6 नंबर चक्की में 11 जून को 2 बजे से लेकर 6 बजे तक गलत काम हुआ है, ये कौन थे हमको इसका नहीं पता है। मैंने सुपरिडेंट, डिप्टी सभी को बताया कि एक लड़का और लड़की गलत काम कर रहे थे। बाद में हमको न बोलना। लेकिन मेरे को नहीं पता था ये इतनी बड़ी अफसर हैं मैं नहीं बोलता। अफसर तगड़ी है जो बाहर से मुलाजिम बुलाकर अंदर कुटवा रही है। ये देखलों मेरे गेट तोड़ने की कोशिश की गई, यहां कैमरा लगा हुआ है। मैंने खून के साथ भी लिखा आज हमें ये मारे गए हमें बचाया जाए। कोई भी आगे नहीं आया। बेनती है जनाब हमारे गोली मरवादो, कोई प्रोग्राम बनाओ कोई भाषा सिखाओ यहां व्यस्त रहे। यहां पर अगर कोई सुधरना चाहता है तो वह गलत लोगों के साथ ही रहेगा। मेरा दिमाग इतना खराब हुआ पड़ा है मेरे को गुरु ग्रंथ साहिब की कसम मैं मरने से नहीं डरता। मेरे पर तड़के गोली चला दो हुनें गोली चलादो मैं मरने से नहीं डरता। ऐसी जिदंगी नहीं काटी जा सकती। मैं पहले कपूरथला मेें था। वहां पर सुपरिडेंट शामलाल ज्योति उसके फोन बेचता अरुण (अनु) वह 2 लाख में फोन बेचता और साथ गरीबों को पीटता। मैंने सुपरिडेंट साहब को कहता 20 दिन हमे 2 जाने को बंद रखा तीन जाने को उसमें एक जवाक 20 साल का नवप्रीत नवी ठीक है। पुलिस ने उसको पीट-पीट ओ हाल करता बाद में जेल बरेक का पर्चा डाला झूठा। आप उससे मिलकर देख ले क्या आपको वह गैंगस्ट लगता। 20 साल की उम्र में जिसने इतना कुछ झेल लिया वह सही जगह जाएगा। जनाब जो सुधरना चाहते है उन्हें सुधरने दो। ऐसे अफसरों से हमारा खैड़ा छुड़ाओ। रोज हमे रिमांड पर ले जाते है। काम दो, पिस्तौल दो, बंदे पकड़वा दो रोज-रोज कैसे बंदे पकड़वादे। किसकी मां का पुत्त मरवा दिए। सुनो साडी गल जनाब, सुनो आह देखलो किना ऊंची मैं बोली जाना, ऐथे पांच मुलाजिमा की ड्यूटी है। आता कोई यहां पर। इससे पहले गेट पट्टी जा रहे थे। मैं खून के साथ लिख दिया। मेरे बेनती है हमारा मेडिकल करवाया जाए तड़के। हमारे पर बहुत शीदत हुया या सानू गोली मार दीती जावे। हम बिल्कुल नहीं डरते। चार दिन से मुझे सोने नहीं दिया गया। सीसीटीवी यहां लगे है चेक कर लिए जाए। सिर्फ बातें ही है युद्ध नशे के विरुद्ध। गैंगस्टरों क्या आपने सुधारना आप हमको आतंकवादी बनाना चाहते है।View this post on Instagram