ऊना/सुशील पंडित: हिमकैपेस कॉलेज ऑफ लॉ में बुधवार को राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा इंटर लॉ कॉलेज/यूनिवर्सिटी मूट कोर्ट प्रतियोगिता समाप्त हुई। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के विधि विभाग के पूर्व चेयरमैन प्रोफ़ेसर डॉ रघुविन्दर सिंह बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने संस्थान द्वारा इस मूट कोर्ट प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने बताया कि यह संस्थान प्रतिवर्ष इस तरह के सफल आयोजन करवाता रहता है।
हिमकैपेस कॉलेज ऑफ लॉ के प्रिंसीपल डॉ. जसवंत सिंह ने बताया कि मूट कोर्ट जैसी प्रतियोगिताएं छात्रों को भविष्य में एक सफल अधिवक्ता या न्यायविद बनने में सहायता करती हैं। ऐसी प्रतियोगिताओं से छात्रों को कानून के व्यावहारिक पहलुओं की अहम जानकारी मिलती है। इसके साथ ही उन्होंने सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया।
उन्होंने मूट कोर्ट के सफल आयोजन के लिए फैकल्टी कनवीनर डॉ एकता सूद, प्रबंधन कमेटी की सदस्य डॉ संदीप कुमारी, आयुषी शुक्ला, आंशू जसवाल, मूट कोर्ट सोसाइटी के सदस्य का धन्यवाद किया। संस्थान के चेयरमैन विक्रमजीत सिंह ने भी देशभर से आई टीमों को प्रोत्साहित किया।
उन्होंने कहा कि यह काफ़ी हर्ष का विषय है कि संस्थान द्वारा हर वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर ऐसे प्रतियोगिताए आयोजित करवाई जा रही है। इस अवसर पर संस्थान के छात्रों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। इस तीसरी राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न विधि महाविद्यालयों ने हिस्सा लिया।
प्रतियोगिता के दूसरे दिन चार टीमों में सेमि फाइनल राउंड के बाद दो टीमों का चयन फाइनल के लिए हुआ। प्रतियोगिता के फाइनल में रिटायर्ड सेशन जज ओ.पी. शर्मा, एडवोकेट मोहित जयतक और सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सान्या कौशल ने जज की भूमिका निभाई।
फाइनल के कड़े मुकाबले में आईआईएलएम यूनिवर्सिटी गुरुग्राम ने मूट कोर्ट प्रतियोगिता का ख़िताब अपने नाम किया। संस्थान द्वारा विजेता टीम को 21 हज़ार रुपये, ट्रॉफी और सर्टिफिकेट डेकर सम्मानित किया गया। वहीं धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जबलपुर दूसरे स्थान पर आई और रनर बनी। रनर अप टीम को 11 हजार रुपये, ट्रॉफी और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया।
साथ ही बेस्ट रिसर्चर में क्राइस्ट यूनिवर्सिटी ने जीत हासिल की और पाँच हज़ार रुपये, ट्रॉफी और मेरिट सर्टिफिकेट अपने नाम किया। वही पांच हजार रुपये बेस्ट स्पीकर का ईनाम धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जबलपुर को गया। इसके अतिरिक्त सभी प्रतिभागियों को पार्टिसिपेशन का सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया।