वह हरियाणा को इस अनुरोध से सहमत होने के लिए मनाए।

पंजाब यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यूनिवर्सिटी का पंजाब के लोगों से गहरा नाता है और पिछले 50 सालों से सिर्फ पंजाब ही इस यूनिवर्सिटी का समर्थन और प्रबंधन कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब इस मोड़ पर हमें समझ नहीं आ रहा कि हरियाणा अपने कॉलेजों को पंजाब यूनिवर्सिटी से क्यों जोड़ना चाहता है, जबकि वे पिछले 50 सालों से कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से संबद्ध हैं, जो एक ए+ एनएएसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछले 50 सालों तक पंजाब यूनिवर्सिटी को नजरअंदाज करने के बाद अब हरियाणा को यह मान्यता हासिल करने का ख्याल कैसे आ गया।

यूनिवर्सिटी को वित्तीय सहायता दी

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां तक पंजाब यूनिवर्सिटी की फंडिंग का सवाल है, पंजाब ने हमेशा इस यूनिवर्सिटी को वित्तीय सहायता दी है और भविष्य में भी आपसी सहमति की प्रक्रिया के अनुसार ऐसा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी के शासन को पुनर्गठित करने की केंद्र की हालिया कोशिशों को पंजाब के अधिकारों, राज्य की पहचान और स्वायत्तता में हस्तक्षेप माना जा रहा है।

भगवंत सिंह मान ने चेतावनी दी कि पंजाब यूनिवर्सिटी सिर्फ एक शैक्षणिक संस्था नहीं, बल्कि पंजाबी पहचान का अभिन्न अंग है। उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की बहाली की अपील की, जिसमें मूल 91 सदस्यीय सीनेट के लिए चुनावों की घोषणा भी शामिल है।

सख्ती से जांच की जरूरत

देश के अंदर से हथियारों की तस्करी के एक और महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्य में कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के अंदर से (खासकर मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से) तस्करी किए गए हथियारों की संख्या सीमा पार से तस्करी किए गए हथियारों से कहीं अधिक है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के बड़े हित में इसकी सख्ती से जांच की जरूरत है।

राज्य के जायज सरोकारों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने दोहराया कि संघीय ढांचे की सफलता उसके राज्यों की समान खुशहाली में है, जो सिर्फ हिस्सेदार नहीं, बल्कि प्रगति में साझेदार हैं। उन्होंने कहा कि पानी, जीवन का अमृत, दशकों से कृषि-प्रधान राज्य के रूप में पंजाब में विकास का चालक रहा है और अभी भी है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि हमारे पानी की रक्षा पंजाब के लोगों की सुरक्षा के बराबर है, जो देश की प्रगति में योगदान दे रहे हैं और सबसे महत्वपूर्ण, हमारी कमजोर सीमाओं की रक्षा में भी योगदान दे रहे हैं।

20,000 रुपए का बाढ़ मुआवजा बांटा

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने पिछले तीन साल से अधिक समय में अपने लोगों की भलाई के लिए अभूतपूर्व पहल की हैं और पंजाब भारत का पहला राज्य बन गया है जिसने हर परिवार को मुफ्त बिजली, मुफ्त स्वास्थ्य देखभाल, मुफ्त शिक्षा और महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की गारंटी दी है।

उन्होंने कहा कि 45 दिन की समय सीमा घोषित करने के बावजूद राज्य सरकार ने विशेष गिरदावरी के बाद 30 दिन के अंदर किसानों को प्रति एकड़ 20,000 रुपए का बाढ़ मुआवजा बांटा है, जो देश में सबसे अधिक है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि हालांकि प्राकृतिक आपदा ने पंजाब के कई जिलों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया था, लेकिन हमारे गुरु साहिबान की कृपा से राज्य इस आपदा पर काबू पाने में सफल रहा है।

मुफ्त चिकित्सा बीमा कवर दिया जा रहा

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब पंजाब में मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की जा रही है, जिसके तहत हर परिवार को 10 लाख रुपए तक का मुफ्त चिकित्सा बीमा कवर दिया जा रहा है। इससे राज्य के लगभग तीन करोड़ निवासियों को लाभ होगा।

