Home International नमाज के दौरान हुआ धमाका, इमरजेंसी घोषित, 31 की मौत, कई घायल, देखें वीडियो

नमाज के दौरान हुआ धमाका, इमरजेंसी घोषित, 31 की मौत, कई घायल, देखें वीडियो

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नमाज के दौरान हुआ धमाका, इमरजेंसी घोषित, 31 की मौत, कई घायल, देखें वीडियो

इस्लामाबादः पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के शहजाद टाउन इलाके में स्थित टेरलाई इमामबाड़ा में जुमे की नमाज के दौरान बड़ा धमाका होने की खबर मिली है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, विस्फोट में कई लोगों के मारे जाने का दावा किया है। हादसे के बाद पुलिस और बचाव सेवाएं घटनास्थल पर पहुंच चुकी हैं और बचाव अभियान शुरू कर दिया है। घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है और घटना की जांच शुरू कर दी गई है। हमले में 31 लोगों की मौत हो गई है और 170 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

पूरे शहर में इमरजेंसी घोषित कर दी गई और अधिकारियों को आशंका है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। बताया जा रहा है कि इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में सुसाइड बॉम्बर के जरिए धमाका करवाया गया है। पुलिस अभी इस मामले की जांच कर रही है और पूरे शहर में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। इस अटैक में 31 लोगों के मारे जाने की खबर है और दावा किया जा रहा है कि करीब 80 लोग बुरी तरह घायल हुए हैं। इस अटैक की तस्वीरें और वीडियोज सामने आए हैं जिसमें दिख रहा है कि मस्जिद का एक हिस्सा बुरी तरह प्रभावित हुआ है और चारों तरफ शरीर के टुकड़े फैले नजर आ रहे हैं।

बता दें कि पाकिस्तान में पहले ही बलोच लिबरेशन आर्मी के BLA लड़ाकों ने आतंक मचा रखा है। बलूचिस्तान से मुनीर के सैनिकों को खदेड़ा जा रहा है और अभी तक करीब 10 जिलों पर कब्जा किया जा चुका है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अपनी सेना को अपाहिज घोषित करते हुए सबसे सामने हार स्वीकार कर ली है। BLA के मुताबिक अटैक में 5 दिनों के अंदर 310 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं। हालांकि, पाकिस्तानी सेना का दावा है कि 216 बलोच लड़ाकों को भी मार गिराया गया है।

अफगानिस्तान के इस्लामिक अमीरात (IEA) के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद की एक मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान हुए भीषण धमाके की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस आत्मघाती हमले में इबादत कर रहे कई बेगुनाह नमाजियों के मारे जाने और घायल होने की खबर है, जिसने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर पैदा कर दी है। तालिबान सरकार ने स्पष्ट किया है कि मस्जिदों की पवित्रता और धार्मिक संस्कारों का उल्लंघन करने वाले ऐसे हमले मानवता और इस्लाम के बुनियादी सिद्धांतों के खिलाफ हैं।

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