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Republic Day 2026: अशोक चक्र से सम्मानित हुए Captain Shubhanshu Shukla, राष्ट्रपति ने दिया सम्मान

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Republic Day 2026: अशोक चक्र से सम्मानित हुए Captain Shubhanshu Shukla, राष्ट्रपति ने दिया सम्मान
नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस के मौके पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। भारत में ऐसे कई अचीवर्स है जो देश का नाम रोशन कर रहे हैं परंतु शुभांशु की कामयाबी की उड़ान का किस्सा चारों ओर चर्चा का विषय बना हुआ है। शुभांशु शुक्ला को कल अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है। गणतंत्र दिवस 2026 को पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस बहादुर आईएफ अधिकारी से अंतरिक्ष यात्री बने शुभांशु शुक्ला के लिए अशोक चक्र को मंजूरी दी थी। इसी के साथ शुभांशु शुक्ला भारत के सबसे सम्मानित शांति काल का वीरता पुरस्कार पाने वाले पहले अंतरिक्ष यात्री बन गए हैं।
 
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लोगों के लिए बने प्रेरणा का स्त्रोत

शुभांशु शुक्ला ने यह दिखाया है कि हिम्मत सिर्फ युद्ध के मैदानों के लिए ही नहीं बल्कि अंतरिक्ष की ऊंचाईयों के लिए भी है। स्पेसक्राफ्ट के कंट्रोल तक पहुंचने से लेकर भारत के अंतरिक्ष की यात्रा करना उनके लिए किसी सपने से कम नहीं है। राकेश शर्मा की उड़ान के 41 साल के गैप को खत्म करते हुए उन्होंने यात्रा करते हुए उनकी यात्रा लाखों लोगों के लिए प्रेरणा है। यह सम्मान न सिर्फ स्किल को पहचान देता है बल्कि ऑर्बिट में इंसानी सीमाओं को आगे बढ़ाने के लिए भी जरुरी हिम्मत को पहचानता है।

ऐसे की थी करियर की शुरुआत

शुभांशु शुक्ला का जन्म लखनऊ में हुआ था। उन्होंने 17 साल की उम्र में अपने करियर की शुरुआत की जब उन्होंने कारगिल युद्ध और आईएफ एयरशो से प्रेरित होकर अपने माता-पिता को बताए बिना एक दोस्त के फॉर्म का इस्तेमाल करके नेशनल डिफेंस एकेडमी के लिए अप्लाई किया। इसके बाद साल 2006 में शुभांशु शुक्ला एक फाइटर पायलट के तौर पर आईएफ में शामिल हुए और Su-30 Mki, MIG-21, MIG-29, Jaguar और Hawk जैसे जेट पर 2,000 घंटे से ज्यादा उड़ान भरी। इसके बाद शुभांशु एक टेस्ट पॉयलट और कॉम्बैट लीडर बन गए। आईसीएस बैंगलुरु से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की। साल 2019 में इसरो ने उन्हें गगनयान के लिए चुना जिसके बाद उन्होंने रुस के यूरी गगारिन सेंटर में ट्रेनिंग ली। इसके साथ ही उन्होंने NASA और ISRO के सेशन में भी हिस्सा लिया। उन्हें इस प्रोग्राम के लिए चार फाइनल उम्मीदवारों में से एक के रुप में चुना गया था।  

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