वृंदावन में हुआ संतों का संगम
प्रेमानंद महाराज के जन्मदिन के मौके पर एक बार फिर संतों का अनूठा संगम देखने को मिला। ऑफिशियल इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में यह साफ देखा जा सकता है कि उत्सव की शुरुआत संतों के स्वागत और पाद-प्रक्षालन के साथ हुई। कई बड़े आश्रमों के पीठाधीश्वर और जटाधारी संत पीले और सफेद वस्त्रों में महाराज के चरणों में नमन करने पहुंचे। संतों ने महाराज को माला पहनाई और तिलक लगाकर उनका सम्मान किया। इस दौरान राधा-राधा के जप से पूरा परिसर गूंज रहा था।View this post on Instagram
फूलों की बनाई गई रंगोली
प्रेमानंद महाराज के जन्मोत्सव का आकर्षण पुष्प वर्षा और फूलों की रंगोली रही है। भक्तों ने महाराज के स्वागत में जमीन पर गुलाब और गेंदे के फूलों की सुंदर कालीन बिछाई गई थी। साथ ही उत्सव के दौरान कलाकारों ने राधा-कृष्ण का रुप रखकर सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे महाराज खुद भी भाव-विभोर होकर भक्तों के प्रेम को स्वीकार कर रहे हैं।कहां हुआ प्रेमानंद महाराज का जन्म
प्रेमानंद महाराज का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक ब्राह्माण परिवार में हुआ था। उनके बचपन का नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे था। उनकी दोनों किडनियां खराब होने के बाद भी वो काफी ऊर्जा और भक्ति के साथ भक्तों का मार्गदर्शन करते हैं। महाराज अपनी उम्र और शरीर का लेकर ज्यादा चर्चा करना पसंद नहीं करते लेकिन उनके जीवन के सफर और सन्यास के सालों को देखें तो उनकी उम्र 57 साल हो गई है।अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार, उनका जन्म 30 मार्च 1969 को हुआ था लेकिन वो हिंदू कैलेंडर विक्रम संवत के हिसाब से चैत्र नवरात्रि के पहले दिन जन्मदिन मनाते हैं।View this post on Instagram