कांग्रेस ने बदला Punjab प्रभारी, देवेंदर यादव की जगह इन्हें मिली जिम्मेदारी, देखें लिस्ट

Written by

in

मोहालीः पंजाब में 2027 के चुनावों के पहले कांग्रेस ने जमीनी स्तर पर काम करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। जिसके चलते कांग्रेस ने इस बार बड़ा बदलाव किया है। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी देवेंदर यादव की जगह पर छत्तीसगढ़ से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को नया प्रभारी लगाया गया है। दिल्ली में बादली विधानसभा क्षेत्र से चुनाव हारने के बाद से ही यह तय हो गया था कि कांग्रेस पंजाब में नया प्रभारी लगा सकती है। पंजाब से कांग्रेस को खासी उम्मीदें हैं। कांग्रेस के लिए पंजाब ऐसा राज्य हैं जहां पर लोक सभा और नगर निगम चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन अच्छा रहा था। कांग्रेस ने देश भर में बदलाव करने शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस ने उड़ीसा और महाराष्ट्र में प्रधान को बदल दिया है।

महाराष्ट्र में कांग्रेस सरकार नहीं बना पाई। हालांकि, वह स्थिति पंजाब में नहीं हैं। पंजाब में लोकसभा चुनाव प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की अगुवाई में लड़े गए थे। कांग्रेस ने 7 सीटों पर विजय हासिल की। राजा वड़िंग भी लुधियाना से सांसद बने। इसी प्रकार नगर निगम चुनाव में भी कांग्रेस का प्रदर्शन संतोषजनक था। हालांकि, कांग्रेस किसी भी नगर निगम में अपना मेयर नहीं बना सकी। इस लिए इस बात की संभावना कम हैं कि कांग्रेस फिलहाल प्रदेश प्रधान को बदलेगी। वहीं, यह तय था कि प्रदेश प्रभारी का बदला जाना तय था। जिसका मुख्य कारण हैं कि विधानसभा चुनाव हारने के बाद देवेंद्र यादव का वह कद नहीं रह जाएगा जो पहले थे।

पंजाब में कांग्रेस के नेताओं के बीच शुरू से ही खींचतान रही है। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा पंजाब में कैबिनेट मंत्री भी रहे हैं, वर्तमान में विधायक हैं और एक बार लोक सभा और एक बार राज्य सभा के सदस्य भी रहे हैं। इसी प्रकार राजा वड़िंग तीन बार विधायक, एक बार मंत्री और वर्तमान में लोक सभा सदस्य हैं। जबकि दोनों के बीच आगे निकलने की हमेशा ही होड़ लगी रहती है। ऐसे में देवेंदर यादव कद में बाजवा या वड़िंग के काफी नीचे थे। ऐसे में कांग्रेस के नेताओं को एक मंच पर बैठा पाना देवेंदर यादव के लिए संभव नहीं था। इसलिए कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी की कमान सौंपी है। बता दें कि देवेंद्र यादव दिल्ली के प्रदेश प्रधान भी थे। दिल्ली में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली।

 

 

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *