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Jalandhar News: बकरीद पर मुस्लिम भाईचारें ने मांगी सलामती और तरक्की की दुआ, देखें वीडियो

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Jalandhar News: बकरीद पर मुस्लिम भाईचारें ने मांगी सलामती और तरक्की की दुआ, देखें वीडियो

बढ़ती महंगाई और नीट के एग्जाम पर जमकर साधे निशाने

जालंधर, ENS: देशभर में आज बकरीद मनाई जा रही है। सुबह गुलाब देवी रोड पर स्थित मुस्लिम समाज के लोग ईदगाहों में इकट्ठा हुए और बकरीद की नमाज अदा की। इसमें एक दूसरे की सलामती और तरक्की की दुआ की गई। इसके बाद लोगों ने एक दूसरे को बधाई और शुभकामनाएं दी। इस दौरान मुस्लिम भाईचारे को ईद मुबारक करने सुशील रिंकू पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की। वहीं मुस्लिम भाईचारे ने कहा कि ईद पर देश की तरक्की को लेकर दुआ की गई और कहा गया कि हमारा देश दिन दोगुनी और रात चौगुनी तरक्की करें। हम आपस में भाईचारक सांझ को बढ़ाएं और सभी मिलजुल कर रहें। जब हम इकट्ठे होकर देश के काम करेंगे और देश की तरक्की के लिए अपना हिस्सा डालेंगे तभी हम विश्व गुरु बन सकते है। आज देश में धर्म के नाम पर नफरत पैदा की जा रही है। नीट के एग्जाम को लेकर कहा कि कोई भी व्यक्ति इप्लाईमेंट की बात नहीं करता, कोई भी नीट के एग्जाम को लेकर 22 लाख बच्चों के साथ खिलवाड़ होने पर बात नहीं करता, कोई भी महंगाई पर बात नहीं करता। एक झटके में गैस सिलेंडर के बढ़े दामों को लेकर बात नहीं की जा रही। छोटे व्यापारी बिल्कुल खत्म हो रहे है, ऐसे में उन पर कोई बात नहीं करना चाहता। स्ट्रीट वेंडर खत्म हो रहे है, उस पर कोई बात नहीं करना चाहता। इसकी वजह एक है कि राजनीतिक पार्टियां बढ़ी चतुराई से इन मुद्दों से हटाकर लोगों को धर्म पर डायवर्ट कर रही है। बकरीद पर सभी लोग फिर से भाईचारक सांझ को दोबारा से बनाए। दरअसल, नफरत को मोहब्बत ही खत्म कर सकती है। ऐसे में हम प्यार का पैगाम लेकर निकले है और प्यार बढ़ाने के लिए काम करेंगे। नफरत पर अगर किसी ने जीत हासिल की है तो मोहब्बत ने की है। उन्होंने कहा कि किसी भी पार्टी का नाम लिए बिना कहा कि प्रशासन कह रहा है कि नमाज नहीं पढ़ी जाएगी। लेकिन वह यह नहीं कह रही कि नीट का एग्जाम आगे से लीक नहीं होगा। एजुकेशन पॉलिसी को प्राईवेट और सरकारी में एक करेंगे ताकि गरीब परिवार का बच्चा भी पढ़ लिखकर आईएएस अधिकारी बन सकें। बता दें कि नमाज के बाद बकरे या अन्य जानवरों की कुर्बानी देने की परंपरा निभाते हैं। बकरीद को ईद-उल-अजहा के नाम से भी जानते हैं। यह मीठी ईद यानि ईद-उल-फितर के बाद मुसलमानों का दूसरा सबसे बड़ा त्योहार है। इस्लामिक कैलेंडर के ज़ुल-हिज्जा महीने के 10वें दिन बकरीद मनाई जाती है। इस दिन ही मक्का की हज यात्रा का समापन भी होता है। आज 28 मई को बकरीद की नमाज है, वहीं 28, 29 और 30 मई तीनों दिन कुर्बानी दी जाएगी। बकरीद को कुर्बानी वाली ईद भी कहते हैं। इसमें मुसलमान अपनी सबसे प्रिय वस्तु की कुर्बानी देते हैं और खुदा की बताई राह पर चलने की कोशिश करते हैं। इस दिन लोग बकरे या अन्य जानवरों की कुर्बानी देते हैं। बकरीद में कुर्बानी का सच्चा अर्थ अपने स्वार्थ, अहंकार, लालच और बुरी आदतों को छोड़कर सच्चा इंसान बनना है।

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