HomeGovernment News>Punjab GovtPunjab News: कुलदीप सिंह धालीवाल ने भारत–अमेरिका ट्रेड डील को बताया किसानों से विश्वासघात, सुनील जाखड़ को ड्राफ्ट सार्वजनिक करने की चुनौती
चंडीगढ़, 11 फरवरी 2026: Aam Aadmi Party (AAP) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक Kuldeep Singh Dhaliwal ने पंजाब भाजपा अध्यक्ष Sunil Jakhar द्वारा भारत–अमेरिका ट्रेड डील का समर्थन किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। धालीवाल ने इस समझौते को देश के किसानों के साथ “सबसे बड़ा विश्वासघात” करार दिया।
बुधवार को AAP नेता Prabhvir Brar के साथ आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में धालीवाल ने सुनील जाखड़ को चुनौती दी कि वे मीडिया में इसकी प्रशंसा करने के बजाय समझौते का वास्तविक ड्राफ्ट सार्वजनिक करें।
धालीवाल ने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन ने भारतीय वस्तुओं पर 18 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जबकि भारत सरकार ने अमेरिकी उत्पादों पर कर लगभग शून्य कर दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अमेरिकी किसान भारत में बिना टैक्स के अपनी उपज बेच सकेंगे और भारतीय किसानों को अमेरिका में 18 प्रतिशत शुल्क देना पड़ेगा, तो इसे निष्पक्ष समझौता कैसे कहा जा सकता है?
किसानों पर संभावित असर
धालीवाल ने चेतावनी दी कि इस डील के जरिए अमेरिका का “रेड सोरघम” भारतीय बाजारों में बड़ी मात्रा में आ सकता है, जिससे पंजाब, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में मक्का, बाजरा और ज्वार उगाने वाले किसानों को भारी नुकसान होगा।
उन्होंने कहा कि यदि अमेरिकी खाद्य उत्पादों पर शुल्क शून्य हो गया, तो हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के सेब उत्पादक तथा कश्मीर के बादाम और अखरोट किसान भी प्रभावित होंगे।
सुनील जाखड़ पर सियासी निशाना
धालीवाल ने कहा कि जिस तरह पहले कुछ दलों ने कृषि कानूनों का समर्थन किया था, उसी तरह आज सुनील जाखड़ इस डील की वकालत कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जाखड़ पहले कांग्रेस में रहते हुए गांधी परिवार की प्रशंसा करते थे और अब प्रधानमंत्री की सराहना कर रहे हैं, लेकिन किसानों के हित में आवाज नहीं उठा रहे।
पारदर्शिता की मांग
AAP नेता ने कहा कि इस डील की जानकारी अब तक केवल Donald Trump के ट्वीट्स और बयानों से ही सामने आई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर न तो संसद में स्पष्ट बयान दिया है और न ही देश को भरोसे में लिया है।
धालीवाल ने कहा कि यह मुद्दा केवल किसानों का नहीं, बल्कि पूरे देश का है। उन्होंने घोषणा की कि वे इस विषय पर लगातार आवाज उठाते रहेंगे और भाजपा की कथित किसान विरोधी नीति को उजागर करेंगे।