ऊना/ सुशील पंडित: अटल बिहारी वाजपेई महाविद्यालय, बंगाणा के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा “पंचायती राज अधिनियम” और “अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति अधिनियम” पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार का उद्देश्य विद्यार्थियों को इन महत्वपूर्ण विधायिकाओं के प्रभाव और उनके समाज पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष, प्रोफ़ेसर सिकंदर नेगी ने की। मंच का संचालन सह सचिव तनु ठाकुर ने किया। सेमिनार में सेकंड ईयर की छात्रा शिवानी शर्मा और नैन्सी ने पंचायती राज अधिनियम पर अपने विचार प्रकट किए, जबकि फाइनल ईयर की छात्रा तानिया ने अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति अधिनियम पर अपने विस्तृत विचार साझा किए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने इन दोनों अधिनियमों की सामाजिक, राजनीतिक और कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्णता पर चर्चा की। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने न केवल इन कानूनों की मूल बातें समझी, बल्कि यह भी जाना कि किस तरह ये कानून समाज के कमजोर वर्गों के लिए अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। कार्यक्रम के अंत में राजनीति विज्ञान के विभाग अध्यक्ष प्रोफ़ेसर सिकंदर नेगी ने विद्यार्थियों के विचारों की सराहना की और इस प्रकार के सेमिनारों के आयोजन को महत्त्वपूर्ण बताया, जो समाज में समन्वय और जागरूकता लाने में सहायक होते हैं। इस कार्यक्रम मे प्रोफेसर कृष्णा चंद , प्रोफेसर कमलेश, राजनीति विज्ञान के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनीता राणा, उपाध्यक्ष वासु शर्मा , महासचिव अंकिता मनकोटिया और सह सचिव तनु ठाकुर आदि मौजूद रहे।
अटल बिहारी वाजपेई महाविद्यालय, बंगाणा में समसामयिकी विषय पर आधारित सेमिनार आयोजित
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