उन्होंने कहा कि राज्य में 881 आम आदमी क्लीनिक कार्यरत हैं ताकि लोगों को मुफ्त गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके। उन्होंने कहा कि जल्द ही 200 और आम आदमी क्लीनिक खोले जाएंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि स्वस्थ पंजाब पहल के तहत मुख्यमंत्री योगशाला अभियान शुरू किया गया है।

स्कूल ऑफ एमिनेंस में अपग्रेड किया

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सरकारी स्कूलों को स्कूल ऑफ एमिनेंस में अपग्रेड किया जा रहा है और राज्य सरकार के ठोस प्रयासों से पंजाब ने भारत सरकार द्वारा करवाए गए राष्ट्रीय मूल्यांकन सर्वेक्षण में पहली बार केरल को पीछे छोड़कर देश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों से 848 छात्रों ने नीट, 265 ने जेईई मेन्स और 45 ने जेईई एडवांस्ड पास किया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रिंसिपलों और शिक्षकों को पेशेवर प्रशिक्षण के लिए सिंगापुर, फिनलैंड और अहमदाबाद भेजा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली कटौती खत्म करने के लिए रोशन पंजाब प्रोजेक्ट शुरू किया गया है, जिसमें बुनियादी ढांचे में 5,000 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है। उन्होंने कहा कि जुलाई 2022 से अब तक 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिली है, जिससे बिल जीरो हुए हैं और प्रति परिवार लगभग 35,000 रुपए की सालाना बचत हुई है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ने जीवीके पावर से गोइंदवाल पावर प्लांट हासिल कर इसका नाम श्री गुरु अमर दास जी के नाम पर रखकर इतिहास रचा है।

गृह मंत्रालय का दिल से धन्यवाद किया

मुख्यमंत्री ने पंजाब और पड़ोसी राज्यों से संबंधित मुद्दों को अंतर-राज्यीय सलाह-मशविरे से हल करने के लिए यह बैठक बुलाने पर गृह मंत्रालय का दिल से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि हमारे लिए बहुत गर्व और संतोष की बात है कि राज्य सरकार नौवें सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष को मनाने के लिए कई आयोजन करवा रही है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही पूरे राज्य में इस आयोजन को उचित ढंग से मनाने के लिए कई कार्यक्रम निर्धारित किए हैं।

Amit Shah On Pahalgam Attack
Amit Shah

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये आयोजन पूरे राज्य में श्रद्धा और सम्मान के साथ करवाए जा रहे हैं और यह ऐतिहासिक आयोजन मुख्य रूप से राज्य सरकार के संरक्षण में श्री आनंदपुर साहिब की पवित्र धरती पर होगा। उन्होंने कहा कि आयोजनों की श्रृंखला का मूल संदेश लोगों को धर्मनिरपेक्षता, मानवतावाद और बलिदान की भावना के उच्च आदर्शों का पालन करने के लिए प्रेरित करना है, जैसा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी ने धर्मनिरपेक्ष मूल्यों और मानव अधिकारों की रक्षा के लिए अपना जीवन कुर्बान कर दिया था। भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी की सर्वोच्च कुर्बानी मानवता के इतिहास में अनुपम और बेमिसाल है तथा अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध धर्मयुद्ध का प्रतीक है।

भयानक प्राकृतिक आपदा का सामना किया

मुख्यमंत्री ने अफसोस जताया कि कुछ महीने पहले राज्य ने बाढ़ों के रूप में सबसे भयानक प्राकृतिक आपदा का सामना किया था। उन्होंने कहा कि बाढ़ों से 2,300 से अधिक गांव डूब गए, 20 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए और पांच लाख एकड़ में फसलें तबाह हो गईं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि लगभग 60 जानें गईं, सात लाख लोग बेघर हुए और 3,200 सरकारी स्कूल क्षतिग्रस्त हुए, 19 कॉलेज मलबे में बदल गए, 1,400 क्लीनिक व अस्पताल बर्बाद हो गए, 8,500 किलोमीटर सड़कें तबाह हो गईं और 2,500 पुल ढह गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुमान के अनुसार कुल नुकसान लगभग 13,800 करोड़ रुपए है, लेकिन चढ़दी कला के अपने अजेय जज्बे से पंजाबियों ने राज्य में पुनर्निर्माण का काम शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए बहुत गर्व की बात है कि बाढ़ के कहर के बावजूद पंजाब राष्ट्रीय पूल में 150 लाख मीट्रिक टन से अधिक चावल का योगदान दे रहा है।

स्थापना के उद्देश्य पर चर्चा

भगवंत सिंह मान ने कहा कि देश का अन्नदाता होने के साथ-साथ पंजाब को देश की तलवार भुजा होने का भी गर्व प्राप्त है और इसके लोग अपनी हिम्मत और उद्यमशीलता के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। राज पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के प्रावधानों के तहत जोनल काउंसिलों की स्थापना के उद्देश्य पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारे आर्थिक विकास के लिए अंतरराज्यीय सहयोग के स्तर को ऊंचा करने के लिए शानदार मंच है।

CM Bhagwant Singh Mann
CM Bhagwant Singh Mann

उन्होंने कहा कि यह राज्यों के हित में है कि वे एक साथ बैठें और भौगोलिक रूप से पिछड़े इस क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक विकास की सर्वोत्तम संभावनाओं की खोज करें, जो शत्रु सीमाओं से घिरा हुआ है। देश में वास्तविक संघीय ढांचे की मांग करते हुए राज्यों को अधिक वित्तीय और राजनीतिक शक्ति देने की वकालत करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह जरूरत पूरे राजनीतिक परिदृश्य में महसूस की गई है।

जोनल काउंसिल एक उपयोगी मंच

मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी स्तर से ऊपर उठकर इस बात पर व्यापक सहमति है कि राज्य सरकारों को अपनी विकास प्राथमिकताएं चुनने और वित्त में बहुत अधिक स्वतंत्रता देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उत्तरी राज्यों में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध साझा हैं और पंजाब सरकार इन सभी राज्यों के साथ आपसी सहयोग और अच्छे संबंधों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि उत्तरी जोनल काउंसिल एक उपयोगी मंच है, जो केंद्र और राज्यों के बीच खुली चर्चा और सलाह-मशविरे के माध्यम से लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों के आपसी समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram
Previous Article Jalandhar: जालंधर नगर निगम हाउस की बैठक कल, शहर की कई सड़कें कामर्शियल घोषित होंगी, पढ़ें पूरा एजैंडा
Next Article Punjab: सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस को रिपोर्ट तलब, जाने मामला
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your Trusted Source for Accurate and Timely Updates!

Our commitment to accuracy, impartiality, and delivering breaking news as it happens has earned us the trust of a vast audience. Stay ahead with real-time updates on the latest events, trends.
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
LinkedInFollow
MediumFollow
QuoraFollow
- Advertisement -
Ad image

You Might Also Like

पंजाब

Punjab News: पंजाब में दिनदहाड़े सरकारी टीचर की हत्या, तेजधार हथियारों से काटा गला, फैली दहशत

By Mahabir
पंजाब

Punjab News: सीएम मान के नेतृत्व में मंत्रिमंडल ने चुनाव विभाग के सेवा नियमों में संशोधन को दी हरी झंडी

By Mahabir
पंजाब

Punjab News:

By Mahabir

Punjab News: मान सरकार का बड़ा फैसला, पूर्व सैनिकों को मिलेंगे बेहतर रोजगार अवसर

By Mahabir
Laptop World daily samvad logo
Facebook Twitter Youtube Rss Medium

डेली संवाद (Daily Samvad) एक विश्वसनीय हिंदी समाचार पोर्टल है, जो पंजाब, देश-विदेश, राजनीति, सरकारी योजनाओं, शिक्षा, रोजगार और जनहित से जुड़ी खबरें पाठकों तक पहुंचाता है। हमारा उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और त्वरित समाचार प्रदान करना है।

Top Categories
  • About Us
  • Advertising and Sponsored Content Policy
  • Contact Us
  • Cookie Policy
  • Copyright Policy
  • Corrections Policy
  • Disclaimer
  • DMCA and Copyright Infringement Policy
  • Editorial Policy
  • Fact-Checking Policy
  • Grievance Redressal Policy
  • Home
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
Usefull Links
  • Contact Us
  • Advertise with US
  • Complaint
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Submit a Tip

© Daily Samvad. All Rights Reserved. Developed by iTree Network Solutions.