नई दिल्ली: दक्षिणी अमेरिका के देश वेनेजुएला में अचानक से दहशत फैल गई है। वेनेजुएला में तेज धमाकों के बाद पूरे क्षेत्र में लोग सहम गए हैं। राजधानी कराकास के साथ-साथ कई इलाकों में विस्फोट की आवाज सुनाई दी है। इन धमाकों की पुष्टि अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स के द्वारा की गई है। सूत्रों की मानें तो धमाके सिर्फ कराकास तक ही नहीं रहे। मैक्वेटिया शहर के पास में स्थित ला गुआरा पोर्ट क्षेत्र में भी विस्फोट और आग लगने की खबरें सामने आ रही हैं।
रणनीतिक रुप से भी यह इलाका बहुत ही जरुरी माना जाता है क्योंकि यहां पर प्रमुख बंदरगाह और हवाई गतिविधियां संचालित होती हैं। धमाकों के तुंरत बाद हालात काफी गंभीर हो गए हैं। वेनेजुएला का एयरस्पेस लगभग पूरी तरह से खाली हो गया है। कई विमानों ने सुरक्षा कारणों के चलते अपनी रुट भी बदल दिया है। ऐसे में इसके कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी असर हुआ है।
धमाके के बाद अमेरिका ने सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सभी नागरिक विमानों के लिए वेनेजुएला के एयरस्पेस में प्रवेश पर रोक लगा दी है। अमेरिका की फेडरल एविएशन अथॉरिटी की ओर से जारी नोटिफिकेशन में सुरक्षा जोखिमों का हवाला भी दिया गया है हालांकि यह पाबंदी अमेरिका के सैन्य विमानों और हेलीकॉप्टरों पर लागू नहीं होगी। इस फैसले से यह साफ हो चुका है कि अमेरिका हालात को काफी संवेदनशील मान रहा है किसी भी संभावित खतरे से बचना चाहता है।
कोलंबिया के राष्ट्रपति ने दिया बयान
वेनेजुएला में इन धमाकों के बाद कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस समय कराकास में काफी बमबारी की जा रही है। ऐसे में पूरी दुनिया को अलर्ट रहना चाहिए। उनके अनुसार, वेनेजुएला पर हमला हुआ है और मिसाइलों के साथ बमबारी की जा रही है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है। उन्होंने कहा कि ऑर्गनाइजेशन ऑफ अमेरिकन स्टेट्स और संयुक्त राष्ट्र को जल्द एमरजेंसी बैठक बुलानी चाहिए। इससे हालात पर चर्चा करके जरुरी कदम उठाए जा पाएंगे।
अभी और बढ़ेगा तनाव
विश्लेषकों का मानना है कि यदि कराकास पर हमले की पुष्टि होगी तो इससे पूरे लैटिन अमेरिका के लिए गंभीर स्थिति पैदा हो जाएगी। वहीं वेनेजुएला पहले से ही राजनीतिक और आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। ऐशे में किसी भी बाहरी हमले की आशंका क्षेत्रीय अस्थिरता और भी बढ़ा देगी। फिलहाल वेनेजुएला की सरकार ने इस पर कोई आधिकारिक सैन्य या हमले संबंधी पुष्टि नहीं की है परंतु अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और पड़ोसी देशों की प्रतिक्रियाओं से हालात की गंभीरता पता लग सकती है।