बचाव दल ने सभी पीड़ितों के शव बरामद कर लिए और दोपहर 2:35 बजे बचाव अभियान समाप्त किया। शवों को पहचान के लिए भयांगकारा अस्पताल ले जाया गया। इंडोनेशिया की बचाव एजेंसी के प्रमुख मोहम्मद शफीई ने बताया कि एयरबस H130 हेलीकॉप्टर का संपर्क सुबह मेलावी के एक बागान क्षेत्र से उड़ान भरने के 5 मिनट बाद टूट गया था। शफीई ने कहा, “दुर्घटना या संपर्क टूटने की जगह घने जंगलों वाले इलाके में है, जहां ऊंची-नीची पहाड़ी जमीन है।” उन्होंने बताया कि बचाव दल को कुछ मलबा मिला है, जिसके हेलीकॉप्टर का पिछला हिस्सा होने का शक है। यह मलबा उस जगह से लगभग 3 किलोमीटर (2 मील) पश्चिम में मिला है, जहां संपर्क टूटा था। दुर्घटना का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है।” नेशनल सर्च एंड रेस्क्यू एजेंसी और परिवहन मंत्रालय के अनुसार, खोजी दलों ने बाद में सेकाडाऊ जिले के घने जंगलों में हेलीकॉप्टर के मलबे को ढूंढ लिया और दो क्रू सदस्यों तथा छह यात्रियों के शव बरामद कर लिए गए। मारे गए लोगों में एक मलेशियाई नागरिक भी शामिल था। लगभग 27 करोड़ की आबादी वाला इंडोनेशिया एक विशाल द्वीपसमूह देश है, जो कि परिवहन दुर्घटनाओं से लगातार जूझ रहा है। यहां हवाई जहाज, हेलीकॉप्टर दुर्घटनाएं और फेरी (नौका) डूबने की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं।View this post on Instagram