Home Mohali Punjab News: Sukh Seva Multispeciality Hospital में विभाग की Raid, किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का खुलासा, डॉक्टर फरार

Punjab News: Sukh Seva Multispeciality Hospital में विभाग की Raid, किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का खुलासा, डॉक्टर फरार

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Punjab News: Sukh Seva Multispeciality Hospital में विभाग की Raid, किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का खुलासा, डॉक्टर फरार

मोहालीः पंजाब में एक बार फिर किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट को लेकर सेहत विभाग की टीम ने अस्पताल में रेड करके पर्दाफाश किया है। दरअसल, खरड़ के सन्त्री एन्क्लेव स्थित सुख सेवा मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल में सिविल सर्जन मोहाली द्वारा गठित मेडिकल टीम ने रेड की। जहां सेहत विभाग की टीम ने अस्पताल में भर्ती मरीजों को लेकर खुलासा किया। रेड के दौरान सेहत विभाग की टीम में डॉ. राजेश कुमार (एसएसओ, सिविल अस्पताल खरड़), डॉ. धर्मिंदर सिंह (एसएमओ, डेराबस्सी), डॉ. अमनदीप कौर (एमओ सर्जरी, खरड़), डॉ. सद्दीप कौर (एमओ, खरड़) और विशाख सिंह सहोता शामिल रहे।

बताया जा रहा है कि सेहत विभाग की रेड के दौरान आईसीयू में किडनी ट्रांसप्लांट हो चुके 2 मरीज भर्ती थे। रेड से कुछ समय पहले ही मरीजों की सर्जरी की गई थी। सर्जरी के तुरंत बाद डॉक्टर फरार हो गया था। किडनी डोनर आशीष थमन और रिसीवर वरिंदरपाल के पास दो व्यक्ति मौजूद थे। इनकी पहचान महेंद्र कुमार मनसुखभाई पटेल (गुजरात) और राकेश कुमार (डूंगरपुर, राजस्थान) के रूप में हुई है। दोनों मरीजों को सुरक्षित तरीके से पीजीआई (पीजीआई) में दाखिल करवाया गया है और चिकित्सा निगरानी में रखा गया है।

इस मामले में कार्रवाई करते हुए खरड़ पुलिस ने मनसुखभाई पटेल, राकेश कुमार ननूमा और अस्पताल की मालिक डॉ. मनप्रीत कौर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। जिसमें पुलिस ने महेंद्र कुमार, राकेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। मनप्रीत कौर फरार है। इस मामले के बारे में जानकारी देते हुए, खरड़ सिटी पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) अमरेन्द्र सिंह ने बताया कि विभाग को वरिष्ठ डॉक्टरों की एक टीम से शिकायत मिली थी। इस शिकायत पर कार्रवाई के दौरान सेहत विभाग की टीम द्वारा रेड की गई। रेड के दौरान अस्पताल में दानी और प्राप्तकर्ता दोनों स्थान पर मौजूद पाए गए।

इसके बाद, इमारत से कई चीजें और सबूत बरामद किए गए हैं। शिकायत के आधार पर, कानून की कई संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं दो सहायक महिन्दर और राकेश को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अस्पताल जुड़े डॉक्टर डा. मनप्रीत फरार हैं। फरार डॉक्टर को जल्द ही पकड़ने की कोशिशें जारी हैं। यह पूरा रैकेट कितने समय से चल रहा था और इन अवैध सौदों में शामिल वित्तीय शर्तें जानने के लिए अब जांच शुरू कर दी गई है। इस पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया जा रहा है। मामले के हर पहलू की गहराई से जांच की जाएगी।

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