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देश में पहली बार Hydrogen Gas से ट्रेन चलने के लिए तैयार, जानें इसकी खासियत

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देश में पहली बार Hydrogen Gas से ट्रेन चलने के लिए तैयार, जानें इसकी खासियत
नई दिल्ली। नए साल 2026 में हरियाणा का जींद जिला तकनीक के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करने जा रहा है। देश में पहली बार हाइड्रोजन गैस से चलने वाली ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच चलाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। यह ट्रेन न सिर्फ आधुनिक होगी बल्कि पर्यावरण के लिए भी पूरी तरह सुरक्षित होगी। इसी सप्ताह होगा जींद रेलवे स्टेशन पर अंतिम ट्रायल इस सप्ताह जींद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का लोड चेक और फाइनल ट्रायल किया जाएगा। यदि यह ट्रायल सफल रहता है तो प्रधानमंत्री कार्यालय से अंतिम अनुमति मिलते ही ट्रेन का नियमित संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद जींद देश का पहला हाइड्रोजन ट्रेन संचालन वाला शहर बन जाएगा। 9 किलो पानी से बनेगा हाइड्रोजन ईंधन रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस ट्रेन के लिए 9 किलोग्राम पानी से लगभग 900 ग्राम हाइड्रोजन ईंधन तैयार किया जाएगा। इस मात्रा से ट्रेन लगभग 1 किलोमीटर का सफर तय कर सकेगी। यह तकनीक पूरी तरह ग्रीन एनर्जी पर आधारित है, जिससे प्रदूषण नहीं होगा। 150 किलोमीटर प्रति घंटा होगी ट्रेन की रफ्तार हाइड्रोजन से चलने वाली यह ट्रेन अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगी। इसकी अधिकतम रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। यह ट्रेन तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का नया अनुभव देगी। स्पेन की कंपनी ने तैयार किया हाइड्रोजन प्लांट जींद रेलवे स्टेशन पर स्पेन की कंपनी द्वारा हाइड्रोजन गैस उत्पादन का आधुनिक प्लांट तैयार किया गया है। इस प्लांट को प्रधानमंत्री कार्यालय से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। चेन्नई से तैयार होकर पहुंची ट्रेन हाइड्रोजन ट्रेन को चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में तैयार किया गया है। 26 जनवरी से जींद–सोनीपत के बीच होगा ट्रायल रन 26 जनवरी से 2 ड्राइवर पावर कार और 8 यात्री कोचों के साथ जींद से सोनीपत के बीच 90 किलोमीटर का ट्रायल रन किया जाएगा। इस ट्रायल की रिपोर्ट रेलवे, आरडीएसओ, स्पेन की ग्रीन एच कंपनी, मिलकर तैयार करेंगी। हाइड्रोजन ट्रेन की मुख्य विशेषताएं
  • इस ट्रेन में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है
  • ट्रेन के आगे और पीछे ड्राइवर पावर कार
  • हर डीपीसी में 1200 हॉर्स पावर का मोटर इंजन
  • फ्यूल सेल से 3750 एम्पीयर डीसी करंट का उत्पादन
  • ट्रेन की एसी, लाइट और पंखे हाइड्रोजन ऊर्जा से चलेंगे
  • मेट्रो की तरह डिजिटल डिस्प्ले सिस्टम
  • दोनों तरफ स्वचालित दरवाजे
  • 3,000 किलोग्राम हाइड्रोजन स्टोरेज क्षमता
प्लांट के लिए बिजली और गैस स्टोरेज की पूरी व्यवस्था
  • 1.5 मेगावाट बिजली कनेक्शन
  • 3,000 किलोग्राम हाइड्रोजन गैस स्टोरेज
  • 7,680 किलोग्राम ऑक्सीजन स्टोरेज की व्यवस्था की गई है। इसके लिए दो बड़े स्टोरेज टैंक बनाए गए हैं।
ग्रीन टेक्नोलॉजी का मॉडल बनेगा जींद हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना से जींद न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश में ग्रीन टेक्नोलॉजी का मॉडल बनकर उभरेगा।इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा व्यवस्था, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। पर्यावरण और ऊर्जा बचत की दिशा में ऐतिहासिक कदम यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और आधुनिक परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है। इससे कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी और भारत को स्वच्छ ऊर्जा की ओर आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।            

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