ये वीडियो करीबन 2 साल तक सोशल मीडिया पर चलते रहे हैं। 23 फरवरी 2026 को एनसीएमईसी ने उन्हें ट्रेस किया और इस बारे में एक साइबर टिपलाइन रिपोर्ट भारतीय साइबर पोर्टल एनसीआरपी को भेजी गई । भारतीय साइबर पोर्टल से शिकायत पंजाब स्टेट साइबर सेल को आगे बढ़ाई। इसके बाद भारत में मामले की जांच शुरु हुई। स्टेट साइबर सेल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इंस्टाग्राम और गूगल से मिली जानकारी के आधार पर पता लगाया है कि यह अकाउंट होशियारपुर से जुड़ा है। यह प्रभु नाम से बनाना गया था। कुछ मोबाइल नंबरों से लिंक था।
इस मामले में पुलिस ने अपनी जांच आगे बढ़ाई और कंपनियों ने इस संबंधी डाटा मांगा गया। गूगल और जियो से मिले रिकॉड्स से पुष्टि हुई कि आरोपी ने मार्च 2024 में ईमेल बनाया था। जुलाई 2024 में इसका इस्तेमाल अपराध के लिए किया।