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चुनाव खत्म होते Petrol-Diesel की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार का आया बयान

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चुनाव खत्म होते Petrol-Diesel की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार का आया बयान

नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में काफी तेजी आई है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि सरकार पश्चिम बंगाल और कई दूसरे राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनावों के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमत में बढ़ोतरी कर सकती है। दावा किया जा रहा है कि 29 अप्रैल को चुनाव खत्म होते ही देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹25 से ₹28 तक की भारी बढ़ोतरी होने वाली है। इस खबर ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है, लेकिन क्या वाकई ऐसा होने वाला है? लेकिन सरकार ने इसका खंडन किया है।

पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस मिनिस्ट्री का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ाने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताया है। दरअसल, कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक कथित रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह दावा किया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $120 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। ऐसे में घरेलू कीमतों और वैश्विक कीमतों के बीच अंतर बढ़ गया है, जिससे भविष्य में कीमत बढ़ाने का दबाव बन सकता है।

इसी आधार पर कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी की अटकलें लगाई जा रही थीं। जैसे ही यह खबर वायरल हुई, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने तुरंत सक्रियता दिखाई और इसे पूरी तरह फर्जी यानी फेक न्यूज करार दिया। सरकार ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इस तरह की बढ़ोतरी का कोई भी प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है। मंत्रालय ने कड़े शब्दों में कहा कि ऐसी खबरें नागरिकों के बीच डर और घबराहट पैदा करने के उद्देश्य से फैलाई जा रही हैं, जो पूरी तरह भ्रामक और शरारतपूर्ण हैं।

सरकार ने अपनी सफाई में एक बड़ा तथ्य पेश करते हुए बताया कि भारत संभवतः दुनिया का इकलौता ऐसा देश है जहां पिछले 4 सालों में अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा नहीं हुआ है। सरकार और तेल कंपनियों ने कई कदम उठाए हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का बोझ सीधे भारतीय नागरिकों पर न पड़े। अक्सर चुनावी माहौल में इस तरह की अटकलें लगाई जाती हैं कि तेल कंपनियां घाटे की भरपाई के लिए चुनाव के बाद दाम बढ़ाएंगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का $120 के पार जाना इन अफवाहों को और हवा देता है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह जनता को महंगाई से बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

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