घटना के दौरान पीछे चल रहे मांट थाने के एसआऊ सत्येंद्र सिंह ने खतरे को भांपते ही बिना देर किए अपनी कार बस के आगे लगाकर उसे रुकवाया। उनकी यह तत्परता ही 38 मासूम जिंदगियों के लिए ढाल बन गई। बस रुकते ही चालक ने पीछे देखा तो आग विकराल रूप ले चुकी थी। अफरा-तफरी के बीच सभी छात्रों को बस से बाहर निकाला गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी की तेजी और समझदारी के चलते सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। सूचना पर अग्निशन कर्मियो ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाया। घटना से आसपास दहशत का माहौल बन गया। लोगों की भीड़ जुट गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। सभी बच्चे सुरक्षित हैं। आग से बस जलकर खाक हो गई है। पुलिस ने बच्चों को दूसरे वाहन से घर भिजवाया है। इस घटना के कारण हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रुक गई और मौके पर जाम की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही थाना रिफाइनरी पुलिस टीम मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी प्रशिक्षु आईपीएस जय बिंद गुप्ता ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रहा है। वहीं, सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी। इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है और सभी छात्र सुरक्षित हैं। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।