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Punjab News: ज्ञानी रघुबीर सिंह के पक्ष में उतरे DSGMC के अध्यक्ष, कहा- इतिहास का हिस्सा बनीं घटना, देखें वीडियो

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Punjab News: ज्ञानी रघुबीर सिंह के पक्ष में उतरे DSGMC के अध्यक्ष, कहा- इतिहास का हिस्सा बनीं घटना, देखें वीडियो

अमृतसरः दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका टीम के साथ आज श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष उपस्थित हुए। इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए हरमीत सिंह कालका ने कहा कि ज्ञानी रघुबीर सिंह जैसी व्यक्तित्व, जिन्होंने पूरी जिंदगी गुरु रामदास महाराज के चरणों में निडर होकर सेवा की है, उनका नाम इतिहास में पहले ही दर्ज हो चुका है। 2 दिसंबर को श्री अकाल तख्त साहिब पर हुई घटना भी इतिहास का हिस्सा बन चुकी है। उन्होंने कहा कि ऐसी शख्सियत का जहां भी सम्मान-सम्मान मिलता है, उसे खुशी-खुशी स्वीकार करना चाहिए। ये छोटी बातें हैं कि किसी गुरुद्वारे में उन्हें सेवा दी जाती है या नहीं।

आज पूरा पंथ उनके साथ खड़ा है, क्योंकि उनसे किए गए खुलासों के बारे में शिरोमणि कमेटी को जवाब देना ही पड़ेगा। चाहे आज या भविष्य में हरमीत सिंह कालका ने जत्थेदार के साथ हो रहे व्यवहार को जनता के लिए दुःखदाई बताया। उन्होंने कहा कि अक्सर देखा गया है कि जब भी कोई जत्थेदार अपने अधिकारों की बात करता है, तो उसकी किरदारकुशी करके उसे पद से हटा दिया जाता है। यह प्रवृत्ति जनता के लिए चिंता का विषय है। 2 दिसंबर 2024 के फैसलों के बारे में बोलते हुए कालका ने कहा कि विभिन्न धाराओं के अलग-अलग विचार हैं।

कुछ लोग इन फैसलों को बादल साहिब से जोड़ते हैं, जबकि कुछ कहते हैं कि ये जत्थेदारों के अपने फैसले थे। उनके अनुसार यह घटना गुरु हरगोबिंद साहिब जी की मेरी-पीरी की परंपरा से जुड़ी हुई हिम्मत का प्रतीक थी। दिल्ली गुरुद्वारा समिति की 25 अक्टूबर को हुई बैठक के बारे में बात करते हुए कालका ने बताया कि इसमें गुरुद्वारों में हुई गलतियों और आर्थिक अनियमितताओं की जांच की मांग उठी थी। एक्ट के अनुसार कोई भी व्यक्ति अपने परिवार के साथ व्यापार नहीं कर सकता।

कार्रवाई शुरू होने के बाद आया हुआ एक पत्र शक पैदा करता है, क्योंकि वह अरदास के बाद मौके पर पहुंचाया गया। संपर्क न होने का दावा निरस्त करते हुए उन्होंने कहा कि आजकल ईमेल, फोन और अनेक साधन उपलब्ध हैं, इसलिए लगता है कि कुछ गलतफहमियां जानबूझकर उत्पन्न की जा रही हैं। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मामले पर कालका ने कहा कि बिना पूरे सबूतों के किसी पर आरोप लगाना ठीक नहीं और अदालत प्रक्रियाओं को पूरी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर संस्था और हर धार्मिक स्थल की अपनी मर्यादा होती है। किसी भी आरोप की निष्पक्ष जांच होनी जरूरी है ताकि संस्थाओं की इज्जत और मर्यादा कायम रहे।

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