ऊना /सुशील पंडित : ऊना उपमंडल के कृष्णा नगर (कोटला कलां अपर) में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ भक्ति और श्रद्धा के माहौल में हुआ। कथा से पूर्व परम आचार्य Roshan Lal एवं कथा व्यास Sumit Bhardwaj के नेतृत्व में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा कृष्णा नगर से शुरू होकर संत बाबा बाल जी गेट और कोटला कलां के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए पुनः कृष्णा नगर में संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
कथा के प्रथम दिवस पर आचार्य सुमित भारद्वाज जी ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा बताते हुए कहा कि कथा केवल शरीर से नहीं बल्कि मन से सुननी चाहिए। उन्होंने “मन के हारे हार है, मन के जीते जीत” का संदेश देते हुए बताया कि मन ही बंधन और मुक्ति का कारण है। उन्होंने राधा नाम की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि सच्ची भक्ति और कथा श्रवण से मनुष्य का जीवन बदल सकता है और वह भक्ति मार्ग पर आगे बढ़ता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि दूसरों को दुख देना सबसे बड़ा पाप है और सच्चा आनंद केवल भजन और भक्ति में ही मिलता है। कथा के बाद श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर पवन शर्मा, रतन शर्मा, कुशल सिंह राणा, हिमांशु धीमान, विजय कुमार शर्मा और अन्य श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।