पठानकोटः हिमाचल की वादियों में जल्द ही फिर स्टीम इंजन दौड़ता दिखाई देंगा। दरअसल, 1990 के दशक में रेलवे की और से कोयले से चलने वाले स्टीम इंजनों को बंद कर दिया गया था। जिसके बाद ये सिर्फ किताबो में ही देखने को मिलते थे, लेकिन अब रेलवे विवाग की और से पंजाब से हिमाचल को जाने वाली ट्रेन के आगे स्टीम इंजन लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके चलते 1952 में बनाए गए स्टीम इंजन की मुरम्मत कर आज उसका ट्रायल रेलवे विवाग की और से लिया गया।
बताया जा रहा है कि जल्द ही हिमाचल की वादियों में ये स्टीम इंजन दौड़ते हुए नज़र आएगा। ये स्टीम इंजन पंजाब से हिमाचल के जोगिन्दर नगर तक की सैर करवाएगा। रेलवे विभाग का प्रयास है कि इस इंजेन के लगाने से पर्यटको की गिनती बढ़ेगी। इसी के साथ ही न्यू जनरेशन भी इन बंद हुए स्टीम इंजनों को देखकर अपना मनोरजन करेंगे। इस स्टीम इंजन को शुरू करने के लिए रेवाड़ी से इंजीनियर आएंगे।
इस बारे में बात करते हुए रेलवे विभाग में काम कर रहे नौजवानों ने कहा कि इस स्टीम इंजन के चलने से जहां पंजाब और हिमाचल का आपसी संपर्क ऐतिहासिक होगा, वहीं नई पीढ़ी को भी इस स्टीम इंजन के बारे में पता चलेगा। उन्होंने कहा कि यह स्टीम इंजन युवा पीढ़ी से पहले का है, जिसे उन्होंने कभी नहीं देखा था। अब इंजन शेड में यह स्टीम इंजन आया है, जिसका आनंद अब जल्द पर्यटक लेते हुए दिखाई देंगे।