डेली संवाद, नई दिल्ली। PDS Scheme in India: देश के गरीब तबके तक समय पर और पूरी मात्रा में राशन पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में बड़ा बदलाव किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में नई ‘सार्थक-पीडीएस’ योजना को मंजूरी दी गई। इस योजना पर अगले पांच वर्षों में करीब 25,530 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
सरकार का दावा है कि इस नई व्यवस्था से राशन वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी, तेज और भरोसेमंद बनेगी। इससे देश के लगभग 81.35 करोड़ लाभार्थियों तक अनाज की सही मात्रा में और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। योजना का मुख्य उद्देश्य वितरण प्रणाली में होने वाली गड़बड़ियों, फर्जी राशन कार्डों और कालाबाजारी पर पूरी तरह रोक लगाना है।
राशन व्यवस्था को एकीकृत डिजिटल सिस्टम
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ‘सार्थक-पीडीएस’ के तहत पूरी राशन व्यवस्था को एकीकृत डिजिटल सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इसमें भारतीय खाद्य निगम (FCI) के गोदाम से लेकर अंतिम राशन दुकान और लाभार्थी तक हर चरण की रियल टाइम निगरानी की जाएगी। इससे यह पता लगाना आसान होगा कि किस राज्य में कितना अनाज पहुंचा, कहां उसका वितरण हुआ और कहां गड़बड़ी की संभावना है।
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वर्तमान में पीडीएस व्यवस्था दो अलग-अलग योजनाओं के तहत चल रही है, जिससे समन्वय और निगरानी में दिक्कतें आती हैं। अब इन दोनों को मिलाकर एक नई एकीकृत प्रणाली बनाई गई है, जिसे ‘सार्थक-पीडीएस’ नाम दिया गया है। यह व्यवस्था 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी।
अनाज की चोरी या फर्जीवाड़े की आशंका
नई प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग और ब्लॉकचेन जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके जरिए सिस्टम खुद यह पहचान सकेगा कि कहां वितरण में देरी हो रही है, कहां अनाज की चोरी या फर्जीवाड़े की आशंका है। इससे समय रहते कार्रवाई करना आसान होगा।
इसके अलावा रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम भी तैयार किया जाएगा और राज्यों में कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जहां पूरे पीडीएस नेटवर्क पर नजर रखी जाएगी। शिकायतों के निवारण के लिए भी एआई आधारित सिस्टम विकसित किया जाएगा।
राज्यों को भी राहत मिलने की उम्मीद
नई योजना से राशन डीलरों और राज्यों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। कई राज्यों में गोदामों से अंतिम वितरण केंद्र तक अनाज पहुंचाने में वित्तीय दिक्कतें आती थीं। अब केंद्र सरकार इस खर्च में सहयोग करेगी और राशन डीलरों का कमीशन भी बढ़ाया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह कदम न केवल वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाएगा, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक अनाज पहुंचाने के लक्ष्य को भी अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाएगा।
