डेली संवाद, अमृतसर। Encounter in Punjab: पंजाब में गैंगवार और संगठित अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक सुनियोजित ‘टारगेट किलिंग’ की साजिश को समय रहते नाकाम करते हुए जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े दो हथियारबंद शूटरों को गिरफ्तार कर लिया।
यह कार्रवाई उस समय की गई जब आरोपी कथित तौर पर विरोधी गैंग के सदस्यों की हत्या करने के लिए निकल चुके थे। मुठभेड़ के दौरान पुलिस (Police) की जवाबी फायरिंग में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद दोनों को काबू कर लिया गया।
मौके से दो खाली खोल बरामद किए
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुलबीर सिंह निवासी गांव धाड़े फतेह सिंह, थाना बुल्लोवाल, जिला होशियारपुर तथा जश्नदीप सिंह उर्फ माया निवासी पट्टी चंबल, थाना छेहरटा, अमृतसर के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक .30 बोर की मेड इन चाइना पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस और मौके से दो खाली खोल बरामद किए हैं। दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है और उन पर कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
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इस पूरे ऑपरेशन को डीसीपी डिटेक्टिव रविंदरपाल सिंह, एडीसीपी डिटेक्टिव जगबिंदर सिंह, एसीपी डिटेक्टिव हरमिंदर सिंह संधू तथा एंटी गैंगस्टर ऑपरेशन सेल के इंचार्ज इंस्पेक्टर रवि कुमार की टीम ने अंजाम दिया। पुलिस ने थाना इस्लामाबाद में हत्या के प्रयास, पुलिस पार्टी पर हमला और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत नया मामला दर्ज कर लिया है।

भागने की कोशिश की
अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि थाना इस्लामाबाद के अंतर्गत फताहपुर इलाके में पुलिस टीम नियमित गश्त और चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों ने मोटरसाइकिल मोड़कर भागने की कोशिश की। पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस कमिश्नर के अनुसार अचानक हुई गोलीबारी के बाद पुलिस टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस की एक गोली कुलबीर सिंह के पैर में लगी, जिससे वह मौके पर गिर पड़ा। उसका हथियार भी हाथ से छूट गया। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घायल आरोपी को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी विदेश में बैठे कुख्यात गैंगस्टर अंकुश बाहमन के सीधे संपर्क में थे। पुलिस के मुताबिक आरोपियों को विरोधी गुट के दो सदस्यों की हत्या करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वे इस ‘टारगेट किलिंग’ को अंजाम देने के लिए ही इलाके में घूम रहे थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता के चलते उनकी योजना विफल हो गई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से न केवल दो लोगों की जान बची है, बल्कि अमृतसर और आसपास के इलाकों में गैंगवार की बड़ी घटना भी टल गई। पुलिस अब आरोपियों के नेटवर्क, उनके विदेशी संपर्कों और अन्य सहयोगियों की पहचान करने में जुटी हुई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इनके निशाने पर कौन-कौन लोग थे।

भारी मात्रा में पिस्तौल के साथ पकड़ा
जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी नशा तस्करी, चोरी, लूट और अवैध हथियारों से जुड़े मामलों में पहले से शामिल रहे हैं। कुलबीर सिंह के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और चोरी के चार मामले दर्ज हैं, जबकि जश्नदीप सिंह उर्फ माया पर अवैध हथियार रखने के दो बड़े मामले दर्ज हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जश्नदीप पहले भी भारी मात्रा में पिस्तौल के साथ पकड़ा जा चुका है। पुलिस ने कहा कि पंजाब में गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।
