Home National 60 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप में Punjab National Bank के 5 बड़े अधिकारियों पर केस दर्ज

60 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप में Punjab National Bank के 5 बड़े अधिकारियों पर केस दर्ज

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60 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप में Punjab National Bank के 5 बड़े अधिकारियों पर केस दर्ज

नोएडाः उत्तर प्रदेश के नोएडा के सेक्टर 49 में पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) के 5 अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप लगे है। मिली जानकारी के अनुसार 60 करोड़ रुपये की संपत्ति को हड़पने की कथित तौर पर साजिश रचने को लेकर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि एक होटल व्यापारी की याचिका पर अदालत के आदेश के बाद यह मुकदमा दर्ज किया गया।

थाना सेक्टर 49 के प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार भारद्वाज ने बताया कि सेक्टर-47 निवासी होटल कारोबारी अनिल बब्बर (66) की शिकायत पर बैंक के क्षेत्रीय प्रमुख रविंद्र कुमार पांडे, क्षेत्रीय प्रबंधक प्रिया रंजन, शाखा प्रबंधक नरेंद्र सिंह बिष्ट, जोनल हेड एसएन दुबे और एमसीसी हेड मनीष कश्यप के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश रचने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि तत्कालीन भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120 बी, 420, 467, 468, 471 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

वहीं पीड़ित ने बताया कि वह एक कंपनी में पार्टनर हैं। उन्होंने 2013 में हरिद्वार स्थित पीएनबी की शाखा से होटल खरीदने और संचालन के लिए 9.5 करोड़ रुपये का टर्म लोन लिया था। उस समय नौ प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर तय हुई थी। अनिल बब्बर ने 2016 तक 13 करोड़ रुपये बैंक को चुका दिए थे। हैरानी तब हुई जब बैंक ने अचानक उनकी ब्याज दर नौ से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी और उन पर पांच करोड़ रुपये का अतिरिक्त बकाया दिखा दिया। जब पीड़ित ने आरटीआई लगाई तो तो बैंक अधिकारियों ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। दबाव बनाने पर बैंक ने अपनी गलती स्वीकार की और 2019 में 30.50 लाख रुपये रिफंड भी किए, लेकिन बाकी की मोटी रकम डकार ली।

पीड़ित कारोबारी ने बताया कि उनके होटल की वर्तमान बाजार कीमत करीब 60 करोड़ रुपये है और उसका कुल रकबा 1 लाख वर्ग फुट है। बैंक अधिकारियों ने संपत्ति का मूल्यांकन गिराकर केवल 23 करोड़ रुपये दिखा दिया और कागजों में होटल का रकबा भी घटाकर महज 67 हजार वर्ग फुट कर दिया। आरोप है कि अधिकारी अब सरफेसी एक्ट की आड़ में इस 60 करोड़ की संपत्ति को अपने किसी चहेते के नाम केवल 20 करोड़ रुपये में नीलामी की तैयारी कर रहे हैं। पीडित ने डेंट रिकवरी ट्रिब्यूनल (DRT) मे भी मामला दायर किया। वहीं आरोपी लगातार पीड़ित को डिफॉल्टर घोषित कर संपत्ति नीलाम करने की धमकी दे रहे है।

अब नोएडा पुलिस जांच कर रही है कि बैंक के भीतर यह सिंडिकेट कितने समय से सक्रिय था और क्या अन्य कारोबारियो को भी इसी तरह शिकार बनाया गया है। अनिल बब्बर का आरोप है कि बैंक के सर्कल हेड रविंद्र पांडेय, शाखा प्रबंधक नरेंद्र सिंह बिष्ट, जोनल मैनेजर प्रिय रंजन, जोनल हेड एसएन दुबे और एमसीस हेड मनीष कश्यप ने उनके लोन दस्तावेजों में हेराफेरी की। बैंक के स्वीकृति पत्र तक को होटल के लेटरहेड पर फर्जी तरीके से तैयार कर लिया। जो रिस्क रेटिंग साल में एक बार बदली जानी चाहिए, उसे 6 साल के भीतर करीब 15 बार बदल दिया गया।

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