प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना मंदिर परिसर में चल रहे वार्षिक उत्सव के दौरान हुई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय लोग और पर्यटक वहां मौजूद थे। उत्सव में परंपरा के अनुसार सजे हुए हाथी को भी शामिल किया गया था, जिसे देखने के लिए लोग काफी करीब तक आ गए थे। इसी दौरान भीड़ में से एक व्यक्ति हाथी के ऊपर चढ़ने या उसके बेहद करीब जाने की कोशिश करने लगा। अचानक हाथी चौंक गया और आक्रामक हो उठा। इसी अफरा-तफरी के बीच सामने खड़ा एक युवक उसकी चपेट में आ गया। हाथी ने बिना किसी चेतावनी के युवक को सूंड में जकड़ा, ऊपर उछाला और जोर से जमीन पर पटक दिया। कुछ पलों के लिए वहां मौजूद लोग सन्न रह गए। घटना के तुरंत बाद उत्सव स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जिससे कुछ देर के लिए भगदड़ जैसे हालात बन गए। इस दौरान कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे हाथी अचानक हिंसक हो जाता है और युवक को बेरहमी से जमीन पर फेंक देता है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे देखकर हैरानी और डर जता रहे हैं। कई यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतने बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं होते और हाथियों को भीड़ के इतने करीब क्यों लाया जाता है। घटना के बाद महावतों और मंदिर प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद हाथी को काबू में किया। घायल युवक को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक युवक को गंभीर चोटें आई हैं और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। इस घटना के बाद प्रशासन और मंदिर समिति की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मंदिर उत्सवों में हाथियों का इस्तेमाल सदियों पुरानी परंपरा जरूर है, लेकिन बदलते समय में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन बेहद जरूरी हो गया है। भीड़ नियंत्रण, सुरक्षित दूरी और प्रशिक्षित महावतों की मौजूदगी जैसे उपायों को नजरअंदाज करना किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है।View this post on Instagram