डेली संवाद, चंडीगढ़/जालंधर। Punjab ED Raid Royal Estate Zirakpur Praveen Rocky Kansal: पंजाब के जीरकपुर में रॉयल एस्टेट के दफ्तरों और ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) के छापेमारी के बाद मोहाली, चंडीगढ़, खरड़, पंचकूला, जालंधर और लुधियाना के कुछ बड़े कालोनाइजरों पर कभी भी शिकंजा कस सकता है। ये रिएल एस्टेट फ्राड से जुड़ा केस है। जिसके तार मोहाली, जालंधर और लुधियाना से जुड़ रहे हैं। इसमें कुछ बड़े कालोनाइजर और ब्यूरोक्रेट के नाम सामने आए हैं। फिलहाल ई़डी अभी तक आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कह रही है।
ईडी की यह कार्रवाई रॉयल एस्टेट के मालिक प्रवीण रॉकी कांसल और नीरज कांसल से जुड़े मामले में की जा रही है। कालोनाइजर प्रवीण कांसल किसी समय एक सीएम का बड़ा करीबी था। प्रवीण रॉकी कांसल और नीरज कांसल ने पंजाब के कुछ दूसरे प्रभावशाली नेताओं से हाथ मिलाया। सूत्र बताते हैं कि प्रवीण रॉकी कांसल और नीरज कांसल के रिएल एस्टेट कारोबार में पंजाब के कई बड़े अफसरों का करोड़ों रुपए लगा हुआ है।

कांसल को बड़े अफसरों की कृपा
सूत्र बताते हैं कि इडी वित्तीय रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और लेनदेन से संबंधित अहम फाइलों की जांच कर रही हैं। ईडी के अधिकारियों की कई टीमें एक साथ अलग-अलग ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक चंडीगढ़ के सेक्टर-20 स्थित प्रवीण कांसल के घर, मोहाली और अन्य जुड़े स्थानों पर भी कार्रवाई की गई है।
अभी तक जो मामला सामने आया है उसके मुताबिक रियल एस्टेट कारोबारी प्रवीण कांसल उर्फ रॉकी पर न्यू चंडीगढ़ में जमीन धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। इससे पहले पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने उनके खिलाफ कारोबारी साझेदार की शिकायत पर IPC की धारा 420 और 120-बी के तहत मामला दर्ज किया था।
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शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रवीण कांसल और उनके सहयोगियों ने कथित तौर पर फर्जी तरीके से कीमती जमीन के मालिकाना हक में बदलाव कर अपने पार्टनर के साथ धोखाधड़ी की। जांच के दौरान विजिलेंस को कई संदिग्ध दस्तावेज और लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड मिले थे। सूत्रों के मुताबिक इस मामले की पहली शिकायत वर्ष 2023 में दी गई थी, लेकिन उस समय कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में 2025 में मामला दोबारा खोला गया, जिसके बाद जून 2025 में केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई गई।
घरों और दफ्तरों की तलाशी
ईडी जांच में यह सामने आया है कि प्रोजेक्ट का पैसा कथित तौर पर दूसरी जुड़ी कंपनियों और करीबी लोगों के जरिये इधर-उधर किया गया। जांच एजेंसी को कई संदिग्ध लेनदेन और फंड ट्रांसफर के सबूत मिले है। ईडी छापेमारी के दौरान प्रवीण कंसल उर्फ रॉकी, नीरज कंसल, दलजीत सिंह, अनुराग मिधा, लियाकत अली, सुमित बंसल और अन्य जुड़े लोगों के घरों और दफ्तरों की तलाशी ली गई।

यह है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक मामला न्यू चंडीगढ़ में जमीन विवाद और धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ है। इससे पहले पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भी प्रवीण कांसल के खिलाफ मामला दर्ज किया था। यह केस उसके बिजनेस पार्टनर प्यारेलाल गर्ग की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि न्यू चंडीगढ़ में जमीन के मालिकाना हक को कथित तौर पर धोखाधड़ी से बदला गया और पार्टनर को नुकसान पहुंचाया गया।
विजिलेंस ने पिछले साल आईपीसी की धारा 420 और 120-बी के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी.। जांच में कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने की बात कही गई थी। प्रवीण कांसल को पंजाब के पूर्व मंत्री सिकंदर सिंह मलूका का करीबी माना जाता है। बताया जा रहा है कि उसके खिलाफ पहली शिकायत 2023 में की गई थी, लेकिन उस समय कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद में 2025 में मामला दोबारा खुला और जून 2025 में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। ईडी की यह कार्रवाई उसी मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं को लेकर मानी जा रही है। इसमें लुधियाना और जालंधर के कुछ बड़े कालोनाइजरों की भूमिका भी संदिग्ध है। जिसकी जांच ईडी के साथ विजीलैंस भी कर रही है।
