दरअसल, बस में लगी भयंकर आग के बाद मृतकों के शव पहचान के लायक नहीं बचे थे। जिस कारण परिजन डीएनए रिपोर्ट की मांग कर रहे थे। मृतकों की पहचान डीएनए रिपोर्ट के आधार पर कर ली गई है। पुलिस ने मृतकों की पहचान सुनील और बलजीत के रूप में की है। मृतकों में हरियाणा पुलिस की सीआईडी शाखा में कार्यरत सुनील शामिल हैं। वह भिवानी जिले के गांव बड़सी के निवासी थे और बवानी खेड़ा से बस में सवार हुए थे। परिजनों द्वारा दी गई जानकारी और पुलिस की लोकेशन ट्रेसिंग के आधार पर सुनील के बस में होने का संदेह था, जिसकी पुष्टि अब डीएनए रिपोर्ट से हो गई है। वहीं दूसरे मृतक की पहचान भिवानी की शिव कॉलोनी के बलजीत के रूप में हुई है। बलजीत हिसार स्थित जिंदल फैक्ट्री में कार्यरत थे। उनकी पहचान भी डीएनए रिपोर्ट के माध्यम से सुनिश्चित की गई है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में लगातार जुटे हुए हैं। हालांकि, बस में आग लगने का वास्तविक कारण या धमाका कैसे हुआ, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। अधिकारी तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण की जांच कर रहे हैं। जांच अधिकारी नीर सिंह ने पुष्टि की है कि डीएनए रिपोर्ट के आधार पर मृतकों की पहचान हुई है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।View this post on Instagram