Home Chandigarh खादी और ग्रामोद्योग के माध्यम से रोजगार सृजन पर जोर, Chairman Kaku Ahluwalia ने बोर्ड की उपलब्धियों पर की चर्चा

खादी और ग्रामोद्योग के माध्यम से रोजगार सृजन पर जोर, Chairman Kaku Ahluwalia ने बोर्ड की उपलब्धियों पर की चर्चा

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खादी और ग्रामोद्योग के माध्यम से रोजगार सृजन पर जोर, Chairman Kaku Ahluwalia ने बोर्ड की उपलब्धियों पर की चर्चा

चंडीगढ़ः पंजाब खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड के चेयरमैन गगनदीप सिंह ‘काकू आहलूवालिया’ ने चंडीगढ़ स्थित बोर्ड के कार्यालय में 2025-26 के लिए पंजाब खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड की योजनाओं की उपलब्धियों और प्रगति की समीक्षा की। चेयरमैन ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना (PMEGP) की प्रगति के बारे में जानकारी दी।

चेयरमैन गगनदीप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। बोर्ड की योजनाओं ने न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है, बल्कि हजारों बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के अवसर भी प्रदान किए हैं। बोर्ड के चेयरमैन ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की विचारधारा का उल्लेख करते हुए कहा कि खादी केवल एक कपड़ा नहीं है, बल्कि यह एक आत्मनिर्भर भारत की पहचान है और रोजगार सृजन का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खादी और ग्रामोद्योग के माध्यम से पंजाब को रोजगार सृजन के क्षेत्र में किस प्रकार आगे बढ़ाया जा सकता है।

बैठक में बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान बोर्ड ने PMEGP योजना के तहत 457 इकाइयां स्थापित कीं और 5027 युवाओं को रोजगार प्रदान किया। इन 457 PMEGP इकाइयों के लाभार्थियों को 32 करोड़ 77 लाख 85 हजार रुपये की सब्सिडी दी गई। इनमें से, लगभग 100 इकाइयां 1 लाख से 10 लाख रुपये की लागत वाली, 204 इकाइयां 10 लाख से 24 लाख रुपये की लागत वाली और 153 इकाइयां 25 लाख से 1 करोड़ रुपये की लागत वाली स्थापित की गई हैं। बोर्ड ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी सराहनीय योगदान दिया है।

चेयरमैन ने 2026-27 के लिए स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा कि सभी अधिकारियों/कर्मचारियों को ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 को ‘रोजगार सृजन वर्ष’ के रूप में मनाते हुए, बोर्ड को अपने निर्धारित लक्ष्यों से भी अधिक उपलब्धि हासिल करनी होगी। इसके लिए, एक सुदृढ़ कार्ययोजना, नियमित निगरानी और क्षेत्रीय दौरों (फील्ड विजिट) को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के नेतृत्व में पंजाब में और भी कई योजनाएं लागू की जाएंगी, ताकि बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को अधिकतम लाभ पहुंचाया जा सके। इसका उद्देश्य युवाओं को विदेश जाने से रोकना है, तथा कौशल विकास, उद्यमिता प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता को और अधिक सुदृढ़ बनाना है, ताकि युवा नौकरी मांगने वाले के बजाय नौकरी देने वाले बन सकें।

इस अवसर पर, बोर्ड के सदस्य सचिव रमनदीप सिंह, अधीक्षक दविंदर सिंह, वरिष्ठ सलाहकार अमित चोपड़ा, अर्पित गुप्ता, जिया शाह, गुरजंत सिंह पुनियां, मंजू शर्मा, अमितप्रीत कौर, राधिका और संदीप सिंह आदि उपस्थित थे।

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