‘एक श्याम शिव के नाम ‘ मे उमड़ा जन सैलाब, भोले के रंग में रंगे शहरवासी
सभा को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगवान परशुराम केवल एक समुदाय के नहीं बल्कि पूरी मानवता के प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम ने अन्याय, अत्याचार और शोषण के खिलाफ संघर्ष का संदेश दिया तथा ज्ञान और शक्ति के संतुलन का आदर्श प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, “भगवान परशुराम शास्त्र और शस्त्र दोनों के प्रतीक हैं। उनका जीवन हमें सिखाता है कि समाज में अन्याय, भेदभाव और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाना हमारा कर्तव्य है। उनके आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने हजारों वर्ष पहले थे।” केजरीवाल ने कहा कि पंजाब की धरती हमेशा संतों, गुरुओं और महापुरुषों की शिक्षाओं पर चलती रही है। पंजाब सरकार भी सामाजिक सद्भाव, भाईचारे और धार्मिक सौहार्द को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
युवाओं को शिक्षा और कौशल से सशक्त बना रही सरकार
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जिस प्रकार भगवान परशुराम ज्ञान के प्रतीक थे, उसी प्रकार पंजाब सरकार भी युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरकारी स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ युवाओं को रोजगार योग्य बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है।पहली बार राज्य स्तर पर मनाई गई भगवान परशुराम जयंती
केजरीवाल ने कहा कि वर्ष 2025 में पहली बार पंजाब सरकार ने भगवान परशुराम जयंती को राज्य स्तर पर मनाने की शुरुआत की थी। इसके अलावा अप्रैल 2026 में पहली बार हिंदू नववर्ष का राज्य स्तरीय आयोजन भी किया गया। उन्होंने बताया कि अमृतसर स्थित भगवान वाल्मीकि आश्रम के लंबित विकास कार्यों को भी सरकार ने 25 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर पूरा कराया है।