देश के सर्वोच्च सदन राष्ट्रपति भवन का भव्य दरबार हॉल इस दौरान बेहद भावुक और हृदयविदारक पल का गवाह बना जिसने वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीद सिपाही जंजाल प्रवीण प्रभाकर की मां जब अपने लाल का कीर्ति चक्र (मरणोपरांत) लेने मंच पर पहुंचीं तो उनका मातृत्व देश के सर्वोच्च सम्मान के गौरव और बेटे को खोने के असीम दर्द के बीच डगमगा गया। हाथ में कीर्ति चक्र थामे जैसे ही शहीद की मां की नजर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर पड़ी, उनका सब्र का बांध टूट गया और वे फूट-फूटकर रो पड़ीं। उन्होंने राष्ट्रपति के कंधे पर अपना सिर रख दिया और देश की प्रथम नागरिक ने भी प्रोटोकॉल की सीमाओं को परे रखकर एक मां के इस अथाह दर्द को गले से लगा लिया। राष्ट्रपति मुर्मू ने बेहद आत्मीयता से शहीद की मां को अपने गले लगाया, उनके आंसू पोंछे और उन्हें ढांढस बंधाया।View this post on Instagram