Home National मरम्मत से पहले ही टूटा विक्रमशिला पुल, आवागमन बंद, गंगा में समाया स्‍लैब, देखें वीडियो

मरम्मत से पहले ही टूटा विक्रमशिला पुल, आवागमन बंद, गंगा में समाया स्‍लैब, देखें वीडियो

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मरम्मत से पहले ही टूटा विक्रमशिला पुल, आवागमन बंद, गंगा में समाया स्‍लैब, देखें वीडियो

भागलपुरः कोसी-सीमांचल समेत पूर्वोत्तर राज्यों को भागलपुर से जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत की तैयारी चल ही रही थी कि इसी बीच बड़ा हादसा हो गया। रविवार देर रात 1:10 बजे पुल के 133 नंबर पाये का स्लैब टूटकर गंगा नदी में गिर गया, जिससे इस मार्ग से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। यह पुल भागलपुर को गंगा पार के इलाकों से जोड़ने का प्रमुख साधन है, ऐसे में इसके क्षतिग्रस्त होने से हजारों लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो गई है। 4.7 किलोमीटर लंबे इस पुल के मेंटेनेंस को लेकर विभागीय स्तर पर मंथन चल रहा था। अधिकारियों और अभियंताओं की टीम मरम्मत पर आने वाले खर्च का आकलन कर रही थी।

भागलपुर से करीब 12 करोड़ रुपये का प्राक्कलन तैयार कर मुख्यालय भेजा गया था। पथ निर्माण विभाग के वरीय अधिकारियों ने इस पर वित्त विभाग से मंतव्य और स्वीकृति मांगी थी, ताकि समय रहते मरम्मत का कार्य शुरू कराया जा सके। देर रात पुल टूटने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई, हालांकि गनीमत रही कि समय रहते पुलिस और प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए आवाजाही रोक दी थी, जिससे स्लैब गिरने के दौरान कोई वाहन उसकी चपेट में नहीं आया और बड़ा नुकसान टल गया। पुल टूटने से नवगछिया और भागलपुर के बीच का संपर्क टूट गया है।

Read in English: https://encounternews.in/latest-news/section-of-vikramshila-bridge-collapses-in-bhagalpur-no-injuries-reported/

घटना के बाद प्रशासन भी मौके पर पहुंचा और पुलिस के जवानों ने लोगों से सावधानी बरतने की‍ हिदायत दी। देर रात वहां मौजूद भागलपुर जिले के थाना बिहपुर निवासी ऋषव मिश्रा ने बताया कि पुल के दिन में ही हल्‍का क्षतिग्रस्‍त होने की सूचना आ रही थी और देर रात पुल का एक बड़ा हिस्‍सा (स्‍पैन) नदी में समा गया। हादसे की शुरुआत रविवार रात करीब 11:33 बजे हुई जब पाया नंबर 133 अचानक बैठना शुरू हुआ। रात 11:55 बजे तक पाया काफी हद तक झुक गया था। सेतु पर तैनात पुलिस जवानों ने तुरंत इसकी सूचना वरीय अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही भागलपुर रेंज के आईजी विवेक कुमार ने SSP प्रमोद कुमार यादव और नवगछिया SP राजेश कुमार को तत्काल प्रभाव से वाहनों की आवाजाही रुकवाने का निर्देश दिया।

आवाजाही रोकने के बाद पिलर और उसके आसपास का हिस्सा खाली करा लिया गया। आखिरकार, देर रात 1:10 बजे वो पिलर पाया पूरी तरह ध्वस्त होकर गंगा में विलीन हो गया। कार्यपालक अभियंता साकेत कुमार के अनुसार, मरम्मत के लिए भेजे गए प्राक्कलन पर मुख्यालय स्तर से निर्णय लिया जाना था और जल्द काम शुरू करने की योजना थी। हालांकि अब 133 नंबर पाये का स्लैब ध्वस्त हो जाने के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई है। ऐसे में संभावना है कि पुल की मरम्मत के लिए नए सिरे से विस्तृत प्राक्कलन तैयार किया जाएगा, ताकि आगे इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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