Home National एक ही घर से बुझे 3 चिराग, बाप सहित 2 बेटों की हुई मौत

एक ही घर से बुझे 3 चिराग, बाप सहित 2 बेटों की हुई मौत

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एक ही घर से बुझे 3 चिराग, बाप सहित 2 बेटों की हुई मौत

हनुमानगढ़: संगरिया उपखंड क्षेत्र के गांव रासूवाला में एक ही डिग्गी में डूबकर पिता और उसके 2 जवान बेटों की मौत हो गई। इस घटना को लेकर गांव में शोक लहर छा गई। मिली जानकारी के अनुसार खेत में बनी पानी के डिग्गी में पिता को डूबता देखकर दोनों बेटे उन्हें बचाने के लिए चले गए। इस दौरान तीनों की पानी में डूबने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान 40 वर्षीय गुरदीपसिंह पुत्र मेजरसिंह कुम्हार और उनके दोनों बेटे 22 वर्षीय लखविंद्रसिंह व 16 वर्षीय राजविंद्रसिंह के रूप में हुई है। दरअसल, डिग्गी में सुरक्षित निकास नहीं होने के कारण तीनों बाहर नहीं निकल पाए।

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई। मामले की जानकारी देते हुए संगरिया थानाधिकारी अमर सिंह ने बताया कि मामले की देर रात तलाश के दौरान तीनों के शव बरामद किए गए। शवों को पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया गया। लखविंद्रसिंह बीएसटीसी करने के बाद हाल ही में रीट परीक्षा देकर भविष्य के सपने बुन रहा था। छोटा बेटा राजविंद्रसिंह दसवीं का छात्र था।

हंसमुख, पढ़ाई में ठीक और खेती किसानी से दूर रहने वाला था। घटनाक्रम के अनुसार गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर इंद्रगढ़ रोही के चक सात पीटीपी क्षेत्र में पड़ोसी खेत में बनी करीब 20 फीट गहरी और 82 फीट चौड़ी पानी की डिग्गी से पानी निकालते समय गुरदीपसिंह का पैर फिसल गया। पिता को डूबता देख दोनों बेटे बचाने के लिए कूद पड़े। ग्रामीणों के अनुसार, एक बेटे ने बेल्ट खोलकर बाहर खींचने की कोशिश भी की, लेकिन गहराई और पानी की चपेट में तीनों एक-एक कर समा गए। जो डिग्गी खेतों को जीवन देती थी, वही उस दिन तीन जिंदगियों की कब्र बन गई। यह हादसा इस परिवार के लिए पहली त्रासदी नहीं है।

वर्षों पहले गुरदीपसिंह के बड़े भाई जगजीतसिंह की भी खेत में पानी पीते समय फिसलकर मौत हो गई थी। उनकी मृत्यु के दो माह बाद बेटे सतनाम सिंह का जन्म हुआ। जो आज गांव में इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान चलाता है। एक ही परिवार में पानी से दूसरी बार मौत ने गांव वालों को झकझोर दिया। एक ही परिवान के तीन प्रमुख लोगों की मौत के बाद अब घर में केवल मृतक किसान की पत्नी परमजीतकौर (36) और उसकी बेटी अमनदीप कौर (18) बची हैं। अमनदीप हनुमानगढ़ के एक निजी शिक्षण संस्थान में बीएसटीसी प्रथम वर्ष की छात्रा है।

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