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Punjab News: किसानों और मजदूरों के भारी इकट्ठ ने केंद्र की Privatization Policy का जताया विरोध, देखें वीडियो

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Punjab News: किसानों और मजदूरों के भारी इकट्ठ ने केंद्र की Privatization Policy का जताया विरोध, देखें वीडियो

अमृतसरः केंद्र सरकार की प्राइवेटाइजेशन पॉलिसी के खिलाफ अमृतसर के भंडारी ब्रिज पर अलग-अलग किसान संगठनों, ट्रेड यूनियनों और मजदूर संगठनों ने मिलकर प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान, मजदूर, बैंक कर्मचारी, बिजली कर्मचारी और दूसरे संगठनों से जुड़े लोग शामिल हुए।

भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहा के जिला प्रधान परमिंदर सिंह ने कहा कि यह प्रदर्शन पूरे देश में मिलकर किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस हड़ताल को करीब 35 करोड़ लोग सपोर्ट कर रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर पब्लिक सेक्टर को खत्म करके कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि 4 लेबर कोड लागू करने, MGNREGA के रूप में बदलाव, इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट एक्ट के जरिए पावर सेक्टर को प्राइवेटाइज करने की कोशिश और भारत और US के बीच हो रहे ट्रेड एग्रीमेंट के खिलाफ लोगों में गुस्सा है। उन्होंने दावा किया कि ये नीतियां किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों के लिए नुकसानदायक साबित होंगी। परमिंदर सिंह ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने अपने फैसले वापस नहीं लिए तो आने वाले समय में और भी बड़े संघर्ष किए जाएंगे।

किरती किसान यूनियन के नेता जसकरन सिंह छीना ने कहा कि आज का धरना ऐतिहासिक है और देश भर में अलग-अलग जगहों पर रैलियां की जा रही हैं। अमृतसर में भी बड़ी संख्या में मजदूर और किसान इकट्ठा हुए हैं। बिजली कर्मचारियों और इंडस्ट्रियल वर्करों ने भी हड़ताल में हिस्सा लिया। उन्होंने केंद्र सरकार पर मजदूर विरोधी नीतियां लागू करने का आरोप लगाया और कहा कि देश में लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है। अगर सरकार ने अपनी नीतियां नहीं बदलीं तो आने वाला समय बड़े संघर्षों का हो सकता है। प्राइवेटाइजेशन, किसान-मजदूर एकता और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान नारे लगाए गए। विरोध शांतिपूर्ण था और नेताओं ने अपनी मांगें मनवाने के लिए लड़ाई जारी रखने का ऐलान किया।

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